रौन। कस्बे के एकीकृत महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय पर सखी-सहेली प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों की संख्या में किशोरी बालिकाओं तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हुई। मानगढ़ सेक्टर की सुपरवाइजर रजनी शर्मा 15 साल की उम्र के बाद बालिकाओं के शरीर में होने वाले परिवर्तन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि इस अवस्था में हीमोग्बिन की समस्या आती है। यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो अनीमिया की शिकायत भी हो सकती है। बालिकाओं को पौष्टिक आहार लेना चाहिए। खाने के साथ मूली, पालक तथा गुड आदि का सेवन जरुर करना चाहिए। उन्होंने महावरी के दौरान स्वच्छता अपनाने पर भी जोर दिया। इस अवस्था में मानसिक और भावनात्मक बदलाव भी होते है। कार्यक्रम में डॉ. धीरज सिंह सिकरवार, डॉ. राजेश शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।