बैतूल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के तीन विकासखंडों के बाद अब बैतूल विकासखंड के गांवों में भी पशुओं को लंपी वायरस अपनी चपेट में लेने लगा है। बैतूल के पास भयावाड़ी गांव में कई पशु इससे बीमार हो गए हैं। पशु चिकित्सा विभाग का दावा है कि लगातार टीकाकरण किया जा रहा है। अब तक जिले के 124 गांवों में लंपी वायरस के कारण 895 पशुओं के बीमार हो चुके हैं जबकि 13 की मौत भी हुई है। बैतूल, शाहपुर, भैंसदेही और भीमपुर विकासखंड के गांवों में लंपी वायरस तेजी से फैल रहा है। बैतूल के समीप ग्राम भयावाड़ी के किसान बंटी वर्मा ने बताया कि गांव में अब लंपी वायरस का प्रकोप तेज हो गया है। सोमवार को ग्राम के योगेश की गाय को वायरस ने अपनी चपेट में ले लिया। इसकी सूचना पशु चिकित्सा विभाग को दी गई है। जिले में लंपी वायरस के कारण भीमपुर और भैंसदेही विकासखंड में सबसे अधिक पशुओं के बीमार होने की जानकारी सामने आ रही है। पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डा. विजय पाटिल ने बताया कि अब तक 124 गांवों में पशुओं के लंपी वायरस से पीड़ित होने की जानकारी सामने आई है। विभाग के द्वारा प्रभावित गांवों के पांच किलोमीटर के क्षेत्र में मौजूद पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। अब तक 8752 पशुओं को टीके लगाए जा चुके हैं। लंपी वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए कलेक्टर ने जिले में पशु बाजार पर प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही जिले में पशुओं के परिवहन, दूसरे राज्यों से पशुओं के प्रवेश और जंगल में चराई पर भी पाबंदी लगाई है। डा. पाटिल ने पशुपालकों को सलाह दी है कि लंपी रोग से प्रभावित पशुओं को अलग रखें। मक्खी, मच्छर, जूं आदि को मारने के लिए दवा का छिड़काव करें। पशु की मृत्यु होने पर शव को खुला न छोड़ें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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