Bhind District Hospital: भिंड। जिला अस्पताल में नसबंदी ऑपरेशन के दौरान 30 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मौत से गुस्साए पति ने जिला अस्पताल के बाहर टमटम में तोड़फोड़ की। बाइक सवारों को पीटा। पुलिस ने किसी तरह से पति का गुस्सा शांत कराया। मृतिका के पति ने डॉक्टरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि ऑपरेशन के दौरान पत्नी की मौत हो चुकी थी, लेकिन डॉक्टर 3 घंटे तक उसके मरने की खबर छिपाए रहे। पति ने डॉक्टरों पर एफआइआर की मांग की है। पुलिस ने मर्ग कायम कर पड़ताल शुरू की है। सिविल सर्जन डॉ अनिल गोयल ने जांच कमेटी बनाई है।

यह है नसबंदी का पूरा घटनाक्रम

फूफ थाना क्षेत्र के सकराया गांव निवासी सुनील धानुक ने बताया गुरुवार सुबह करीब 10 बजे वह 30 वर्षीय पत्नी पम्मी को लेकर अस्पताल आए थे। पम्मी की नसबंदी के लिए डॉक्टरों से परामर्श किया। डॉक्टर नसबंदी के लिए पम्मी को ऑपरेशन थियेटर में लेकर गए। इस दौरान करीब डेढ़ से 2 घंटे तक कुछ बताया ही नहीं गया।

सुनील का कहना है कि इस दौरान ऑपरेशन थियेटर में डॉक्टरों की चहलकदमी बढ़ गई थी। ज्यादा पूछने पर सिर्फ यह बताया गया कि तबीयत बिगड़ गई है। कोशिश की जा रही है। सुनील के मुताबिक पम्मी के ऑपरेशन थियेटर में जाने के करीब 3 घंटे बाद अस्पताल पुलिस चौकी पर उसकी मौत की खबर पहुंची। इस दौरान ऑपरेशन थियेटर में घुसा तो पम्मी को पंपिंग की जा रही थी। डॉक्टरों ने उसे मृत बता दिया।

एनेस्थीसिया डॉक्टर का पहला दिन

जिला अस्पताल में पम्मी धानुक का नसंबदी ऑपरेशन सर्जन डॉ जीआर शाक्य कर रहे थे। एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) देने के लिए डॉ आशुतोष जैन मौजूद थे। बताया गया है कि डॉ जैन का जिला अस्पताल में गुरुवार को पहला दिन था। ऑपरेशन के दौरान डॉ आशुतोष जैन ने पम्मी को एनेस्थीसिया दिया। इस दौरान डॉ शाक्य ने नसबंदी के लिए चीरा लगाया तो इसी दौरान पम्मी ने दम तोड़ दी। पम्मी की मौत की खबर सिविल सर्जन डॉ अनिल गोयल, सीएमएचओ डॉ अजीत मिश्रा को दी गई। दोनों चिकित्सा अधिकारी ऑपरेशन थियेटर में पहुंच गए।

पति ने जाम लगाने की कोशिश की

पम्मी की मौत से पति सुनील धानुक आक्रोशित हो गए। वे साले परमाल धानुक और परिवार की महिलाओं के साथ जिला अस्पताल के बाहर आए। वाहन रुकवाकर जाम लगा रहे थे। इसी दौरान सुनील ने कोहनी के वार से टमटम का शीशा फोड़ दिया। इससे वे खुद घायल हो गए। दो बाइक सवारों को पीटा। इसी दौरान कोतवाली टीआइ उदयभान सिंह यादव बल के साथ पहुंचे। टीआइ सुनील को ड्रेसिंग के लिए ट्रॉमा सेंटर ले गए। पम्मी के शव को पीएम के लिए भिजवाया गया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से स्वजन को 50 हजार रुपए का चेक दिया गया।

नसबंदी करने वाला डॉक्टर पीएम के पैनल में

जिला अस्पताल प्रबंधन ने पांच डॉक्टरों के पैनल से पम्मी का पीएम कराया। पैनल बनाने में बड़ी लापरवाही सामने आई। पम्मी के नसबंदी ऑपरेशन में शामिल डॉ आशुतोष जैन को पीएम करने वाले पांच डॉक्टरों के पैनल में शामिल किया गया। महिला का पति जिन दो डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा रहा था, उनमें डॉ जैन भी शामिल थे। पैनल में डॉ जैन के अलावा डॉ विनोद वाजपेयी, डॉ आरएन राजौरिया, डॉ राधा अग्रवाल, डॉ प्रभात उपाध्याय शामिल रहे। बताया गया कि पीएम के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई है।

इनका कहना है

नसबंदी के दौरान महिला की मौत हुई है। स्वजन के आरोपों को देखते हुए जांच कमेटी बनाई है। जांच रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके मुताबिक केस दर्ज किया जाएगा।

डॉ अनिल गोयल, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल भिंड

पत्नी पूरी तरह स्वस्थ्य थी। डॉक्टरों ने लापरवाही की इससे पत्नी की मौत हुई। जिला अस्पताल के डॉक्टर करीब 3 घंटे तक मरने की खबर छिपाए रहे। डॉक्टरों पर एफआइआर होना चाहिए।

सुनील धानुक, मृतिका महिला का पति

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020