बैतूल। जिले के मांडवी गांव में बोरवेल में मंगलवार शाम को गिरे तन्मय को बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरआरएफ की टीम 10 फीट लंबी सुरंग बनाने में जुटी हुई है। रात 10.30 बजे तक करीब तीन फीट खोदाई की जा चुकी है। पानी के रिसाव और चट्टानों के कारण टीम के द्वारा बेहद सावधानी बरती जा रही है। होमगार्ड कमांडेंट एसआर आजमी ने बताया कि तन्मय 39 फीट की गहराई पर फंसा हुआ है। हमने 45 फीट तक खोदाई करने के बाद सुरंग बनाना शुरू किया है। इसमें तीन से चार घंटे का वक्त लगने की संभावना है।

मंगलवार शाम पांच बजे मांडवी गांव के किसान सुनील साहू का आठ साल का बेटा तन्मय खेलते समय नानक चौहान के पुराने बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था। उसके बाद से लगातार बचाव अभियान चल रहा है। कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने बताया कि जिस स्थान पर बच्चा फंसा हुआ है, उससे पांच से छह फीट नीचे तक खोदाई का काम पूरा कर लिया गया और उसके बाद ही सुरंग बनाई जा रही है। करीब 10 फीट लंबाई की सुरंग बनाने के बाद बोरवेल का गड्ढा मिल जाएगा और उसमें से तन्मय को बाहर निकाल लिया जाएगा। सुरंग बनाने के लिए पहले तो मशीनों से खोदाई की गई लेकिन बोरवेल के आसपास की मिट्टी न धंसे इसे ध्यान में रखते हुए मशीन के बजाय एनडीआरएफ के तकनीकी कर्मचारियों के द्वारा सुरंग की खोदाई की जा रही है।

आसपास से हो रहा पानी का रिसाव

45 फीट की गहराई पर बोरवेल के समानांतर सुरंग खोदने के दौरान आसपास के हिस्से से पानी का रिसाव हो रहा है। इसे मोटर पंप की मदद से बार-बार निकालना पड़ रहा है। खोदाई में निकल रहे मलबे को पोकलेन मशीनों की बकेट की मदद से बाहर फेंका जा रहा है। पानी का रिसाव होने की वजह से सुरंग बनाने के कार्य में बाधा उत्पन्ना हो रही है।

बेसब्री से इंतजार कर रहे परिजन और ग्रामीण:

गुरुवार सुबह से ही ग्रामीण और परिजन तन्मय के सुरक्षित बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। खोदाई का काम पूरा होने के बाद उम्मीद थी कि 10 फीट लंबी सुरंग बनाने का काम दो से तीन घंटे में पूरा हो जाएगा लेकिन इसमें भी काफी वक्त लग रहा है। ठंड के बावजूद भी लोग मौके पर डटे हुए हैं।

अपर कलेक्टर श्यामेंद्र जायसवाल ने बताया कि तन्मय बोरवेल में 36 से 38 फीट की गहराई पर फंसा हुआ है। इसीलिए गहराई तक खोदाई की गई है। अब सुरंग बनाई जाएगी और उसके सहारे बोरवेल में फंसे तन्मय को बाहर निकाला जाएगा।

बोरवेल के पास 45 फीट की गहराई पर मजबूत चट्टान आ गई थी जिससे उसे तोड़ने के लिए बुलडोजर की मदद ली गई है। इसमें काफी वक्त लग गया। अब पानी बाहर निकालने के बाद एनडीआरएफ और एसडीईआरएफ के तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से सुरंग बनाने का काम प्रारंभ किया जाएगा।

मौके पर तन्मय के परिजन उसके बाहर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं वहीं गांव के लोगों के साथ स्कूल के बच्चों ने गायत्री मंदिर में उसकी कुशलता की कामना को लेकर प्रार्थना भी की है। आठनेर के थाना प्रभारी अजय सोनी ने बताया कि इस घटना को लेकर जिस खेत में खुला बोरवेल है उसके मालिक के खिलाफ लापरवाही और मानव जीवन को खतरे में डालने का मामला दर्ज किया जाएगा। बचाव कार्य पूरा होने के बाद जो स्थिति होगी उसके अनुसार धारा बढ़ाई भी जाएंगी।

जिले के मांडवी गांव में बोरवेल में फंसी जिंदगी को बचाने की जद्दोजहद जारी है। यहां आठनेर क्षेत्र के आठ साल का तन्मय साहू मंगलवार शाम करीब पांच बजे खेत के पास पुराने बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था। प्रशासन के द्वारा बचाव का कार्य प्रारंभ किया गया, जो रात भर चलता रहा। बुधवार दोपहर 12 बजे तक बोरवेल के पास 43 फीट गहराई तक खोदाई की जा चुकी है। होमगार्ड कमांडेंट एसआर आजमी ने बताया कि 46 फीट तक खोदाई की जाएगी और इसके बाद सात फीट लंबी सुरंग बनाने का काम किया जाएगा। खोदाई करने के दौरान पानी निकल रहा है जिसे बाहर फेंकने के लिए दो मोटर पंप लगाए गए हैं ताकि सुरंग बनाने में परेशानी ना हो।

आजमी ने बताया कि सुरंग बनाने के लिए मशीन का उपयोग नही किया जा सकता है इस वजह से टीम के अनुभवी लोगों के द्वारा छोटी ड्रिलिंग मशीन की मदद से काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तन्मय के शरीर में कोई हरकत नजर नही आई है। मौके पर पोकलेन मशीन, बुलडोजर से खोदाई और मिट्टी, मुरम हटाने का काम किया जा रहा है। प्रशासनिक , पुलिस अधिकारी, एनडीआरएफ, एसडीईआरएफ, स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौजूद हैं। मौके पर छह पोकलेन, तीन बुलडोजर, ट्रैक्टर खोदाई और निकल रही मिट्टी मुरम को हटाने में लगाए गए हैं।

आठनेर के कृष्णा गायकी ने बताया कि मांडवी के सुनील साहू का बालक खेत में खेल रहा था। इसी दौरान वह करीब 50 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। यह बोरवेल तीन दिन पहले ही खोदा गया था। खेत में इस बोरवेल की गहराई करीब 400 फीट है। कलेक्टर अमनवीर सिंह बैंस ने बताया कि बोरवेल में फंसे तन्मय को रस्सी के सहारे बाहर निकालने का प्रयास किया गया था। उसके हाथ में रस्सी बंध गई और उससे करीब 12 फीट उपर तक खींच लिया गया था लेकिन रस्सी खुल गई और वह वहीं पर अटक गया। अब तन्मय करीब 38 फीट गहराई पर अटका हुआ है। इसके बाद से उसके शरीर में हलचल नजर नहीं आई है। दूसरी ओर से भी गड्ढे की खोदाई शुरू की गई है।

बोरवेल में गिरे बच्चे को निकालने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं : मुख्यमंत्री

बैतूल के मांडवी गांव में बोरवेल में गिरे छह साल के बच्चे तन्मय को निकालने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो आवश्यक कदम उठाना पड़े, संसाधन की आवश्यकता लगे वह पूरा करें। उन्होंने अपने आवास से बुधवार को अधिकारियों से बचाव कार्य की पूरी जानकारी ली। एनडीआरएफ और एसडीईआरएफ उसे निकालने का प्रयास कर रहे हैं। बता दें कि मंगलवार शाम करीब पांच बजे अपनी बहन और अन्य बच्चों के साथ छुपन-छुपाई खेलते समय पड़ोसी के बोरवेल में गिर गया था। बोरवेल के ऊपर बोरी रखी हुई थी, इस कारण बच्चे को पता नहीं चल पाया। आवाज लगाने पर बच्चे की आवाज आई तो घर वालों का पता चला कि बच्चा बोरवेल में गिरा है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पहले रस्सी से बच्चे को खींचने की कोशिश हुई। करीब 12 फीट ऊपर आने के बाद रस्सी खुल गई। इसके बाद अब बगल में गड्ढा खोदकर बच्चे तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। अभी करीब 15 फीट की खोदाई और होनी है। बोरवेल में ठंडा पानी भरा है।

तन्मय को भोजन पानी देना मुश्किल

बचाव अभियान में लगे अधिकारियों ने बताया कि बच्चे को खाना और पानी पहुंचाने में समस्या है, क्योंकि उसके हाथ ऊपर है। बोरवेल के पास पश्चिम दिशा की ओर से करीब 25 फीट तक खोदाई के बाद कठोर चट्टान आने से काम धीमा हो गया। इसे देखते हुए प्रशासन द्वारा पूर्व दिशा की ओर से भी खोदाई कर सुरंग बनाने का काम रात करीब 12 बजे से शुरू कर दिया है।

कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने बताया कि तन्मय 35 से 40 फीट के बीच फंसा हुआ है। उस तक पहुंचने के लिए 40 फीट गहराई तक खोदाई की जाएगी और फिर सुरंग बनाकर उसे निकाला जाएगा। पथरीली जमीन होने से खोदाई में वक्त लग रहा है।

कमिश्नर, डीआइजी मौके पर पहुंचे

तन्मय को बाहर निकालने के लिए सुरंग बनाने के लिए पोकलेन मशीनों की मदद से खोदाई का काम किया जा रहा है। बोरवेल में लगातार आक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। सीसीटीवी कैमरे से तन्मय पर प्रशासनिक अधिकारी नजर भी रखे हुए हैं। नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त श्रीमन शुक्ला एवं डीआईजी जगत सिंह राजपूत भी ग्राम मांडवी में मौका स्थल पर पहुंच गए हैं।

गांव के जूनावानी रोड पर नानक चौहान के खेत में पुराना बोरवेल का गड्ढा है। इस पर बोरा डालकर ढांक दिया गया था। मंगलवार को सुनील साहू और परिवार के लोग खेत में पूजा करने के लिए गए थे। इसी दौरान तन्मय खेलते हुए पुराने बोरवेल के पास पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। परिजनों ने टार्च की रोशनी में उसे देखा तो उसके हाथ ऊपर की ओर हैं।

कक्षा तीसरी के छात्र तन्मय को बोरवेल से निकालने के लिए बुलडोजर से खोदाई शुरू की गई। एसडीईआरएफ की टीम द्वारा आक्सीजन पहुंचाई जा रही है। तन्मय बात कर रहा है। बोरवेल के करीब तीस फीट दूर से एक बुलडोजर की मदद से खोदाई शुरू की गई है। पोकलेन मशीन मंगाई गई है। बोरवेल में कैमरा डाला गया है। बोरवेल के बाजू से गड्ढा खोदा जा रहा है। बोरवेल में फंसे तन्मय को निकालने के लिए दो पोकलेन मशीन, तीन बुलडोजर से खोदाई की जा रही है।

तन्मय को बाहर निकालने के लिए सुरंग बनाने पोकलेन मशीन से खोदाई की जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बच्‍चा 50 फीट गहराई में फंसा है। ग्रामीणों के अनुसार बच्‍चे की उम्र आठ वर्ष है।

बोरवेल में गिरे छह साल के तन्मय पिता सुनील साहू को निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

जानकारी मिलने पर कलेक्टर, एसपी मौके के लिए रवाना हो गए थे। आठनेर थाना प्रभारी अजय सोनी ने बताया कि तन्मय बोरवेल में करीब 50 से 55 फीट की गहराई पर फंसा हुआ है। मौके पर बुजडोजर और पोकलेन मशीन पहुंचाई गई। बताया गया है कि यह घटना आठनेर ब्‍लाक के मांडवी गांव की है।

उल्‍लेखनीय है कि मध्‍य प्रदेश में बोरवेल के संबंध में तमाम प्रशासनिक हिदायतों, सरकार के दिशा निर्देशों के बावजूद खेत पर बने बोरवेल अनेक कारणों से खुले छोड़ दिए जाते हैं। इससे अक्‍सर छोटे बच्‍चे हादसों का शिकार हो जाया करते हैं। कालांतर में ऐसी अनेक घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसा ही बैतूल जिले में हुआ। बच्‍चा गिरने की सूचना पर आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्‍या में मौके पर पहुंच गए ।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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