बैतूल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। बैतूलबाजार में दूषित पानी की आपूर्ति के बाद बिगड़ी स्थिति को संभालने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 15 वार्डों में घर-घर सर्वे का काम प्रारंभ कराया है। शुक्रवार को भी दो नए मरीज सामने आए हैं। हालांकि तीन दिन से उपचार के बाद पीड़ितों की हालत में सुधार आ रहा है। अब तक प्रशासन और नगर परिषद के द्वारा किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। इससे लोगों में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर आक्रोश व्याप्त हो रहा है। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद की असंवेदनशीलता और लापरवाही के कारण एक बालिका को अपनी जान गंवाना पड़ गया जबकि दो गंभीर मरीज जिला अस्पताल में बीमारी से जूझ रहे हैं। दूषित पानी की आपूर्ति के कारण नगर के भवानी, मालवीय, विष्णु और सुभाष वार्ड तक संक्रमण फैल गया। आठ अगस्त को ही क्षेत्र के लोगों ने नगर परिषद के अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को जानकारी दी थी लेकिन किसी ने कोई कदम नहीं उठाया। इसका नतीजा यह हुआ कि 16 अगस्त तक संक्रमण सैकड़ों लोगों को अपनी चपेट में ले चुका था। प्रशासन और नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों की नींद जब खुली तब तक एक किशोरी की मौत हो चुकी थी। हालत बिगड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मोर्चा संभाला और घर-घर सर्वे कराकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद दवाएं बांटी। अस्थाई क्लीनिक खोलकर मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।

दो नए मरीज और सामने आएः

भवानी वार्ड में दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त से पीड़ितों के स्वास्थ्य में सुधार तो हो रहा है लेकिन नए मरीज भी लगातार सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को भवानी वार्ड के प्रवीण पवार और अनिल शंकर पवार को उल्टी-दस्त की शिकायत बढ़ने पर परिवार के लोगों ने आंगनबाड़ी में भर्ती कराया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों के द्वारा नगर के सभी 15 वार्ड में सर्वे किया जा रहा है और क्लोरीन की गोली बांटने के साथ ही पीड़ितों की जानकारी भी ली जा रही है।

बंद कर दी आरओ पानी पहुंचाने की व्यवस्थाः

नगर परिषद के द्वारा आरओ पानी की आपूर्ति करने की व्यवस्था बनाई गई थी ताकि लोग दूषित पानी का उपयोग पीने के लिए न कर पाएं। शुक्रवार शाम को अचानक नगर पालिका के अमले द्वारा वार्डों में पहुंचकर लोगों को यह सूचना दे दी गई कि शाम को आरओ पानी की आपूर्ति नहीं की जाएगी। लोगों का कहना है कि जब यह व्यवस्था बनाई गई है तो जब तक बीमारी का प्रकोप पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता तब तक इसे चालू रखना चाहिए था। अभी भी वार्डों में उल्टी-दस्त के पीड़ित मिल ही रहे हैं ऐसे में यह नहीं माना जा सकता है कि बीमारी पूरी तरह से खत्म हो गई है।

फिल्टर प्लांट से पानी की आपूर्ति प्रारंभः

नगर परिषद के द्वारा गुरुवार से नगर के सभी 15 वार्डों में फिल्टर प्लांट से पानी की आपूर्ति प्रारंभ कराई गई है। इससे लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को सुबह भी नलों से कब पानी आएगा इसकी कोई जानकारी ही लोगों को नहीं दी गई। दोपहर तक अलग-अलग हिस्सों में पानी की आपूर्ति होती रही। लोगों का आरोप है कि फिल्टर प्लांट से की जा रही पानी की आपूर्ति का समय तय किया जाना चाहिए ताकि लोग समय पर पानी भर सकें।

क्या कहते हैं आम नागरिकः

- नगर परिषद बैतूलबाजार की लापरवाही से दो वार्डों में उल्टी-दस्त का प्रकोप तेजी से फैल गया है। दूषित पानी सप्लाई होने की जानकारी देने के बाद भी किसी ने कुछ नही किया। इससे शर्मनाक और कुछ नही हो सकता है। जो भी जिम्मेदार हैं उन पर कार्रवाई की जाना चाहिए।

वसीम कुरैशी, युवा बैतूल।

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- नगर परिषद को हर बीमार हुए नागरिक को हर्जाना देना चाहिए। दूषित पानी की नगर में आपूर्ति करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए। छह वार्डों में कुए का दूषित पानी आठ से दस दिन तक सप्लाई होता रहा और जिम्मेदार आंख बंद कर बैठे रहे इससे गंभीर लापरवाही कुछ हो ही नही सकती है।

- अभिषेक वर्मा, युवा, बैतूलबाजार

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- नगर के दो वार्डों में दूषित पानी के कारण लोगों के बीमार होने की जानकारी मिलते ही समझाइश देने के साथ ही व्यवस्था बनाई गई है। अब पीड़ितों की संख्या में कमी आ रही है। इस मामले में जिस स्तर पर भी चूक हुई है उसकी जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई गड़बड़ी न हो सके।

सुरेश गायकवाड़, उपाध्यक्ष नप बैतूलबाजार।

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- नगर परिषद की असंवेदनशीलता ही है कि लगातार दूषित पानी की सप्लाई होती रही और अफसर से लेकर जनप्रतिनिधि मौन साधे बैठे रहे। हमने मांग की है कि इस लापरवाही की पूरी जांच की जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। तीन दिन में कोई कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस उग्र प्रदर्शन करने के लिए विवश होगी।

-लवलेश राठौर, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष।

Posted By: Nai Dunia News Network

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