मुलताई (नवदुनिया न्यूज) नगर के सरकारी मोंग्या नाले पर वर्षों बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रशासन कर रहा है। राजस्व विभाग ने जगह चिन्हित कर चूना डाला है जिससे अतिक्रमणकारी को ही अतिक्रमण हटाने का कहा गया है। अतिक्रमणकारी द्वारा बुलडोजर से नाले से मुरूम निकाली तो जा रही है लेकिन चूने की लाईन तक मुरूम हटाने में कोताही बरती जा रही है। फिलहाल वहां निर्मित भवन के सामने से पूरा अतिक्रमण चिन्हित किया गया है लेकिन एक तरफ से ही मुरूम हटाई जा रही है। अतिक्रमण हटाने में विलंब भी किया जा रहा है जबकि प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की समय सीमा भी निर्धारित की गई है। अतिक्रमण हटाने के दौरान उक्त स्थल पर कोई प्रशासनिक अधिकारी भी मानिटरिंग करने के लिए नजर नहीं आ रहा है इसलिए सब अतिक्रमणकारी के अनुसार ही चल रहा है। अतिक्रमण स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि धीमी र तार से कार्य चल रहा है यदि तेज बारिश होती है तो नाले का मार्ग अवरूद्ध होने से आगे के खेतों में पानी भरा सकता है जिसमें किसान बोवनी कर चुके हैं। एैसी स्थिति में किसानों के सामने समस्या खड़ी हो सकती है। फिलहाल सरकारी जमीन सहित नाले के बहाव में आने वाली निजी भूमि से भी मुरूम हटाने का कार्य किया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सरकारी भूमि पर चिन्हित पूरा अतिक्रमण हटाना आवश्यक है।

पुल निर्माण के समय डायवर्शन से नहीं हटाया था मलबाः

वर्ष 1995 में मोंग्या नाले पर बड़े पुल का निर्माण किया गया था जिसमें वाहनों के निकलने के लिए डायवर्शन मार्ग बनाया गया था। पुल निर्माण के बाद डायवर्शन मार्ग से मलबा नहीं हटाने से नाला सरकारी की जगह निजी भूमि से बहने लगा था । कामथ निवासी रामदास साहू ने बताया कि यदि उस समय डायर्वशन मार्ग से मलबा हटा दिया जाता तो नाला सरकारी भूमि से ही बहता रहता लेकिन नाले की दिशा परिवर्तन होने से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर लिया गया। हालांकि यदि प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में अतिक्रमण आने पर हटाया भी जा सकता था लेकिन अतिक्रमण हटाने में तत्कालीन अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरतने से पूरे नाले की जगह पर भी अतिक्रमण कर लिया गया जिससे नाले का प्राकृतिक स्वरूप भी बिगड़ गया था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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