भिंड(नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के सदर बाजार का सुंदरीकरण कराए जाने को लेकर तैयार की गई कार्ययोजना में जल्दबाजी की गई। नतीजा डिवाइडर के बीच में बने अधूरे टायलेट बाजार की सूरत बिगाड़ रहे हैं। निर्माण कार्य शुरू कराए जाने के पहले दिन से ही व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन इस ओर न तो जनप्रतिनिधि ने ध्यान दिया और न ही अफसरों ने। वहीं निर्माण कार्य की रूपरेखा तैयार करने वाले इंजीनियर भी अब चुप्पी साधे हुए बैठै हुए हैं।

बता दें कि नगर पालिका द्वारा सदर बाजार माडल बनाने के लिए एक करोड़ 12 लाख 61 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे जहां एक ओर डिवाइडर को चौड़ा कर बाइक पार्किंग के साथ ही लेडीज और जेंट्स टायलेट का निर्माण कराया जाना है। वहीं दूसरी ओर फुटपाथ पर ग्रेनाइट पत्थर लगवाया जाना है। हालांकि डेढ़ साल पहले डिवाइडर को चौड़ा कराने के बाद टायलेट का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इसके बाद से अब तक यह कार्य शुरू नहीं हुआ। वहीं अब जिम्मेदार निर्माण कार्य बंद होने को लेकर कभी बाजार से अतिक्रमण हटवाने तो किसी अन्य वजह बताकर अपना पल्लाझाड़ने में लगे हुए हैं।

बाजार से नहीं हट सके ठेलेः

नगर पालिका ने सदर बाजार में खड़े होने वाले हाथ ठेलों के लिए हाकर्सजोन बनाया गया है। हालांकि नपा द्वारा समय-समय पर हाकर्सजोन में बाजार में खड़े होने वाले ठेलों को शिफ्ट कराए जाने की कार्रवाई भी की जाती है। लेकिन हर-बार राजनीतिक हस्तक्षेप की वजह से सदर बाजार में खड़े होने वाले ठेले नहीं हट पा रहे हैं।

डिवाइडर पर निर्माण होने से सिकुड़ी सड़कः

बता दें कि सदर बाजार में डिवाइडर के बीच टायलेट का निर्माण कराए जाने के लिए छह फीट चौड़ा डिवाइडर किया गया है। ऐसे में डिवाइडर के दोनों तरफ ठेले खड़े होने से सड़क पर आवागमन के लिए दो से तीन फीट ही जगह बचती है। लोगों का कहना है कि अगर डिवाइडर के बीच में टायलेट का निर्माण कराना था तो पहले बाजार से अतिक्रमण हटवाते उसके बाद यह कार्य शुरू कराते, लेकिन अतिक्रमण हटवाए बिना ही डिवाइडर के बीच निर्माण करा दिया गया। वहीं आगामी दिनों में आने वाले त्योहार के चलते बाजार में भीड़भाड़ होना शुरू हो गई है। वर्तमान में हालत यह है कि बाजार से वाहन तो दूर पैदल निकलना तक मुश्किल हो रहा है।

व्यापारी बोले- डिवाइडर के बीच टायलेट बनाने ही नहीं थेः

सदर बाजार में डिवाइडर के बीच बनाए गए टायलेट को लेकर बाजार के व्यापारियों का कहना है कि हमने किसी भी शहर के मेन बाजार में डिवाइडर के बीच टायलेट बने हुए नहीं देखे हैं, क्योंकि डिवाइडर के बीच टायलेट बनने से पूरे बाजार में बदबू आएगी। पहले दिन से ही लोगों के द्वारा डिवाइडर के बीच बनाए गए टायलेट का विरोध किया जा रहा है। लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया।

-शहर के सदर बाजार में निर्माण कार्य अधूरा क्यों पड़ा हुआ है। इसकी जानकारी लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

वीरेंद्र तिवारी, सीएमओ नगर पालिका भिंड।

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