मुलताई (नवदुनिया न्यूज)। विकासखंड की सरई पंचायत में विगत 15 दिन पूर्व ही पूर्ण हुआ अमृत सरोवर पहली वर्षा में ही क्षतिग्रस्त होते होते बचा। इसका कारण वेस्ट वेयर का गहरा नहीं होना बताया जा रहा है जिससे पानी सरोवर की मुख्य दीवार के उपर से बहने लगा था। पंचायत द्वारा स्थिति को देखते हुए पाइप के माध्यम से मोटर एवं सायफन विधि से पानी बाहर निकाला गया। इधर ग्रामीणों का कहना है कि सरोवर में सीपेज भी हुआ है जिससे बड़ी मात्रा में पानी नीचे से भी बहा है जिससे निर्माण में तकनीकी खामियां भी सामने आई हैं। पूरे मामले में सरई पंचायत सचिव हेमराज साहू का कहना है कि बारिश लगातार होने से सरोवर भर गया जिसका पानी वेस्टवेयर से बाहर होना था लेकिन वेस्टवेयर अपेक्षित गहरा नहीं होने से पानी दीवार के उपर से बहने लगा। उन्होने बताया कि पंचायत द्वारा पाईप के माध्यम से मोटर एवं सायफन विधि से पानी को बाहर किया गया जिससे अब स्थिति नियंत्रण में है। उन्होने बताया कि अधिक वर्षा के कारण स्थिति निर्मित हुई है जिससे अब वेस्टवेयर को और अधिक गहरा किया जाएगा।

17 लाख की लागत से बना सरोवरः

सरई पंचायत में अमृत सरोवर योजना के तहत लगभग 17 लाख रुपये की लागत से निर्माण किया गया है ताकि सरोवर का लाभ ग्रामीणों को मिल सके। लेकिन तकनीकी खामियों की वजह से पहली ही वर्षा में सरोवर क्षतिग्रस्त होते होते बचा। ग्रामीणों ने बताया कि सरोवर निर्धारित मापदंड के अनुसार बनाया जाता तो अधिक वर्षा के बावजूर वेस्टवेयर से पानी निकल जाता लेकिन पंचायत द्वारा निर्माण में लापरवाही बरती गई है।

सरोवर में नीचे से भी रिसावः

अधिक वर्षा होने से जहां पानी वेस्टवेयर से नहीं निकल सका तथा उपर से बहने लगा वहीं ग्रामीणों ने बताया कि सरोवर में नीचे से भी पानी का रिसाव हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार सरोवर निर्माण की तकनीकी खामियां पहली ही वर्षा में सामने आ गई है जिसमें नीचे से पानी का रिसाव हो रहा है वहीं वेस्टवेयर भी गहरा नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार 17 लाख रुपये की लागत से निर्मित सरोवर में जब पहली वर्षा में ही हाल बदतर है तो आगे भारी क्या स्थिति होगी इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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