भिंड। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर के बायपास रोड के सर्किट हाउस के पास फल मंडी स्थित राजिन्दर आश्रम में सावन कृपाल रूहानी मिशन के द्वारा दयाल पुरुष संत दर्शनसिंह महाराज का जन्मदिन मनाया गया। कार्यक्रम में मिशन के अध्यक्ष परम संत राजिन्दरसिंह महाराज ने विडियो सत्संग के माध्यम से बताया कि दयाल पुरुष संत दर्शनसिंह महाराज चलते-फिरते प्रभु के स्वरूप थे। उनके चरणों में जो भी आया उसे उन्होंने प्रभु की ज्योति व श्रुति से जोड़ दिया है।

उन्होंने बताया कि प्रभु की सत्ता न सिर्फ मानव शरीर में मौजूद है। बल्कि यह हर प्राणी में चाहे वो पशु हो, पक्षी हो, कीड़ा-मकोड़ा हो या अन्य कोई जीव हो। इसलिए हमें हर प्राणी मात्र से प्रेम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें यह जो मानव शरीर मिला है, यह 84 लाख जियाजून में सबसे उत्तम है। इसलिए हमें चाहिए कि हम सबके साथ मिल-जुलकर प्रेमपूर्वक रहे, एक सदाचारी जीवन व्यतीत करें। जो अहिंसा, सच्चाई, नम्रता, करूणा और निष्काम सेवा आदि गुणों से भरा हुआ हो। साथ ही इसके साथ-साथ हम वक्त के किसी पूर्ण गुरु के चरण कमलों में पहुंचे और उनके मार्गदर्शन में ध्यान-अभ्यास की कला को सीखें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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