मुलताई (नवदुनिया न्यूज)। लंबे समय बाद मुलताई में नगर पालिका परिषद का गठन हुआ है, लेकिन इसका भविष्य अधर में लटका नजर आ रहा है। परिषद में अभी तक भाजपा के आठ पार्षदों ने शपथ नहीं लेना चर्चा का विषय बना हुआ है वहीं भाजपा से बागी महिला अध्यक्ष सहित कांग्रेस के सात पार्षदों ने ही शपथ ली है जिससे परिषद में अभी तक एक साथ 15 पार्षद नहीं पहुंचे हैं। भाजपा के पार्षद अजय यादव ने बताया कि अध्यक्ष उपाध्यक्ष चुनाव में निर्वाचन प्रक्रिया से पार्षद संतुष्ट नहीं होने से आठ पार्षदों द्वारा उसी दिन इस्तीफा दे दिया गया था। उन्होने बताया कि नगर पालिका परिषद के शपथ ग्रहण समारोह में भी भाजपा पार्षद नहीं पहुंचे थे। उन्होने बताया कि अभी तक भाजपा का कोई भी पार्षद नगर पालिका कार्यालय नहीं गया है। उन्होने बताया कि जब तक भाजपा पार्टी कोई ठोस निर्णय नहीं लेती तब तक भाजपा पार्षद नगर पालिका नहीं जाएंगे। फिलहाल नगर पालिका में भाजपा की बागी अध्यक्ष सहित कांग्रेस के सात पार्षद ही पहुंचे हैं जिससे नगर पालिका परिषद का भविष्य अधर में लटका हुआ नजर आ रहा है। गौरतलब है कि भाजपा के 9 पार्षदों में से जहां गुरूसाहब वार्ड की पार्षद नीतू परमार द्वारा भाजपा की घोषित अध्यक्ष प्रत्याशी के खिलाफ अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था जिसमें कांग्रेस के 6 पार्षदों सहित भाजपा के भी दो पार्षदों ने उन्हे क्रास वोट किया था जिससे वे अध्यक्ष निर्वाचित हुई थी। पूरे मामले में भाजपा के अध्यक्ष पद की प्रत्याशी वर्षा गढ़ेकर द्वारा चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए आपत्ति दर्ज की गई थी लेकिन निर्वाचन अधिकारी द्वारा उनकी आपत्ति स्वीकार नहीं करने से भाजपा के आठ पार्षदों द्वारा तत्काल इस्तीफा दिया गया था जिसमें क्रास वोट करने वाले दो भाजपा पार्षद भी शामिल थे।

अध्यक्ष एवं 6 पार्षदों ने ही ली थी शपथः

इधर नगर पालिका द्वारा नपा परिसर में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया था जिसका भाजपा पार्षदों द्वारा बहिष्कार कर दिया गया था। शपथ ग्रहण समारोह में अध्यक्ष सहित कांग्रेस के पार्षद ही शामिल हुए थे वहीं कोई भी भाजपा पार्षद शपथ ग्रहण समारोह में नहीं पहुंचा था। बताया जा रहा है कि भाजपा पार्षदों में से ही दो पार्षदों द्वारा भीतरघात करके क्रास वोट किया गया था जिससे भाजपा प्रत्याशी वर्षा गढ़ेकर को हार का सामना करना पड़ा वहीं बहुमत होते हुए भी मुलताई नगर पालिका में भाजपा की परिषद नहीं बनने से पार्टी की किरकिरी हुई। पूरे मामले में दो भीतरघाती भाजपा पार्षदों पर कार्यवाही की मांग की गई तथा मामला भाजपा के वरिष्ट पदाधिकारियों तक पहुंचा।

भितरघातियों पर नहीं हुई अभी तक कार्यवाहीः

भाजपा से भितरघात करने वाले दो पार्षदों पर अभी तक कार्यवाही नहीं होना पूरे नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा द्वारा जीती हुई बाजी दो पार्षदों के क्रास वोट के कारण कांग्रेस के पाले में चली गई। इधर भितरघात का आलम यह था कि इसी बीच कांग्रेस के मात्र 6 पार्षद होने के बावजूद उपाध्यक्ष कांग्रेस का बन गया। पूरे मामले में भाजपा के आलाकमान से एैसे भितरघाती पार्षदों पर कार्यवाही की अपेक्षा निष्ठावान तथा पार्टी के प्रति समर्पित भाजपाई कर रहे थे लेकिन एक अंतराल होने के बावजूद आलाकमान द्वारा भितरघातियों पर कोई कार्यवाही नहीं होने से पार्टी के ही कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है।

कांग्रेस समर्थन से बनी अध्यक्ष ने कहा मैं भाजपा कीः

नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष का चुनाव कांग्रेस समर्थन से जीतने के बाद नीतू परमार ने यह कहकर सभी को चौंका दिया कि वे भाजपा की हैं। हालांकि भाजपा द्वारा उनके इस बयान को बिलकुल तवज्जो नहीं दी गई क्योंकि नीतू परमार अध्यक्ष के चुनाव के दिन कांग्रेस पार्षदों के साथ पहुंची थी वहीं कांग्रेसियों के साथ उन्होंने विजयी जुलुस निकालकर विधायक सुखदेव पांसे के कार्यालय में पहुंची थी। कांग्रेस द्वारा जीत के फ्लैक्स में वे नजर आ रही थी। फिलहाल नीतू परमार भले ही यह कह रही है कि वे भाजपा की हैं लेकिन भाजपाईयों के अनुसार वे कहीं की भी नहीं हैं इसलिए सभी की निगाहें भाजपा से बगावत करने तथा भितरघात करने वालों पर कार्यवाही कब होगी इस पर टिकी हुई हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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