बैतूल, नवदुनिया प्रतिनिधि। लद्दाख में भारतीय सेना के 26 जवानों से भरी बस नदी में गिरने से सेना के सात जवान बलिदान हो गए। इन बलिदानियों में एक जवान बैतूल जिले के बिसनूर गांव का निवासी था। हादसे की खबर मिलने के बाद से गांव में शोक की लहर व्याप्त है। बिसनूर गांव के निवासी दशरथ साहू के पुत्र गुरुदयाल साहू सेना में सूबेदार सब के पद पर 22 मराठा लाइट इन्फेंट्री रेजीमेंट में पदस्थ थे। वर्तमान में उनकी तैनाती लद्दाख क्षेत्र में थी।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे सैनिकों की बस (जेके10-6245) परतापुर के ट्रांजिट कैंप से हनीफ सब सेक्टर की ओर निकली। बस में अग्रिम इलाकों में तैनाती के लिए जा रहे 26 सैनिक सवार थे। परतापुर से करीब 25 किलोमीटर दूर थोयस के पास लरगयाब-पच्छाथांग के पास बस अनियंत्रित होकर 90 फीट खाई में लुढ़कते हुए नीचे श्योक नदी में जा गिरी। जहां बस गिरी, वहां नदी में पानी गहरा नहीं था। हादसे का पता चलते ही स्थानीय लोगों के साथ लद्दाख पुलिस व सेना के जवान पहुंच गए। हादसे में बलिदान हुए भारतीय सेना के सात जवानों में सूबेदार शिंदे विजय राव सरजेराव, नायब सब गुरुदयाल साहू, हवलदार एमडी सैजल टी, नायक संदीप पाल, जादव प्रशांत शिवाजी और रामानुज कुमार, लांस नायक बप्पादित्य खुटिया शामिल हैं।

बैतूल के भूतपूर्व सैनिक संघ के मीडिया प्रभारी विजय नरवरे ने बताया कि जिले के सपूत का लद्दाख में बलिदान हुआ है। बलिदानी के चचेरे भाई धर्मेंद्र साहू ने बताया कि बलिदानी की पार्थिव देह प्लेन के माध्यम से दिल्ली पहुंच गई है। रविवार सुबह सात बजे सेना के प्लेन से नागपुर लाया जाएगा, जहां से आर्मी वाहन से बिसनूर पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद बलिदानी की पत्नी के पास सेना की ओर से सूचना आई थी, जिसमे बस के नदी में गिरने की जानकारी भर दी गई थी। इसके बाद परिजनों को उनका बलिदान होने के बारे में नही बताया गया है। रिश्तेदार पार्थिव देह पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।

Posted By: Ravindra Soni

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