बैतूल। शहर में 2-2 ऑडिटोरियम का काम बड़े जोर-शोर से शुरू तो हुआ था, लेकिन बजट का टोटा होने से 2 साल बाद भी इनका काम पूरा नहीं हो सका है। जेएच कॉलेज में बन रहे ऑडिटोरियम के लिए जहां अभी तक एक पैसा भी नहीं मिला और दो साल से उसका काम बंद पड़ा है, वहीं लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम के बगल में बने ओपन ऑडिटोरियम में भी अतिरिक्त स्वीकृत कार्यों के लिए एक करोड़ की राशि नहीं मिलने से वह भी आधा-अधूरा ही पड़ा है। दोनों निर्माणाधीन ऑडिटोरियम के अधर में लटके होने से न तो कॉलेज के छात्र-छात्राओं को सुविधा मिल रही है और न ही शहरवासियों को ही सुविधा मिल पा रही है।

जेएच कॉलेज में विभिन्ना सांस्कृतिक व खेल गतिविधियों के लिए दो मंजिला इंडोर ऑडिटोरियम का निर्माण किया जा रहा था। इसके लिए 6 सितंबर 2017 को 3 करोड़, 6 लाख, 79 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी। इसका निर्माण कार्य 22 नवंबर 2017 को शुरू हो गया था और 21 मई 2019 को पूरा हो जाना था। इसी तरह शहरवासियों के लिए विभिन्ना सामुदायिक व सांस्कृतिक आयोजनों के लिए ओपन ऑडिटोरियम का निर्माण लाहोरी शेड मैदान में किया जा रहा है। इसके लिए 26 मई 2017 को 1 करोड़, 33 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी। इसका काम 25 जुलाई 2018 को पूरा हो जाना था। यह दोनों ही काम शुरू तो हो गए, लेकिन कार्यपूर्णता की तिथि खत्म हो जाने के बावजूद भी आज तक पूरे नहीं हो सके हैं। कॉलेज के ऑडिटोरियम के तो बेहद बुरे हाल हैं। इसके निर्माण के लिए 50 फीसद राशि शासन से मिलना था, वहीं 50 फीसद राशि जनभागीदारी के तहत कॉलेज को उपलब्ध कराना था। इसका काम चालू कर दिया गया और सभी दीवारें भी खड़ी कर दी गई हैं। इसके बाद 2 साल से काम ही बंद पड़ा है। ऐसे में जितना काम हो चुका था वह भी खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। बताया जाता है कि इसके लिए आज तक एक पैसा भी न तो शासन से उपलब्ध हो सका और न ही कॉलेज ने कोई राशि मुहैया कराई। ठेकेदार ने काम करने के बाद 70-80 लाख रुपये के बिल लगाए थे। उनका भी आज तक भुगतान नहीं हुआ है वहीं बाद में करीब डेढ़ करोड़ का काम हो चुका है, उसका भी कोई भुगतान उसे नहीं हुआ। यही कारण है कि ठेकेदार ने भी हाथ खड़े करते हुए करीब 2 साल पहले ही काम बंद कर अपना बोरिया बिस्तर समेट लिया।

यहां अतिरिक्त स्वीकृति का पैसा रुका

ओपन ऑडिटोरियम में प्रशासकीय स्वीकृति के अलावा कुछ अन्य काम भी स्वीकृत किए गए थे। इनमें इसे कवर्ड करना, पीछे शेड निर्माण, स्टेच्यू निर्माण, पेविंग ब्लॉक सहित अन्य कुछ कार्य थे जो कि लगभग 1 करोड़ रुपये के थे। यह राशि खनिज मद से मिलनी थी। यह अतिरिक्त काम स्वीकृत तो हो गए, लेकिन अतिरिक्त कार्यों की राशि ही नहीं मिली। यही कारण है कि लंबे समय तक इंतजार करने के बाद इसका काम कर रहे ठेकेदार ने भी हाथ खड़े करते हुए काम बंद कर दिया। यहां अभी भी फिनिशिंग, इलेक्ट्रिक कार्य, फाइनल टच जैसे कुछ काम बाकी हैं। काम बाकी रहने से इसे भी नगर पालिका को नहीं सौंपा जा सका। यही कारण है कि लगभग पूरा बन जाने के बावजूद यह आज भी लोगों के किसी काम नहीं आ रहा है।

जल्द शुरू होंगे दोनों ही कामः एसडीओ

दोनों कार्यों की निर्माण एजेंसी परियोजना क्रियान्वयन ईकाई (पीआईयू) के अनुविभागीय अधिकारी जीडी भूमरकर बताते हैं कि कॉलेज वाले मामले में हाल ही में कॉलेज प्रबंधन से चर्चा की गई है। प्रबंधन ने जनभागीदारी समिति की बैठक लेकर जो भी राशि उपलब्ध होगी, वह देने का आश्वासन दिया है। शासन से भी राशि मिलने की संभावना है। आगामी 3-4 महीने में इसका काम शुरू हो सकता है। इसी तरह ओपन ऑडिटोरियम मामले में अतिरिक्त स्वीकृति वाली 1 करोड़ की राशि में से 50 लाख रुपये हाल ही में मिले हैं। इसका भी जल्द काम शुरू कर पूर्ण किया जाएगा। इसके बाद शेष राशि भी प्राप्त हो जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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