मुलताई (नवदुनिया न्यूज )। क्षेत्र में इन दिनों हरे-भरे पेड़ काटकर उन्हें आरामशीन पहुंचाने का काम धड़ल्ले से चल रहा है। आरामशीन संचालकों एवं बिचौलियों जमकर फायदा उठाया रहे हैं। कभी मेड़ बनाने तो कभी हवाओं के कारण पेड़ गिरने का कारण बताकर खुलेआम पेड़ों को काटा जा रहा है तथा गीली लकड़ियों को रातों रात ठिकाने भी लगा दिया जा रहा है। इससे पर्यावरण को क्षति तो पहुंच ही रही है वहीं लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद हो रहे हैं। इधर हरे पेड़ों की कटाई के बावजूद राजस्व एवं वन विभाग कड़ी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सांडिया सहित आसपास इन दिनों हरे पेड़ों की कटाई चल रही है। कुछ बिचौलियों द्वारा किसानों को प्रलोभन देकर आरामशीन संचालकों से सांठ-गांठ कर हरे पेड़ कटवाए जा रहे हैं। रात में ट्रैक्टर ट्रालियों सहित मेटाडोर में भरकर गीली लकड़ियां आरामशीन में पहुंचाई जा रही है।
मेड़ बनाने काट दिए हरे भरे पेड़ः
सांडिया के पास स्थित एक खेत में किसान ने मेड़ बनाने के नाम पर एक साथ वर्षों पुराने कई हरे-भरे पेड़ काट दिए। उक्त स्थल से कई गाड़ियां भरकर लकड़ियां एक बिचौलिए ने मुलताई की आरामशीनों पर भिजवाई। मौके पर कटे हुए पेड़ों के अवशेष जहां साफ नजर आ रहे थे वहं खंती खोदकर उसमें भी गीली लकड़ियां दबाई जा रही थी।
ईट भट्टों पर भी पहुंचाई जा रही लकड़ियां:
नगर सहित आसपास के गांवों में लकड़ियों के माफिया सक्रिय हैं। जिन्हें पूरे क्षेत्र की जानकारी रखने के साथ ही आरामशीन एवं ईंट भट्टों के संपर्क में रहते हैं। ऐसे बिचौलिए किसानों को प्रलोभन देकर हरे भरे पेड़ों की कटाई कर रहे हैं। मुलताई सहित आष्टा एवं अन्य गांवों में कई बिचौलिये फिलहाल पूरे क्षेत्र में सक्रिय हैं।
राजस्व एवं वन विभाग को है कार्रवाई का अधिकार
ग्रामीण अंचलों में बिना अनुमति के हरे भरे पेड़ काटने पर राजस्व विभाग कार्रवाई करता है। लकड़ियों का परिवहन करने पर वन विभाग कार्रवाई करता है। लंबे समय से नगर सहित क्षेत्र में दोनों ही विभागों ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
यदि बिना अनुमति के हरे-भरे पेड़ काटकर लकड़ियां बेची जा रही है, तो उस पर जुर्माने का प्रावधान है। भूमिस्वामी स्वयं के उपयोग के लिए बबूल आदि के पेड़ काट सकते हैं।
सुधीर जैन, तहसीलदार मुलताई
हरे-भरे पेड़ काटकर लकड़ियों का परिवहन किया जा रहा है अथवा वाहन में गीली लकड़ियां पकड़ाती है तो वन विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती है।
अमित साहू, रेंजर वन विभाग मुलताई।
Posted By: Nai Dunia News Network
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