Betul News: बैतूल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। सड़कों के निर्माण में हुई तकनीकी गड़बड़ी और उसके बाद सुरक्षा के उपाय न किए जाने से अधिकांश दुर्घटनाएं होती हैं। जिम्मेदार विभागों के द्वारा सुधार करने की जहमत तक नहीं उठाई जा रही है। यह स्थिति जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग, राजमार्ग और जिला स्तरीय मार्गों पर 'नवदुनिया' द्वारा सड़क सुरक्षा अभियान के तहत 350 किमी लंबाई में किए गए आडिट के दौरान सामने आई है। तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी में किए गए आडिट में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए छोटे-छोटे प्रयास करने का सुझाव भी दिया गया है।

विधायकों ने दिया आश्वासन

जिले के विधायकों ने भी स्वीकार किया है कि अधिकांश हादसों के पीछे सड़क पर सुरक्षा के साधनों का अभाव ही प्रमुख कारण रहता है। मुलताई विधायक सुखदेव पांसे से अक्षय सोनी के द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर चर्चा की। विधायक पांसे ने बताया कि फोरलेन पर कई ऐसे स्थल हैं जहां लगातार दुर्घटना होने के बावजूद एनएचएआई ने डेंजर जोन घोषित नही किया है। ऐसे स्थलों को सबंधित विभाग के संज्ञान में लाकर वहां तकनीकी तौर पर सुधार कार्य कराए जाएंगे ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके।

इन उपायों से कम हो सकते हैं हादसे

विधायक पांसे ने कहा कि परमंडल जोड़ से लेकर खंबारा टोल नाके तक कई स्थल ऐसे हैं जहां भीषण दुर्घटनाएं हुई हैं । फोरलेन मार्ग निर्माण के समय उनके द्वारा मोही पर ब्रिज का मामला रख कर निर्माण कराया गया जिसका लाभ ग्रामीणों को मिला। इसके अलावा वीआईपी स्कूल के सामने दुर्घटनाएं होने से वहां क्रासिंग बंद कराई गई। उन्होंने कहा कि स्टेट हाइवे छिंदवाड़ा मार्ग पर भी दुर्घटनाएं होती है जहां संकेतक का अभाव है इसलिए वे प्रमुखता से दुर्घटना स्थलों के पास संकेतक लगाने का विभाग से कहेंगे। उन्होंने कहा कि फोरलेन मार्ग पर जगह जगह डिवाइडर तोड़ कर लोग मार्ग क्रास कर रहे हैं जो खतरनाक है। विभाग द्वारा ऐसे टूटे डिवाइडर की तत्काल मरम्मत करना चाहिए ताकि लोग कहीं से भी रोड क्रास नही कर सकें।

तय नहीं की जाती जवाबदेही

घोड़ाडोंगरी के विधायक ब्रम्हा भलावी ने सचिन शुक्ला से हुई चर्चा में 'नवदुनिया' के सड़क सुरक्षा अभियान की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र की प्रधानमंत्री सड़कों का निर्माण करने के बाद उसकी ओर पलटकर न तो ठेकेदार देखता है और न ही अधिकारी। हालत यह है कि अक्सर वाहन हादसे होते हैं लेकिन जवाबदेही तय नहीं की जाती है। उन्होंने कहा कि बैतूल-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग 69 पर बरेठा घाट में रैलिंग जगह-जगह से टूट गई है। अंधे मोड़ पर संकेतक तक नहीं लगाए जा सके हैं। कुछ स्थान तो ऐसे हैं जहां पर पहाड़ी को काटकर मार्ग की चौड़ाई और अंधे मोड़ को खत्म किया जा सकता है। इस संबंध में न तो एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही है और न प्रशासन चिंता कर रहा है। पाढर से जाखली के पास अंधा मोड़ अक्सर हादसों का कारण बनता है। यहां पर न तो स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं और न ही संकेतक ही लगाए जा सके हैं।

क्षेत्र के चोपना मार्ग पर तवा पुल के पास सड़क का हिस्सा धंस गया है। इससे वाहन अचानक ही अनियंत्रित हो जाता है। लोहे की छड़ से भरा ट्रक इसी कारण से नदी में गिर गया था। इस घटना के बाद प्रशासन को सुधार के लिए कहा गया था लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया। मंडई मार्ग, केसिया से रामपुर जोड़ के पास और केसिया से कान्हेगांव तारा मार्ग पर भी संकेतक न होने से अक्सर हादसे होते रहते हैं। विधायक भलावी ने भरोसा दिलाया कि नवदुनिया द्वारा उजागर की गई खामियों को प्राथमिकता से दूर कराने के लिए संबंधित विभागों और कलेक्टर को पत्र लिखा जाएगा।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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