जिलेभर में सजे माता के पंड़ाल, लोगों में उत्साह

-प्राचाीन मंदिरों में पूजा पाठ के लिए पहुंच रहे लोग

-फोटो सहित

भिंड(नईदुनिया प्रतिनिधि)कोरोना काल में नवरात्रा महोत्सव का शुभारंभ घर-घर में घट स्थापना के साथ हुआ। नवरात्रा महोत्सव शुरू होते ही हनुमान मंदिरों पर विधि-विधान से रामायण पाठ शुरू हो गए हैं जो नवरात्रा के अंतिम दिन तक चलेंगे। शारदीय नवरात्रा के पहले दिन घर-घर में वैदिक मंत्रोच्चा के साथ श्रद्धालुओं ने अपने घरों में घट स्थापना की और मिट्टी के सकोरे में जौ बोए। वहीं घर-घर में घट स्थापना के बाद से ही रामायण पाठ, दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा आदि पाठ प्रारम्भ हो गए हैं। कोरोना के चलते इस बार शासन के नियमों का पालन करते हुए शहर सहित जिलेभर में कम ही जगहों पर माता के पंडाल सजाए गए हैं, फिर भी लोगों में उत्साह बना हुआ है।

शहर में महज 25 से 30 स्थानों पर ही माता के पंड़ाल सजाए गए हैं। इसके साथ शहर में स्थित माता के प्रचाीन मंदिरों के साथ कॉलोनियों में स्थित मंदिरों में श्रद्धालु सुबह-शाम पूजा-पाठ करने के लिए पहुंच रहे हैं। नवरात्र महोत्सव के दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना होती है। कुछ भक्त पूरे नौ दिनों तक व्रत रखकर मां की पूजा-अर्चना करते हैं। पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है और फिर अष्टमी या नवमी के दिन कन्याओं को भोजन कराया जाता है। इस बार कोरोना के चलते नवरात्र महोत्सव के दौरान गरबा सहित अन्य कार्यक्रमों पर रोक लगाई गई है।

इन जगहों पर भी सजे माता के पंड़ालः

शहर में झांसी रोड, बतासा बाजार वाली गली, अटेर रोड, ग्वालियर रोड, लहार रोड सहित गोहद, मेहगांव, फूप, मिहोना, लहार, गोरमी, आलमपुर, रौन सहित जिलेभर में शासन के निर्देशों का पालन करते हुए माता के पंड़ाल सजाए गए हैं।

इन नियमों का करना होगा पालनः शासन के निर्देशानुसार मूर्ति विसर्जन के लिए 10 से अधिक व्यक्तियों के समूह को अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। इसके लिए आयोजकों को अलग से जिला प्रशासन से लिखित अनुमति पहले से लेनी होगी, झांकियों, पंडालों और विसर्जन के आयोजनों में श्रद्धालुओं को मास्क,सुरक्षित शारीरिक दूरी और सैनिटाइजर का उपयोग करना होगा। इसके साथ ही शासन के द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का भी पालन करना होगा, झांकी निर्माता ऐसी झांकियों की स्थापना एवं प्रदर्शन नहीं करेंगे, जिनमें संकुचित जगह भीड़ एकत्र नहीं हो तथा या सुरक्षित शारीरिक दूरी पालन हो इसकी व्यवस्था आयोजकों को सुनिश्चित करना होगी। मूर्ति विसर्जन संबंधित आयोजन समिति के द्वारा किया जाएगा,कोविड संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुये धार्मिक/सामाजिक आयोजन के लिए चल समारोह निकालने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए सामूहिक चल समारोह निकालने पर प्रतिबंद रहेगा। इसके साथ ही गरबा के आयोजन नहीं हो सकेंगे लाउड स्पीकर बजाने के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की गई गाइड लाइन का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। रामलीला तथा रावण दहन के कार्यक्रम खुले मैदान में मास्क तथा सुरक्षित शारीरिक दूरी पालन की शर्त पर आयोजन समिति द्वारा संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से पूर्वानुमति प्राप्त कर आयोजित किए जा सकेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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