- जनप्रतिनिधियों ने भी की शिकायत, एक माह से खेतिया-पानसेमल क्षेत्र में तेंदुए के आतंक का

-ग्राम जुनापानी में वन विभाग ने लगाए दो पिंजरे

बड़वानी। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले के पानसेमल वन परिक्षेत्र में पिछले एक माह से तेंदुए का आतंक है। शुक्रवार को नरभक्षी तेंदुए ने ग्राम जुनापानी में महिला का शिकार कि या। शनिवार को वन विभाग की टीम ने जुनापानी में घटनास्थल सहित एक अन्य जगह पर तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है। शनिवार को जनप्रतिनिधियों सहि अन्यजनों ने नरभक्षी तेंदुए को पकड़ने को लेकर ज्ञापन सौंपे। ग्रामीण दहशत में हैं।

22 जुलाई से अब तक तेंदुआ दो लोगों का शिकार कर चुका है। 3 अगस्त को वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ पकड़ा जा चुका है। 20 दिन बाद शुक्रवार को तेंदुए ने जुनापानी में वनीबाई (55) पति कांतिलाल का शिकार कि या। शनिवार को आदिवासी एकता परिषद के बैनर तले ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें बताया कि शुक्रवार सुबह 9 बजे ग्राम जुनापानी के ग्रामीणों ने तेंदुआ देखे जाने की सूचना वन विभाग को दी थी, लेकि न विभाग ने त्वरित कार्रवाई नहीं की। समय रहते कार्रवाई की जाती तो महिला की जान बच जाती। इस दौरान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष दिलीप शितोले आदि ने भी अधिकारियों से चर्चा कर तेंदुए को तुरंत पकड़ने की मांग की। उधर भाजपा के पूर्व विधायक दीवानसिंह पटेल, लोके श शुक्ला आदि ने भी नरभक्षी तेंदुए को पकड़ने को लेकर एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।

इंदौर से फिर आया बचाव दल

वन विभाग द्वारा तेंदुए को पकड़ने के लिए जुनापानी में दो पिंजरों सहित ग्राम कानसूल व आमदा में एक-एक पिंजरा लगाया गया है। जहां भी तेंदुए की गतिविधि देखी जा रही है, वहां ट्रैप कै मरे लगाए जा रहे हैं। शनिवार दोपहर में इंदौर का बचाव दल भी पहुंचा। पानसेमल सहित सेंधवा वन विभाग की टीम तैनात है। वन विभाग ने अब टीमों को निर्धारित स्थान पर लगातार 24 घंटे तैनात रहने की व्यवस्था की है। ग्रामीणों को टीमों के नंबर दिए जा रहे हैं, ताकि तेंदुए की हलचल दिखते ही तुरंत सूचित कर सके । पानसेमल रेंजर मंगेश बुंदेला ने बताया कि तेंदुए की गतिविधि सुबह अधिक होती है। इसलिए रविवार सुबह से तेंदुए को बेहोश करने वाली गन लेकर सर्च कि या जाएगा।

24बीएआर-52पानसेमल में ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से तेंदुए को जल्द पकड़ने के लिए चर्चा की।

24बीएआर-61ग्राम जुनापानी में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया।