बैतूल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के भीमुपर विकासखंड में आने वाले ग्राम पाथरी की शासकीय उचित मूल्य दुकान से गरीबों को राशन न देने वाले विक्रेता को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के द्वारा एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है।

शासन की ओर से पैरवी करने वाले सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि 26 सितंबर 2010 को सहायक आपूर्ति अधिकारी रामसिंग एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी बैतूल के साथ ग्राम पाथरी विकास खण्ड भीमपुर में जाकर एपीएल राशन कार्ड धारियों से जाकर पूछताछ कर जांच की गई ।जांच में पाया गया कि शासकीय उचित मूल्य की दुकान ग्राम पाथरी से एपीएल मद का गेंहू राशनकार्ड धारक को प्राप्त नहीं होता है। उचित मूल्य पातरी के लिए 10 जून 2010 को 10 क्विंटल, 24 जुलाई 2010 को 12 क्विंटल व 19अगस्त 2010 को 24 क्विंटल गेंहू पंहुचाया गया था। विक्रेता द्वारा वितरण नहीं किया जाना पाया गया था। विक्रेता द्वारा जांच में विक्रय पंजी जानबुझकर प्रस्तुत नहीं की गई। मात्र स्टाक पंजी में दर्ज गेंहू की मात्रा फर्जी विक्रय दर्ज किया जाना पाया गया। जांच में ग्राम पातरी के कार्ड धारक के राशन कार्ड प्राप्त किए गए। राशन कार्ड धारियों ने बताया कि माह अप्रैल 2010 से सितंबर 2010 तक ए.पी.एल. गेंहू दुकान से नहीं मिला है। सहायक आपूर्ति अधिकारी रामसिंग द्वारा जांच प्रतिवेदन तैयार किया गया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर बैतूल के आदेश दिनांक 11 अक्टूबर 2010 के पालन में सहायक आपूर्ति अधिकारी रामसिंग द्वारा शासकीय उचित मुल्य दुकान विक्रेता लक्ष्‌मण उर्फ लखन टुकड़ू के विरूद्ध थाना चिचोली में अपराध पंजीबद्ध कराया गयज्ञ। पुलिस ने प्रकरण में नुसंधान उपरांत अभियोग पत्र तैयार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। विचारण में अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया। इस पर न्यायालय ने लक्ष्‌मण उर्फ लखन टुकड़ू (48) को धारा 3/7 आवश्यक अधिनियम के अपराध का दोषी पाते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास एवं 2000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित करने का फैसला सुनाया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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