दामजीपुरा (नवदुनिया न्यूज)। जिले के सबके अंतिम छोर का क्षेत्र दामजीपूरा जहां लगभग 50 गांव आते हैं पूर्ण रूप से आदिवासी अंचल है।नौ अगस्त विश्व आदिवासी मूलनिवासी दिवस पर क्षेत्र में बड़ी संख्या में आदिवासी वर्ग के लोग उपस्थित हुए। जिसमें बच्चे,युवा,बुजुर्ग महिलाएं सभी लोग एकत्रित हुए। कार्यक्रम में प्रत्येक गांव से रैली निकालकर लोग दामजीपुरा पहुंचे। रैली का जगह जगह पर स्वागत किया गया एवं स्वल्पाहार भी वितरित किया गया। सरकार द्वारा चलाया जा रहा हर घर तिरंगा अभियान के तहत तिरंगा भेट किया गया। रैली स्कूल ग्राउंड पहुंची जहां मंच कार्यक्रम किया गया। जिसमें क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की आदिवासी जनता को संबोधित किया।

द्वारका नाथ उईके ने कहा कि हम सभी को एक होकर आदिवासी समाज का विकास करना होगा और इन सब के लिए हमारे प्राथमिकता है। शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो जितना पियेगा उतना दहाड़ेगा। हमारे आदिवासियों के साथ अन्याय होता चला आ रहा है। हम लोग देख रहे हैं कि नेमावर, नीमच, सिवनी जैसी घटना हमारे आदिवासी के साथ हो रही हैं और सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। देश की राष्ट्रपति आदिवासी वर्ग की हैं लेकिन हमें आदिवासी दिवस के दिन छुट्टी नहीं दी गई। यह हमारे समाज के लिए बड़े सोचने की बात है। मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष रामू टेकाम ने कहा कि सर्वधर्म समाज को आदिवासी समाज सम्मान करता है आप हम सब एक हैं। एससीएसटी ओर ओबीसी हम सभी इस भारत के मूल निवासी हैं। हमारा युवा वर्ग कहीं ना कहीं नशे की गिरफ्त में है उसे हमको दूर रहना चाहिए। सभी लोग अपनी संस्कृति की रक्षा करने के लिए एकत्रित होकर अपने बच्चे को अच्छी शिक्षा ग्रहण करें। गुरुजन उन्हें शिक्षा प्रदान करें। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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