बड़वानी(नईदुनिया प्रतिनिधि)।

शहर से सटी भीलखेड़ा पंचायत में गुरुवार दोपहर ग्राम सभा का आयोजन हुआ। इस दौरान आवास-शौचालय सहित मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। सभा का बहिष्कार कर सहायक सचिव को घेरकर अपनी भड़ास निकाली और ग्राम में विकास के साथ ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की। इस दौरान पंचायत के जिम्मेदार चुप्पी साधे नजर आए। शहर से सटकर वर्षों पूर्व बसी भीलखेड़ा बसाहट में अब तक सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभुत सुविधाओं का अभाव है।

जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर पंचायत भवन परिसर में हुई ग्राम सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला व पुरुष पहुंचे। इस दौरान पंचायत सहायक सचिव को दरी बिछाकर साथ में बैठाया और सवालों की झड़ी लगा दी। ग्रामीणों का मुख्य मुद्दा आवास योजना का लाभ नहीं मिलना बताया। दोपहर दो बजे तक सभा में ना तो सरपंच पहुंचे और ना ही प्रशासन की ओर से नोडल अधिकारी आए। बता दें कि शहर के राजघाट रोड पर किनारे से सटकर बसी बसाहट में तीन हजार की आबादी है। इसमें से अब तक नाम मात्र के लोगों को शौचालय व आवास का लाभ मिला है।

डूब प्रभावित बताकर नहीं देते लाभ

राजेंद्र अवास्या ने बताया कि ग्राम सभा 24 जनवरी को रखी थी। जबकि उसकी कोई सूचना नहीं मिलने पर गुरुवार की तारीख तय की गई। गुरुवार को सभा मजाक बनकर रह गई। सहायक सचिव व मंत्री नहीं आए। मंत्री कैलाश कन्नाौजे की मौजूदगी में लोग बैठे और सहायक सचिव शक्तिसिंह कन्नाौजे को फोन लगाकर बुलाना पड़ा। ग्रामीणों की मांग व सवालों का उनके पास कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में ग्रामीणों ने सभा का बहिष्कार किया। अवास्या ने बताया कि सचिव से जब भी आवास की मांग करी, तो वो कहता है, तुम डूब प्रभावित हो, शासन ने मुआवजा-प्लाट दे दिया हैं। जबकि ग्राम में काश्ताकारों को लाभ दिया जा रहा है। वहीं ग्राम में एक वर्ग को ही आवास लाभ मिल रहा है। पिछड़ा वर्ग व अन्य वर्ग की 30 से 35 प्रतिशत आबादी को नजर अंदाज किया जा रहा है।

पंचायत के लिए हम सिर्फ वोटर हैं

धनगर समाज के ग्रामीण अध्यक्ष गोपाल धनगर ने बताया कि बताया कि वो 10 वर्ष से पंचायत में रह रहे हैं। ना तो पंचायत ने गांव का विकास किया है और ना ही लोगों को योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है। ग्रामीण सिर्फ वोट लेने के लिए जरुरत बन गए हैं। अब ग्रामीण जागरुक हो चुके हैं। विकास नहीं तो वोट नहीं की तर्ज पर अपना हक-अधिकार लेंगे। ग्राम सभा भी औपचारिकता बनकर रह गई। सरपंच-सचिव ने आना जरुरी नहीं समझा। वहीं जनपद की ओर से नोडल अधिकारी भी नहीं पहुंचे। सभा के दौरान जनपद पंचायत के भवन के दरवाजे पर ताला लगा मिला। इसको लेकर सहायक सचिव अपना बचाव करते नजर आए।

176 में से 18 को मिला है लाभ

सहायक सचिव शक्तिसिंह कन्नाौजे ने बताया कि बसाहट-गांव की तीन हजार की आबादी है। गुरुवार को ग्राम सभा हुई। मुख्य रुप से आवास योजना को लेकर ग्रामीणों की मांग रही। करीब 176 लोगों के आवेदन योजना में जोड़े हैं। अब तक 18 लोगों को लाभ मिला है। उच्च स्तर से आवास मिलता हैं, हम उसमें कुछ नहीं कर सकते। पंचायत में ताला नहीं लगा था। जो भवन है, उसमें पुलिस विभाग का सामान रखा है, वहां ताला लगा था। पंचायत का छोटा कक्ष खुला था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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