भैंसदेही (नवदुनिया न्यूज)। गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर शासन ने उन्हें निकटतम स्वास्थ्य केंद्र तक लाने और ले जाने के लिए जननी एक्सप्रेस की सुविधा मुहैया कराई है। इसके बावजूद भैंसदेही क्षेत्र में एक जननी चालक की लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झल्लार से इलाज करवाने के बाद अपने गांव जा रही एक गर्भवती महिला को जननी के चालक ने बीच रास्ते में ही छोड़ दिया। मजबूरी में आशा कार्यकर्ता ने निजी वाहन कर गर्भवती महिला को उसके घर पहुंचाया।

जानकारी के मुताबिक भैसदेही विकासखंड के कालडोंगरी की एक गर्भवती महिला को आशा कार्यकर्ता नंदिनी चौरासे अति गंभीर स्थिति में इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई थी। इलाज के बाद जननी चालक को फोन कर वापस बुलवाया, लेकिन सात बजे तक मदद नहीं मिल पाई। इसके बाद वह वाहन लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झल्लार पहुंचा और कालडोंगरी के बजाय गायखाम गांव में उतार दिया। आशा कार्यकर्ता की मानें तो उसने गर्भवती की स्थिति को देखते हुए जननी एक्‍सप्रेस के चालक से कई बार गुहार लगाई, लेकिन अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए नशे की हालत में दोनों को वहीं छोड़ गया। जननी एक्सप्रेस के चालक द्वारा बीच में गर्भवती महिला को छोड़ने के बाद आशा कार्यकर्ता ने एक निजी वाहन कर उसे अपने गृह ग्राम कालडोंगरी छोड़ा। आशा कार्यकर्ता ने बताया कि गर्भवती की हालत इतनी गंभीर थी कि जरा भी पैदल चलती तो हालत गंभीर हो जाती, इसलिए एक निजी वाहन कर उसे घर पहुंचाया।

इस मामले में बीएमओ एमएस सेवरिया का कहना है कि यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। मामले की जांच कर जिला अधिकारी को जानकारी दी जा रही है। नियमानुसार गर्भवती महिला को स्वास्थ्य केंद्र से लाकर उसे अपने घर तक सुरक्षित पहुंचाने का दायित्व जननी एक्सप्रेस के चालक का ही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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