मुलताई (नप्र)। लॉकडाउन खुलने के बावजूद ग्रामीण अंचलों में जाने के लिए बसों का टोटा बना हुआ है। वर्तमान में सिर्फ लंबे रूट की सीमित बसें चल रही है, वहीं ग्रामीण अंचलों से आने एवं जाने के लिए बसें चालू नहीं होने से बस स्टैंड पर भी रौनक नहीं है। महाराष्ट्र की ओर जाने आने वाली बसों को अनुमति नहीं है वहीं छिंदवाड़ा, बैतूल, पांढूर्णा, भोपाल एवं इंदौर की ओर बसें चल रही हैं जिसमें अधिकांश रात में लंबे रूट की बसें हैं। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को आवागमन करने में परेशानी हो रही है। बताया जा रहा है कि आगामी एक जुलाई से ही ग्रामीण अंचलों की सभी बसें प्रारंभ हो सकती हैं। नगर से पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी संख्या में निजी बसें संचालित होती हैं लेकिन लॉकडाउन लगने से बसें बंद हो गईं। लॉकडाउन खुलने के बावजूद निजी बस संचालकों द्वारा बसें प्रारंभ नहीं की गई है जिससे ग्रामीणों को निजी साधनों से ही आवागमन करना पड़ रहा है। हालांकि एक दो दिनों से आठनेर मासोद मार्ग की कुछ बसें प्रारंभ हुई हैं वहीं खेड़लीबाजार, मोरखा, बोरदेही, छिन्दी, माथनी, रिधोरा, सर्रा, हेटी सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में बसें प्रारंभ नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि पूरी तरह से लॉकडाउन नहीं खुलने से वर्तमान में बसों के धंधे नहीं हैं ऐसी स्थिति में यदि बसें प्रारंभ भी होती है तो अपेक्षित धंधा नहीं मिलता जिससे निजी बस संचालकों को नुकसान होगा। बस संचालकों के अनुसार यदि एक बार बसें प्रारंभ कर दी तो खर्चो का तो मीटर घूमने लगता है लेकिन उस हिसाब से धंधा नहीं होता जिससे जब तक पूर्ण रूप से लॉकडाउन नहीं खुलता तब तक बसें प्रारंभ करना घाटे का सौदा होता है।

आटो एवं छोटे वाहन ढो रहे सवारियां:

ग्रामीण अंचलों में बसें बंद होने से आटो सहित छोटे पिकअप एवं अन्य मालवाहक वाहन भी सवारियां ढो रहे हैं। जिन ग्रामीणों के पास निजी वाहन नहीं हैं उन्हे ऐसे वाहनों से ही आवागमन करना पड़ रहा है। फिलहाल बोवनी का समय होने से ग्रामीणों को बार-बार कृषि के सामान लेने नगर आना जाना पड़ रहा है ऐसी स्थिति में आटो सहित अन्य वाहनों से ही आवागमन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पूरे क्षेत्र में आटो से सवारियां ढोई जा रही हैं वहीं मालवाहक भी सवारियां ढोने में पीछे नहीं हैं। इसके अलावा दुपहिया वाहनों से बड़ी संख्या में ग्रामीण आवागमन कर रहे हैं।

बसें बंद होने से आवश्यक कामकाज प्रभावितः

ग्रामीण अंचलों में बसें प्रारंभ नहीं होने से ग्रामीणों के आवश्यक कामकाज प्रभावित हो गए हैं। बारिश के पूर्व ग्रामीणों द्वारा विभिन्ना तैयारियां की जाती है जिसमें मकान सुधारने के सामान से लेकर बारिश से बचने के लिए भी विभिन्ना सामान की खरीदी की जाती है। आवागमन के साथ-साथ बसों से सामान भी ग्रामीण अंचलों में पहुंच जाता है जो सस्ता एवं सुलभ साधन है। लेकिन बसें बंद होने से ग्रामीणों को विभिन्ना परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे पूर्ण लॉकडाउन खुलने की राह देख रहे हैं ताकि ग्रामीण अंचलों की बसें प्रारंभ हो जिससे उनके रूके हुए काम हो सकें।

बस स्टैंड पर रौनक नहीं, व्यवसाय प्रभावितः

नगर के बसस्टैंड पर लंबे रूट की बसों सहित ग्रामीण अंचलों में चलने वाली बड़ी संख्या में बसों के कारण गहमा गहमी रहती है। लॉकडाउन लगने से बसें बंद होने के बाद अब लंबे रूट की बसें तो चल रही हैं लेकिन ग्रामीण अंचलों की बसें बंद हैं जिससे ग्रामीण बसस्टैंड नहीं आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में बस स्टैंड पर भी रौनक नजर नहीं आ रही है। बसें बंद होने से यात्रियों की बदौलत धंधा करने वाले दुकानदारों का भी व्यवसाय प्रभावित है। हालांकि बस स्टैंड पर होटलों सहित विभिन्ना सामानों की दुकानें तो खुल रही हैं लेकिन यात्री नहीं होने से ऐसे व्यवसायियों का नाममात्र का धंधा हो रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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