बैतूल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। बैतूलबाजार नगर परिषद के द्वारा दूषित पानी की आपूर्ति करने से एक किशोरी की मौत और दर्जनों लोगों के बीमार होने के मामले को कलेक्टर ने बेहद गंभीरता से लिया है। सोमवार को आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने बैतूलबाजार के सुभाष वार्ड में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ने पर चिंता जताई और नगर पालिका सीएमओ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी समेत पीएचई के अधिकारियों को समुचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैतूलबाजार में दूषित पानी की आपूर्ति किए जाने के संबंध में किस स्तर पर लापरवाही की गई इसकी जानकारी लेने के साथ ही नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा की जा रही कार्रवाई की भी पड़ताल की। उल्लेखनीय है कि बैतूलबाजार के छह वार्डों में कुंए के पानी की आपूर्ति लगातार की जाती रही लेकिन नगर परिषद के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसका ही नतीजा हुआ कि 16 अगस्त को एक किशोरी की मौत हो गई और कई लोग बीमार हो गए थे। वर्तमान में भी नगर के सुभाष और विष्णु वार्ड में उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीज सामने आ रहे हैं। आठ अगस्त को इस मामले की सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई थी लेकिन अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाए। 16 अगस्त को किशोरी की मौत होने के बाद प्रशासन हरकत में आया था और उसके बाद आनन-फानन में कुंए के दूषित पानी की आपूर्ति बंद कराई गई। हालत यह है कि दूषित पानी पीने के बाद बीमार हुए लोग उपचार मिलने पर भी अभी तक सामान्य नहीं हो पा रहे हैं। 'नवदुनिया' के द्वारा लगातार इस लापरवाही को उजागर किया जा रहा है। इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने नगरीय निकायों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामीण विकास विभाग के अमले को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक जगह शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करें। कहीं भी दूषित पेयजल की आपूर्ति न हो। मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए भी स्वास्थ्य अमला पूरी तरह सजग रहे एवं आवश्यक एहतियाती कदम उठाए। कहीं भी संक्रामक बीमारी की स्थिति न बने। मैदानी क्षेत्रों में स्वास्थ्य अमले के पास पर्याप्त मात्रा में जरूरी दवाएं मौजूद रहें।

कंपनी पर दोष मढ़ रहे अधिकारीः

बैतूलबाजार में एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी ने आठ करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से जल प्रदाय परियोजना का काम पूर्ण किया है। 17 मई 2022 को मुख्यमंत्री के द्वारा वर्चुअल इस परियोजना का शुभारंभ भी कर दिया है। परियोजना का निर्माण करने वाली कंपनी के बजाय नगर परिषद के द्वारा लगातार पानी की आपूर्ति का काम किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि नगर के लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। नगर परिषद के द्वारा दूषित पानी की आपूर्ति से एक मौत और दर्जनों लोगों के बीमार होने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कंपनी पर दोष मढ़ रहे हैं। नगर परिषद के उपयंत्री एवं जल प्रदाय शाखा के प्रभारी सुभाष शर्मा का कहना है कि 17 मई 2022 को हमने पूरी पेयजल की आपूर्ति का काम परियोजना का निर्माण और संचालन करने वाली कंपनी को सौंप दिया है। इसके बाद भी नगर परिषद के द्वारा कुंए से पानी की आपूर्ति क्यों की जा रही है, इस सवाल के जवाब में शर्मा का कहना है कि नगर परिषद के द्वारा कंपनी की मदद की जा रही है। जिन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रेशर से नहीं हो रही है वहां पर नगर परिषद के द्वारा कुंए और नलकूपों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इससे शासन के खजाने को दो ओर से चपत लगने के सवाल का शर्मा के पास कोई जवाब नही है।

कंपनी को नोटिस जारी कियाः

नगर परिषद के प्रभारी सीएमओ द्वारा दूषित पेयजल की आपूर्ति करने में किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा रहा है। उनके द्वारा कंपनी को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर नगर की संपूर्ण पेयजल आपूर्ति संभालने के लिए कहा गया है। जल शाखा प्रभारी सुभाष शर्मा ने बताया कि हमारे द्वारा मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी को भी पत्र लिखा गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो तीन दिन के बाद निश्चित ही नगर परिषद के द्वारा पानी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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