निजी अस्पतालों के वेंटीलेटर जिला अस्पताल को उपलब्ध कराए जाएंगे

कलेक्टर ने मकान मालिकों को निजी क्षेत्र के स्वास्थ्यकर्मियों से इस माह किराया नहीं मांगने एवं मकान खाली नहीं कराने के दिए निर्देश

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बैतल। बैठक को संबोधित करते कलेक्टर।

बैतूल। नवदुनिया न्यूज

कोरोना संक्रमण के विरूद्ध लड़ाई लड़ने में जिला प्रशासन के साथ जिले के निजी अस्पताल/नर्सिंग होम संचालक एवं निजी चिकित्सक भी पूरी शिद्दत के साथ आगे आए हैं। मंगलवार को कलेक्टर राकेश सिंह के साथ निजी चिकित्सालय व नर्सिंग होम संचालकों एवं निजी चिकित्सकों की बैठक में सभी ने इस लड़ाई में जिला प्रशासन का कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने का आश्वासन दिया। साथ ही निर्णय लिया गया कि जिला चिकित्सालय जो कि कोविड-19 अस्पताल के रूप में घोषित है, उसे पूरी तरह आवश्यक उपकरणों से तैयार रखा जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के निजी अस्पतालों के लगभग 15 वेंटीलेटर उपलब्ध कराए जाकर जिला अस्पताल में एक पृथक ईकाई के रूप में लगाए जाएंगे। बैठक में विधायक डॉ. योगेश पण्डाग्रे, पुलिस अधीक्षक डीएस भदौरिया सहित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमएल त्यागी, अपर कलेक्टर जेपी सचान, स्वास्थ्य अधिकारी एवं निजी चिकित्सालय व नर्सिंग होम संचालक व डॉक्टर्स मौजूद थे।

बैठक में तय किया गया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के संबंध में आवश्यकता पडे पर जिले के समस्त निजी चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। जो चिकित्सक यह सेवाएं देंगे, वे नगर में होटल अधिग्रहित कर ठहराए जाएंगे। बैठक में किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में वेंटीलेटर सहित अन्य सभी उपकरण-सहायक उपकरण तथा दवाइयों की उपलब्धता एवं इनके उपार्जन के संबंध में भी चर्चा हुई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि उपरोक्त समस्त जरूरतें आवश्यकता पडे पर उपलब्ध रहेगी। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीसी चौरसिया ने बताया कि कोरोना पॉजीटिव मरीजों के इलाज के लिए चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा पहने जाने वाली सुरक्षा ड्रेस (पीपीई) अभी जिले में 110 नग से अधिक उपलब्ध है, आवश्यक मटेरियल बुलवाकर आगामी एक सप्ताह में इनको स्थानीय स्तर पर तैयार करवाया जाएगा। यह ड्रेस सभी निजी अस्पतालों को भी प्रदान की जाएगी। बैठक में कलेक्टर के ध्यान में यह मुद्दा लाया गया कि निजी चिकित्सालयों में कार्य करने वाले नर्सिंग व सहायक स्टाफ जो नगर में विभिन्ना स्थानों पर किराए के मकान में रहते हैं, ऐसे लोगों को कुछ मकान मालिकों द्वारा आवास खाली करने के लिए कहा जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 व दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अंतर्गत इस तरह का कृत्य पूर्णतः प्रतिषेध है। ऐसे मकान मालिकों पर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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