गुलाब बरबड़े, दमुआ। विधानसभा क्षेत्र की दूरस्थ और कभी जागीर रही पंचायत आल्मोद के ग्राम छातीआम के मजरे टोले तारीखेड़ा से छातेआम कूकरपानी जाने वाले सड़क मार्ग की हालत बीती बारिश ने पूरी तरह खराब कर दी। एक तरफ खाई और दूसरी तरफ पहाड़ों की धंसकती मिट्टी और बड़े बड़े पत्थरों ने बारिश के मौसम में मार्ग को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। लोगों का मार्ग से आना-जाना दूभर हो गया। ऐसे में सड़क मार्ग से कटे मजरे टोले के रहवासी सरबसिंग दर्शमा हीरालाल लोबो, ब्रजलाल दर्शमा, राजन, शीलू टीकाराम , राधेश्याम जुगन कुशीलाल और लुडिया लोबो ने मजरे टोले के बाधित रास्ते को खोलने के लिए शासन प्रशासन के बदले खुद के हाथों पर भरोसा करना ज्यादा बेहतर समझा और सब्बल, गैती, फावड़े की मदद से रास्ता बनने के काम में जुट गए। इन लोगांे ने अपने श्रमदान से ना केवल रास्ते की मिट्टी पत्थर हटाए, बल्कि बड़े पत्थरों को भी हटाकर कम से कम ट्रैक्टर निकलने लायक रास्ता तैयार किया। बाद में स्थानीय निकाय पंचायत जागी और सचिव ने तालाब, मेड़बंधान में काम कर रहे मजदूरों से काम करवाया। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि जनहित की संस्थाए निर्वाचित प्रतिनिधि आम जनता की सहूलियतों का पहले ख्याल क्यों नहीं रखती जब लोग खुद आगे आकर अपनी समस्या का निराकरण करते हैं तब संस्थाएं रहवासियों के बदले खुद श्रेय लेने की कोशिश करती हैं।

श्रमदान करने वाले रहवासियों ने बताया कि बारिश के चलते हुए भू स्खलन से बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी बीच सड़क मार्ग पर आ जाने से ग्राम के लोगों का आना- जाना पूरी तरह बंद हो गया था। बारिश के पानी ने मिट्टी को कीचड़ और दलदल में तब्दील कर दिया था, एक तरफ रास्ता खराब और दूसरी तरफ खाई लोग मुसीबत में थे। ऐसे में छातिआम गांव के मेहनतकश युवाओं ने शासन प्रशासन से उम्मीद छोड़ खुद की मेहनत पर भरोसा किया और गांव वासियों के लिए राह बनाई।

वर्जन

पंचायत ने बाधित हुए मार्ग को तालाब और मेड़ बंधान में लगे मजदूरों से साफ कराया है, जबकि श्रमदान करने वाले रहवासियों ने बताया कि पहले उन्होंने श्रमदान से रास्ता साफ किया।

राजेश सकोम, सचिव ग्राम पंचायत

Posted By: Nai Dunia News Network

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