Bhind Crime News: भिंड, नईदुनिया प्रतिनिधि। जिले में इन दिनों गेहूं की फसल की कटाई का कार्य चल रहा है। वहीं हर रोज खेतों में आगजनी की घटनाएं हो रही हैं। फसल जलने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। एक सप्ताह में जिलेभर में फैक्ट्री से लेकर खेतों में खड़ी फसल जलने के 6 मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन आगजनी घटनाओं से निपटने के लिए प्रशासन के इंतजाम अधूरे नजर आ रहे हैं।

हर साल गर्मियां शुरू होते ही खेतों में खड़ी फसल में आग लगने सहित फैक्ट्री, गोदाम व अन्य जगहों पर आगजनी होने के मामले बढ़ जाते हैं। इसके बाद प्रशासन के द्वारा आगजनी के घटनाएं रोकने को लेकर न कोई कार्ययोजना तैयार की जाती है और न ही कोई प्रयास किए जाते हैं। अगर आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम जुटा लिए जाएं तो काफी हद तक आगजनी की घटनाओं पर समय रहते काबू पाया जा सकता है। जिलेभर में कई नगर परिषद ऐसी हैं जहां फायर ब्रिगेड तक नहीं हैं, वहीं कुछ जगहों पर फायर ब्रिगेड तो हैं पर खराब पड़ी हुई हैं। यह दोनों ही मामले जिलेभर में आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए प्रशासन के द्वारा की गई तैयारियों पर प्रश्नचि- खड़े करने के लिए काफी हैं।

फैक्ट फाइलः

फायर ब्रिगेड सही खराब

मालनपुर 4 3

गोहद 1 1

मेहगांव 1 0

गोरमी 1 0

फूफ 1 0

अकोड़ा 1 0

मिहोना 0 1

लहार 1 0

मौ 1 0

इन जगहों पर नहीं हैं फायर ब्रिगेडः मछंड, रौन, ऊमरी, रावतपुरा, आलमपुर, दबोह, असवार सहित अन्य जगहों पर फायर ब्रिगेड ही नहीं है। रौन क्षेत्र रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि जब भी गांव में आगजनी की घटना होती है। उस समय 10 किलोमीटर दूर मिहोना से दमकल आती है। वहीं इस समय तो मिहोना में भी फायर ब्रिगेड खराब पड़ी हुई है। ऐसे में अगर क्षेत्र किसी जगह पर आग लगने की घटना हुई तो या तो 20 किमी दूर लहार से या 35 किमी दूर स्थित भिंड से दमकल मंगानी पड़ेगी। वहीं मिहोना में एक अप्रैल को मानगढ़ गांव में खेतों में खड़ी सरसों की फसल में आग लग गई थी। इस दौरान आग बुझाते समय मिहोना की दमकल खराब हो गई। हालांकि फायर ब्रिगेड के चालक ने फायर ब्रिगेड खराब होने की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी है। लेकिन इसके बाद भी अब तक दमकल को ठीक कराने को लेकिर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

किसान ये सावधानियां बरतें:

-शौच के दौरान बीड़ी-सिगरेट न पिएं। जलते हुए बीड़ी-सिगरेट के टुकड़े को पैर से कुचलकर पूरी तरह से बुझाकर की फेकें।

- किसान जब भी खेत में खलिहान या कटी हुई फसल का ढेर बनाएं तो वहां बिजली के तारों से दूरी जरूर रहे।

- खेत का खरपतवार तब तक न जलाएं जब तक आसपास दूसरे की सूखी फसल खड़ी हो। अगर बगीचा पास में है तो सूखे पत्ते में आग न लगाएं।

-बिजली के तार के नीचे ट्रांसफार्मर के पास खलिहान न लगाएं और न ही फूस के छप्पर बनाएं।

-जलती हुई लालटेन और ढिबरी में मिट्टी का तेल खत्म होने पर न डालें। लालटेन और ढिबरी को बुझाने के बाद ठंडा हो जाने पर ही मिट्टी का तेल डालें।

-खेत में फूस उस समय जलाएं जब आसपास सूखी फसल न खड़ी हो और हवा न चल रही हो।

- ट्रैक्टर की चिंगारी से खलिहान को बचाए।

-शादी समारोह या किसी त्यौहार में खलिहान और फूस के आसपास कोई आतिशबाजी न चलाएं लैम्प, लालटेन और ढिबरी को सुरक्षित स्थान पर ही टांगे, छप्पर के पास बिल्कुल न टांगें।

एक सप्ताह में इन जगहों पर लगी आगः

- 30 मार्च को मालनपुर में सुप्रीम फैक्ट्री के स्क्रेप गोदम में आग लग गई थी, इससे गोदाम में रखा हुआ पूरा सामान जल गया था।

- 31 मार्च को रौन क्षेत्र के रायपुरा में शार्ट सर्किट होने से गेहूं के खेत में आग लग गई थी। इस दौरान 3 किसानों के 5 बीघा में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी।

- दो अप्रैल को मौ में स्थित साइकिल की दुकान में आग लग गई थी। जिससे दुकान में रखा हुआ पूरा सामान जल गया था।

- तीन अप्रैल को ऊमरी के पुलावली गांव में छप्पर में आग लगने से एक किसाने के नगद 10 हजार रुपये जल गए थे।

- 4 अप्रैल को दबोह के सिंगोसा गांव में आग लगने से 27 बीघा में खड़ी गेहूं की फसल जल गई थी।

- 4 अप्रैल को रौन क्षेत्र के रायपुरा दोहई के जंगल में आग लग गई थी।

वर्जन-

नगर परिषद में फायर ब्रिगेड की संख्या बढ़ाए जाने के संबंध में बातचीत की जाएगी।

आरए प्रजापति, एसडीएम लहार

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags