बैतूल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। व्यापारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के आह्वान पर जिले के व्यापारियों ने भी एकजुटता दिखाई और शुक्रवार को अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध जताया। जीएसटी के प्रावधानों की समीक्षा की मांग को लेकर बुलाए गए बंद के कारण बड़ी दुकानों से लेकर चाय-पान की गुमठियां तक बंद रहीं। सुबह से ही व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी शहर में लगातार भ्रमण करते रहे ताकि कोई दुकान न खुल सके।

कैट जीएसटी के नए प्रावधानों को बेहद खतरनाक बताते हुए इसका विरोध कर रहा है। बार-बार अनुरोध के बावजूद सरकार ने इन प्रावधानों को वापस नहीं लिया। इसे देखते हुए भारत बंद का आह्वान किया गया था। सभी व्यापारी संगठनों का इस बंद को व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ। इसी का नतीजा रहा कि यह बंद पूरी तरह से सफल रहा। सुबह से ही व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान नहीं खोले और इन प्रावधानों के प्रति अपना विरोध प्रदर्शित किया। एक दिन पहले ही व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने बाजार में पहुंचकर सभी दुकानदारों से बंद को समर्थन प्रदान करने का अनुरोध किया था। यही कारण है कि शुक्रवार को कोई भी दुकान नहीं खुली।

बंद को जनरल एवं किराना व्यापारी संघ, कपड़ा एवं रेडीमेट व्यापारी संघ, अनाज एवं तिलहन व्यापारी संघ, सराफा व्यापारी संघ, खाद एवं बीज विक्रेता संघ, औषधि विक्रेता संघ, मोबाइल विक्रेता संघ, डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन, टिंबर व्यापारी संघ, सीमेंट एवं लोहा व्यापारी संघ सहित जिले के सभी व्यापारी संगठनों ने समर्थन दिया था। इसी का परिणाम रहा कि सुबह से देर शाम तक शहर में बाजार पूरी तरह से बंद रहा। कैट के अध्यक्ष मनोज भार्गव, बंटी मोटवानी, संजय पगारिया, राजेंद्र काबरा, मनीष खंडेलवाल, बिट्टू बोथरा, मनोज मेहता, राजेश मदान, पवन आहूजा, प्रकाश आहूजा, श्रीकांत अग्रवाल, भागचंद तातेड़, राजकुमार अवस्थी, मुकेश अगनानी, हेमंत पगारिया, मुकेश खंडेलवाल सुबह एकत्रित हुए और दिन भर पूरे बाजार का भ्रमण करते रहे। सभी व्यापारी सुबह सांसद दुर्गादास उइके के निवास पर पहुंचे और उन्हें राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जीएसटी के विसंगतिपूर्ण प्रावधानों को वापस लिए जाने की मांग की गई है। जिला मुख्यालय पर सभी पेट्रोल पंप दोपहर तक बंद रहे। कई वाहन चालक पेट्रोल के लिए परेशान होते दिखाई दिए। रास्ते में ही वाहन पेट्रोल खत्म होने के कारण वाहनों को धक्का देकर पैदल चलते हुए पेट्रोल पंप तक लाया, लेकिन पंप बंद होने के कारण उनके हाथ निराशा लगी। दोपहर बाद पेट्रोल पंप शुरू होने से लोगों को राहत मिल गई। हालांकि बंद के दौरान दवा दुकानें खुली रहीं।

मुलताई में सफल रहा बंदः

बाजार बंद के आह्वान का मुलताई में व्यापक असर देखने को मिला। शत प्रतिशत व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध जताया। व्यापारी मोनू खण्डेलवाल ने बताया कि शुक्रवार को जीएसटी में इस वर्ष किए गए जटिल परिवर्तन को लेकर कैट द्वारा भारत बंद का आह्वान किया गया था। इसके तहत मुलताई नगर में भी दुकानें शाम तक बंद रहीं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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