भिंड। नईदुनिया प्रतिनिधि

डार्जलिंग के बाल डोंगरा में पदस्थ जवान परेड के दौरान गिरकर बेहोश हो गए। उन्हें आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने उनके सिर में नस डैमेज होना बताई थी। जवान को 15 नवंबर को एयर एंबुलेंस से इलाज के लिए कोलकाता में आर्मी के कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने दो बार ऑपरेशन किए। ऑपरेशन कामयाब नहीं हुए। बीती 27 नवंबर को जवान का ब्रेन डेड हो गया। 29 नवंबर को रात 11ः45 बजे जवान ने अंतिम सांस ली। रविवार को सैनिक सम्मान के साथ अकोड़ा गांव में जवान की अंत्येष्टि हुई। पूर्व सांसद डॉ रामलखन सिंह, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर हर्षवर्धन शर्मा, ग्वालियर आर्मी यूनिट से आए नायब सूबेदार मनवीर सिंह अपनी कंपनी के साथ शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे।

सिर में दर्द के बाद अचानक गिर पड़े

अकोड़ा निवासी भास्कर सिंह भदौरिया 36 पुत्र इंद्रवीर सिंह भदौरिया वर्ष 2004 में आर्मी की इंजीनियरिंग कोर में भर्ती हुए थे। वर्ष 2017 से वे डार्जलिंग के बाल डोंगरा इलाके में पदस्थ थे। 14 नवंबर की शाम को परेड के दौरान श्री भदौरिया के सिर में तेज दर्द हुआ, इससे वे परेड के दौरान ही गिरकर बेहोश हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए आर्मी के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां सीटी स्कैन में सिर में नस डैमेज होना बताया। 15 नवंबर की शाम को जवान को एयर एंबुलेंस से कोलकाता में आर्मी के कमांड अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। कमांड अस्पताल में डॉक्टरों ने जवान की हालत बेहद नाजुक बताई थी। उनके 2 बार ऑपरेशन किए गए, लेकिन ऑपरेशन कामयाब नहीं हुआ। बीती 27 नवंबर को डॉक्टरों ने जवान श्री भदौरिया के ब्रेन को डेड बता दिया था। 29 नवंबर की रात 11ः45 बजे जवान ने अंतिम सांस ली। शनिवार को कोलकाता से आर्मी के जवान धीरज सिंह जवान की पार्थिव देह लेकर आए।

गार्ड ऑफ ऑनर के साथ 3 चक्र फायर

जवान भास्कर सिंह भदौरिया के निधन की खबर से गांव और आसपास के इलाके में हर कोई शोकग्रस्त था। पूर्व सांसद डॉ रामलखन सिंह, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर हर्षवर्धन शर्मा शनिवार को दोपहर बाद अकोड़ा पहुंच गए थे। ग्वालियर से नायब सूबेदार मनवीर सिंह के नेतृत्व में आई आर्मी की टुकड़ी ने श्री भदौरिया को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैनिक के सम्मान में 3 चक्र फायरिंग की गई। रिटायर आर्मी मैन हुकुम सिंह कुशवाह, पूर्व कैप्टन दिलीप राजावत भी अकोड़ा में जवान की अंत्येष्टि में शामिल हुए।

5 माह पहले आए थे घर, पत्नी से हुई आखिरी बार बात

जवान भास्कर सिंह के परिवार में मां विजय कुमारी देवी, पत्नी पिंकी भदौरिया, बेटी खुशी 15, बेटी मानसी 13 और बेटा रुद्रप्रताप है। भास्कर सिंह से बड़े दो भाई दिवाकर सिंह और प्रभाकर सिंह हैं। दिवाकर सिंह ने बताया कि छोटे भाई भास्कर 5 माह पहले छुट्टी लेकर घर आए थे। अब उनको दोबारा घर आना था। घर में किसी ने यह कल्पना नहीं की थी कि भास्कर इस तरह सबको रुलाकर आएंगे। उनके निधन से पत्नी, मां, बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। आखिरी बार पत्नी से ही उनकी बात हुई थी।

फोटो नंबर 12,13,14,15 सहितः-

Posted By: Nai Dunia News Network

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