बैतूल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में 20 दिन के भीतर ही कोरोना का संक्रमण इतनी तेजी से फैल गया है चार मरीजों से बढ़कर अब 505 एक्टिव मरीज हो गए हैं। संक्रमण की रफ्तार नौ प्रतिशत से भी अधिक हो गई है लेकिन लापरवाही थम नहीं रही है। न तो प्रशासन के स्तर पर संक्रमण की दर को थामने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं और न ही लोग स्वयं ही कोरोना की पहली और दूसरी लहर में हुई पीड़ा से सबक ले रहे हैं। हालत यह हो गई है कि बैतूल शहर के भीतर ही 133 एक्टिव मरीज मौजूद हैं लेकिन बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर संक्रमण से बचाव के कोई जतन तक नहीं किए जा रहे हैं। गुरुवार को 1120 सैंपलों की जांच रिपोर्ट में 94 मरीज संक्रमित पाए जाने के बाद संक्रमण किस तेजी से लोगों को शिकार बना रहा है इसकी हकीकत सामने आ गई है। इसके बावजूद भी प्रशासनिक स्तर पर संक्रमण से बचाव के लिए सक्रियता नहीं बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग इस कारण से राहत महसूस कर रहा है क्योंकि अभी तक किसी भी मरीज में ओमिक्रान के लक्षण नहीं पाए गए हैं। सीएमएचओ डा एके तिवारी की मानें तो बैतूल में कोरोना संक्रमण बढ़ जरूर रहा है लेकिन सभी मरीजों में कोविड-19 वेरिएंट के ही लक्षण मिल रहे हैं। जिले में ओमिक्रान का एक भी मरीज नहीं मिला है। कोरोना का संक्रमण हर विकासखंड में पहुंच गया है। सबसे अधिक मरीज बैतूल में 133, आमला में 72, आठनेर में 26, भैंसदेही में 18, भीमपुर में 19, चिचोली में 16, घोड़ाडोंगरी में 42, प्रभातपट्टन में 22, मुलताई में 66, सेहरा में 38 और शाहपुर विकासखंड में 53 मरीज मिले हैं। बैतूल में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर रोको टोको अभियान, मास्क न पहनने वालों पर कार्रवाई के साथ बाजार में दुकानदारों को चेतावनी देने का अभियान प्रारंभ करने की आवश्यकता जताई जा रही है।

बाजार में संक्रमण से बेपरवाह भीड़ः

जिला मुख्यालय समेत सभी विकासखंड मुख्यालयों पर लगने वाले साप्ताहिक बाजारों में लोगों की भारी भीड़ लग रही है। कोरोना संक्रमण से बेपरवाह लोग खरीदी करने के लिए दुकानों पर बेखौफ पहुंच रहे हैं। सब्जी बाजार में तो अधिकांश लोगों के चेहरे से मास्क ही गायब नजर आता है। दुकानें लगाने वालों के द्वारा भी न तो संक्रमण की कोई परवाह की जा रही है और न ही खरीदी करने वाले ही सुरक्षा के उपाय करते नजर आ रहे हैं। कोठीबाजार, गंज और सदर क्षेत्र में लगने वाली सब्जी की दुकानों पर भीड़ उमड़ती है लेकिन संक्रमण की रोकथाम के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं। माह की शुरूआत में जैसे ही कोरोना के मरीज मिलना प्रारंभ हुआ था वैसे ही प्रशासन ने सख्ती करते हुए रोको-टोको अभियान और जुर्माना की कार्रवाई प्रारंभ कर दी थी। इसके बाद जब मरीजों की संख्या बढ़ने लगी तब प्रशासन ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। कलेक्टर ने शासकीय कार्यालयों में कोविड नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं लेकिन इसका कहीं कड़ाई से पालन होता नजर नहीं आ रहा है।

नगरीय निकायों में मास्क लगाने किया जा रहा जागरूकः

शासन के निर्देश पर नागरिकांे को मास्क लगाने के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बैतूल नगर मे मास्क ही है जिन्दगी अभियान संचालित किया जा रहा है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी अक्षत बुंदेला ने बताया कि अभियान का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों मे मास्क को बढ़ावा देना है। अभियान के दौरान मास्क सुलभ तरीके से उपलब्ध कराने के लिये जनसहयोग से मास्क बैंक स्थापित किए जाएंगे। आमजन को मास्क ठीक से पहनने और उसके सुरक्षित निपटान की भी जानकारी दी जा रही है। अभियान मे अशासकीय संगठनों, संस्थाओं और युवाओं का सहयोग लिया जा रहा है। व्यक्तिगत जनसंपर्क के जागरूकता की विभिन्ना गतिविधिया आयोजित की जा रही हैं। मास्क लगाने वालों को प्रोत्साहन और नहीं लगाने वालों को मास्क लगाने की समझाइश दी जा रही है। रोको-टोको अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्ना प्रचार माध्यमों से मास्क लगाने के फायदे बताए जा रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local