बैतूल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में रविवार से जारी वर्षा का दौर मंगलवार सुबह तक चला। पिछले 24 घंटे में तीन इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। लगातार वर्षा से नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति रही। पारसडोह जलाशय के दो गेट खोलकर ताप्ती नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। इधर सारनी के सतपुड़ा जलाशय के भी गेट खोले गए। मंगलवार सुबह से वर्षा थम गई जिससे लोगों को राहत मिली है। हालांकि प्रशासन ने मंगलवार और बुधवार को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण इस बार आंकड़ा औसत से आठ इंच अधिक पर पहुंच गया है।

जिले के अधिकांश जलाशय लबालब होकर छलक रहे हैं। रविवार से लेकर मंगलवार सुबह तक हुई तेज वर्षा के कारण सतपुड़ा, चंदोरा और पारसडोह जलाशय के गेट खोलने पड़े। सारनी स्थित सतपुड़ा जलाशय के सात गेट रात में खोल दिए गए थे। जल स्तर सामान्य होने पर रात डेढ़ बजे बंद कर दिया और एक गेट एक फीट ऊंचाई तक खोलकर रखा गया है। ताप्ती नदी पर बने पारसडोह जलाशय में भी जल स्तर तेजी से बढ़ने के कारण सोमवार को चार गेट दो मीटर ऊंचाई तक खोल दिए गए थे। मंगलवार को दो गेट 50 सेमी पर स्थिर कर दिए गए हैं। पारसडोह जलाशय से पानी छोड़ने के कारण ताप्ती नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। लगातार वर्षा जारी रहने के कारण कलेक्टर ने मंगलवार और बुधवार को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। हालांकि मंगलवार सुबह से मौसम खुल गया है। दोपहर में हल्की धूप भी खिल गई थी। प्रशासन ने ग्रामीण अंचलों में नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया है।

फसलों को हो रहा नुकसानः

जिले में सामान्य से आठ इंच अधिक वर्षा होने के कारण खरीफ सीजन की फसलों को खासा नुकसान पहुंच रहा है। कृषक संदीप चौधरी ने बताया कि लगातार वर्षा से सोयाबीन और मक्का की फसल में अपेक्षाकृत बाढ़ नहीं हो सकी है। ऐसे में फूल और फल बेहद कम लगेंगे। तुअर की फसल बोने वाले किसार रमेश धुर्वे ने बताया कि उन्होंने लगातार वर्षा जारी रहने से पौधे गलकर नष्ट हो रहे हैं। पिछले दिनों एक सप्ताह तक धूप खिलने से फसल अच्छी दिखाई दे रही थी लेकिन अब फिर से तेज वर्षा की वजह से पौधे गल रहे हैं। गन्नाा की खेती करने वाले किसान दिल्लू वर्मा और चमन चौरसिया ने बताया कि लगातार हो रही वर्षा से गन्नो में बढ़वार थम गई है। इसके साथ ही तेज हवा से गन्नाा गिर भी रहा है जिससे पैदावार पर खासा असर पड़ेगा।

घोड़ाडोंगरी में सर्वाधिक वर्षाः

जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड में इस सीजन में अब तक 1698.5 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। सबसे कम 889.1 मिमी वर्षा आठनेर विकासखंड में दर्ज की गई है। बैतूल विकासखंड में 1026 मिमी, चिचोली में 1322.3 मिमी, शाहपुर में 1375.5 मिमी, मुलताई में 1158.2 मिमी, प्रभातपट्टन में 1078 मिमी, आमला में 1020 मिमी, भैंसदेही में 1309 मिमी और भीमपुर में 1486 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इस सीजन में जिले में 1235.8 मिमी वर्षा हो चुकी है जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 633.4 मिमी वर्षा हुई थी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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