PM Kisan Samman Nidhi बैतूल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में ई केवायसी नहीं कराने वाले 27721 किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने ई केवाईसी कराने के लिए लगातार अभियान चलाया, लेकिन कई किसानों ने अब तक अपनी जरूरी जानकारी दर्ज ही नहीं कराई है। ऐसे में उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसान बैंक में जाकर राशि प्राप्त होने की पूछताछ कर रहे हैं। बैंकों से उन्हें राशि न आने की जानकारी मिलती है जिसके चलते वे बैरंग ही लौट रहे हैं।

कई किसान तो ऐसे हैं जिन्होंने तय समयावधि में ई केवाईसी करा दिया था लेकिन उन्हें राशि प्राप्त नहीं हो रही है। प्रशासनिक स्तर पर भी किसानों की कोई मदद नहीं हो पा रही है। ग्रामीण अंचलों में किसानों के द्वारा पटवारी और पंचायत सचिव से इस संबंध में जानकारी ली जाती है लेकिन वे भी इसके बारे में कुछ स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं।

दरअसल प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसमें सीमांत और गरीब किसानों के खाते में छह हजार रुपये की आर्थिक मदद सीधे पहुंचाई जाती है। प्रदेश सरकार के द्वारा भी चार हजार रुपये की राशि प्रदान की जा रही है।

सरकार ने योजना की 12 वीं किस्त 17 अक्टूबर 2022 को जारी की थी, लेकिन बहुत से किसानों के खाते में उस समय राशि नहीं पहुंची।12 वीं किस्त का लाभ प्राप्त करने के लिए ई-केवाईसी करना आवश्यक था। ऐसे में जिन किसानों ने इस काम को पूरा नहीं किया था, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला है।

जिन लोगों ने अपनी केवाईसी करवा ली है उन्हें इस योजना का लाभ 30 नवंबर तक प्राप्त होने का दावा किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने पहले 31 अगस्त 2022 तक सभी पात्र किसानों को ई केवायसी पूरा करने की सलाह दी गई थी अन्यथा योजना की अगली किस्त का लाभ नहीं मिलने की जानकारी भी दी थी। इसके बाद भी जिले में बड़ी संख्या में किसान ऐसे हैं जिन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा है।

दरअसल गलत आधार नंबर, बैंक अकाउंट नंबर या ई-केवाईसी नहीं कराने के चलते किसान इस योजना की राशि से वंचित रह रहे हैं। जिले में दो लाख 36 हजार 257 किसान सम्मान निधि के लिए पात्र हैं। इनमें से वर्तमान में दो लाख आठ हजार 536 किसानों ने ई-केवाईसी करवा ली है, लेकिन 27721 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने ई-केवाईसी नहीं करवाई है।

भू अभिलेख अधिकारी एसके नागू ने बताया कि जिले में भैंसदेही और भीमपुर विकासखंड में ही सबसे अधिक किसान ऐसे हैं जिनके द्वारा अब तक ई-केवाईसी नहीं करवाई गई है। दोनों विकासखंडों में 6489 किसानों को ई-केवाईसी करवाना है।

आमला विकासखंड में 3396, आठनेर विकासखंड में 2162, बैतूल विकासखंड में 3578, चिचोली विकासखंड में 2196, घोड़ाडोंगरी विकासखंड में 3424, मुलताई व प्रभातपट्टन विकासखंड में 4132 तथा शाहपुर विकासखंड में 2344 किसानों ने ई-केवाईसी नहीं करवाई है। नागू ने बताया कि किसानों को सम्मान निधि के लिए ई-केवाईसी करवाना जरूरी है। किसान जितनी जल्दी ई-केवाईसी करवा लेंगे उन्हें लाभ प्राप्त होने लगेगा।

आधार कार्ड अपडेट कराना पड़ रहा

दरअसल ई केवाईसी के लिए आधार कार्ड के नंबर के आधार पर ही किसानों को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होता है। कई किसान ऐसे हैं जिनके आधार कार्ड नंबर के साथ जो मोबाइल नंबर दर्ज किया गया था या तो वह बंद हो गया है या किसी अन्य के पास है। ऐसे में वे ओटीपी ही दर्ज नहीं कर पा रहे हैं।

इसके लिए किसानों को पहले अपने आधार कार्ड को अपडेट कराना पड़ रहा है जिसमें पंजीकृत नंबर के स्थान पर किसान के पास मौजूद मोबाइल नंबर दर्ज किया जाता है। इस प्रक्रिया में एक सप्ताह से अधिक का समय लग रहा है। इसी वजह से कई किसान ई केवाईसी नहीं कर पा रहे हैं और योजना का लाभ उन तक नही पहुंच पा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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