भिंड। नईदुनिया प्रतिनिधि

गोहद में नए ज्वाइन हुए एसडीएम आरए प्रजापति की व्यवस्था के लिए 32 पटवारी, 64 कोटवारों की ड्यूटी लगाए जाने का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वायरल हुआ पत्र गोहद तहसीलदार ममता शाक्य के नाम से जारी किया गया है। यह पत्र राज्य शासन के पास भी पहुंचा है। सरकार की ओर से कलेक्टर छोटे सिंह से जवाब मांगा गया है। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने एडीएम अनिल चांदिल को गोहद भेजकर तहसीलदार कार्यालय का रिकॉर्ड जब्त कराया है। प्रारंभिक जांच में पत्र को फर्जी माना जा रहा है। हालांकि जांच जारी है।

यह है पूरा मामलाः

ग्वालियर जिले से ट्रांसफर होकर आए एसडीएम आरए प्रजापति ने 15 अक्टूबर को गोहद में ज्वाइन किया है। ज्वाइनिंग के दिन की तारीख में तहसीलदार ममता शाक्य के नाम से कथित आदेश जारी किया गया। पत्र में लिखा गया कि एसडीएम ने गोहद तहसील में आमद दे दी है। वे सर्किट हाउस में ठहरे हैं, उनकी व्यवस्था के लिए 31 अक्टूबर तक पटवारी और कोटवारों की ड्यूटी लगाई जाती है। पत्र में नीचे 15 से 31 अक्टूबर तक की सारणी बनाई गई है, जिसमें एसडीएम की व्यवस्था में 32 पटवारी और 64 कोटवारों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी पटवारियों और कोटवारों के नाम लिखे गए हैं। इनमें रोज 2 पटवारी और 4 कोटवारों की ड्यूटी का जिक्र किया गया। ड्यूटी की मॉनीटरिंग का जिम्मा राजस्व निरीक्षक को दिया है। इस तरह यह कथित पत्र वायरल कर दिया गया। आमतौर पर इस तरह की ड्यूटी वीवीआईपी के लिए लगाई जाती है। हालांकि उनमें भी इतने पटवारी और कोटवार नहीं लगाए जाते हैं।

फर्जीं है तहसीलदार के नाम का पत्रः

यहां बता दें कि यह पत्र वायरल हुआ तो राज्य शासन के आला अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया। सरकार की ओर से कलेक्टर से जवाब मांगा गया। कलेक्टर ने एडीएम अनिल कुमार चांदिल को सुबह ही जांच के लिए गोहद भेजा। तहसीलदार कार्यालय खुलने से पहले एडीएम वहां पहुंच गए थे। कलेक्टर का कहना है एडीएम ने तहसीलदार कार्यालय से आवक-जावक पंजी सहित आवश्यक रिकॉर्ड जब्त किया। रिकॉर्ड में यह पत्र नहीं मिला है। यह पत्र 47 नंबर से जावक है, जबकि असली पत्र 46 नंबर से जावक है, जिसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना में पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कलेक्टर का कहना है कि पत्र में ऊपर का मजमून बदलकर वायरल कर दिया गया। एडीएम अब इस पूरे मामले से जुड़े लोगों के बयान ले रहे हैं।

वर्जनः

पत्र प्रथम द्ष्टया फर्जी है। दरअसल सोमवार को टीएल मीटिंग में मैने एसडीएम को लक्ष्य दिए। एसडीएम ने गोहद में अधिकारियों-कर्मचारियों संग बैठक कर सख्ती दिखाई। इसी के बाद यह पत्र वायरल किया गया। हम जांच करा रहे हैं। दोषियों परर कार्रवाई करेंगें

छोटे सिंह, कलेक्टर, भिंड

वर्जनः

मेरी व्यवस्था के लिए तो किसी की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। आप खुद देख सकते हैं। मैं तो अकेला रह रहा हूं। कोई है भी नहीं मेरे पास। किसी ने फर्जी तरीके से पत्र वायरल किया है।

आरए प्रजापति, एसडीएम, गोहद

- नईदुनिया एक्सक्लूसिवः-

फोटो नंबर 25,26 सहितः- कलेक्टर-एसडीएम के फोटो नाम सेः-

Posted By: Nai Dunia News Network