बैतूल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के जनजातीय क्षेत्रों में विविध तरह की औषधीय उपज की प्रचुरता को देखते हुए इसकी खेती के उन्नायन हेतु प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक दवा निर्माता कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड कार्य करेगी। आयुक्त योजना व सांख्यिकी एवं राज्य औषधीय पादप बोर्ड (एसएमपीबी) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक सिंह ने शुक्रवार को कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत एवं वन मंडलाधिकारी के साथ डाबर इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों के दल से जिले में औषधीय खेती उन्नायन की कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा की। इस दौरान डाबर इंडिया लिमिटेड के पर्चेज रिप्रेजेंटेटिव सुमित मुखर्जी ने बताया कि कोविड के उपरांत लोगों में ट्रेडिशनल मेडिसिन के उपयोग की तरफ रूख बढ़ा है। हमारा प्रयास होगा कि जिले में औषधीय पादपों को चिन्हित किया जाए एवं उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए ग्रामीणों एवं किसानों को आगे लाया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि औषधीय खेती से जुडे वाले ग्रामीणों एवं किसानों को उनकी उत्पादकता का उचित दाम भी मिले। उन्होंने कहा कि डाबर इंडिया की एक टीम जिले में औषधीय खेती को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर सर्वेक्षण कार्य कर रही है। इस दौरान आयुक्त सांख्यिकी एवं राज्य औषधीय पादप बोर्ड (एसएमपीबी) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिंह ने कहा कि औषधीय खेती से लोगों को जोडे के लिए उद्यानिकी विभाग की योजनाओं, मनरेगा, वन विभाग एवं कृषि विभाग की योजनाओं का सहयोग भी लिया जाएगा। इसके साथ ही उत्पादक कृषकों के एफपीओ भी तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा अन्य कंपनियों को भी यहां औषधीय खेती को बढ़ावा देने में सहयोग करने के लिए लाया जाएगा। औषधीय पौधों की नर्सरी भी बैतूल में तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि बैतूल औषधीय खेती उन्नायन में पायलट जिला बने। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए डाबर जैसी कंपनियां मदद करें, इसके अलावा अन्य निजी कंपनियों से भी इस तरह का सहयोग लिया जाएगा। बैठक में डाबर इंडिया लिमिटेड कंपनी के केमिस्ट डॉ. पंकज रातौरी, विज्ञानी डॉ. विजय यादव सहित जिले के उद्यानिकी, कृषि एवं एमएसएमई विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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