- वनखंडेश्वर महादेव मंदिर पर देर रात तक पहुंचे श्रद्घालु, 500 से अधिक चढ़ाई गई कांवर

- महाकालेश्वर, 17वीं बटालियन सहित कुंडेश्वर, अर्धनारेश्वर और अंचल के मंदिर पर लगा रहा भक्तों का तांता

-शिवालयों पर लगा रहा मेला, श्रद्धालुओं ने किया रुद्राभिषेक

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भिंड। नईदुनिया प्रतिनिधि

महाशिवरात्रि पर्व पर शुक्रवार को शिवालय बम-बम भोले, हर-हर महादेव से गूंज उठे। शहर के प्राचीन वनखंडेश्र महादेव मंदिर पर गुरुवार रात 12 बजे से कांवर का चढ़ाने का क्रम शुरू हुआ, जो शु्‌क्रवार 10 बजे तक चला। मंदिर के पुजारी राजकुमार शर्मा और वीरेन्द्र शर्मा के मुताबिक इस बार पिछले साल की अपेक्षा कम कांवर आई हैं। इस बार करीब 500 से अधिक भक्तों ने कांवरें चढ़ाई गई। वहीं शिवभक्तों ने अल सुबह से शिव मंदिरों में पहुंचकर रुद्राभिषेक कर पूजा-अर्चना किया। इसके साथ ही कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

शिव मंदिरों में कहां-क्या रही स्थिति :

महाकालेश्वर मंदिर : इस मंदिर पर 110 से अधिक कांवर चढ़ाई गई। इसके अलावा महाशिवरात्रि पर करीब 20 हजार से अधिक भक्तों ने भगवान शिव की आराधना की।

अर्धनारेश्व मंदिरः अर्धनारेश्वर मंदिर पर 50 से अधिक कांवरियों ने भगवान शिव को गंगाजल अर्पित किया। यहां करीब 15 हजार लोगों ने शिव के दर्शन किए।

कुंडेश्वर महादेव मंदिर : कोतवाली के सामने स्थित कुंडेश्वर मंदिर पर करीब 40 कांवरियों ने कांवर चढ़ाई। यहां दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा।

पुलिस की रही विशेष सुरक्षा :

सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन ने सभी मंदिरों पर जवानों को तैनात किया था। इसके अलावा कलेक्टर छोटेसिंह, एएसपी संजीव कंचन, एसडीएम इकबाल मोहम्मद, सीएसपी दिनेश आर्य, देहात टीआई शैलेन्द्रसिंह कुशवाह, कोतवाली टीआई उदयभान यादव डीएसपी हैडक्वॉर्टर सतीश दुबे, ट्रैफिक प्रभारी आदित्य मिश्रा ने वनखंडेश्वर मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर के अलावा जिले के अन्य धार्मिक स्थानों पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

मेहगांव :

मेले में तलाशे अपने लिए जीवन साथी : जाटव समाज द्वारा स्थापित अंबेडकर आश्रम के मेले में महाशिवरात्रि के दिन जहां कई भक्त शिव मंदिर पर कांवर चढ़ाने पहुंचते हैं, वहीं मेले में वर्षो से प्रथा है, जिसमें दूर-दराज से आने वाले अविवाहित युवतियों और युवकों की जोड़ियां मिलाई जाती हैं। मेला में जोड़ा एक-दूसरे को पसंद करता है, जिसके बाद उनकी शादी पक्की कर गोद भराई की रश्मि अदा की जाती है। इस मौके एसडीओपी भारतेंदु शर्मा, मेहगांव थाना प्रभारी सुरजीतसिंह तोमर रहे। अंबेडकर आश्रम का निर्माण 1973 में किया गया था। आश्रम निर्माण के बाद कबीर पंती संत पीतमदास महाराज ने समाज के लोगों को जाग्रत कर समाज के लिए इस मेले का आयोजन पहली बार कराया था। यहां लाखों की संख्या में समाज के लोग एकत्रित होते हैं। इसी तरह कस्बे के वनखंडेश्वर मंदिर और राधा कृष्ण मंदिर पर कांवड़ चढ़ाई गई।

रजपुरा मेले में उमड़ा सैलाबः

अटेर के रजपुरा गांव में केशवानंद महाराज मंदिर में लगाए गए एक दिवसीय मेले में श्रद्धालुओं का बड़ा जन सैलाब देखा गया। मेले में सैकड़ों की संख्या में कावड़िये मंदिर में जल चड़ाने पहुंचे जहां चारों तरफ बम भोले की धूम सुनाई दी। लोधी समाज के इस मेले की खास बात यह है कि केशवानंद महाराज ने अपने जिंदा रहते कावड़ का गंगा जल अपने ऊपर चड़वाया था। जिसके बाद इस संत ने समाधि लेकर अपने प्राणों का त्याग किया था।

बौरेश्वर : फूफ क्षेत्र के बौरेश्वर मंदिर पर क्षेत्र के करीब 1 हजार लोगों ने अपनी कांवर चढ़ाकर भगवान भोलेनाथ की आराधना की। इस दिन यहां लगभग 20 हजार से अधिक भक्त पहुंचे।

गोरमी : कस्बे में करीब 150 कांवरियों ने शिवालयों में भोले बाबा पर जल अर्पित कर कांवर चढ़ाई। नगर में भोलेबाबा की धूम चारों तरफ दिखाई पड़ी। शिव मंदिरों में भक्त भोला के गीत गाते नजर आए। कस्बे में धूरकोट मंदिर, रंगेश्वर मंदिर, सेवपुरा, दौनिया पुरा, सुनारपुरा में शिव मंदिरों पर कांवर चढ़ाई गई।

ऊमरी : कस्बे में श्री हरउमरेश्वर महादेव, गहियर बाबा मंदिर, वनखंडेश्वर धाम में भोले के भक्तों ने गंगा से जल भरकर कांवर चढ़ाई।

रौन : रौन में करीब एक सैकड़ा शिव भक्तों ने गंगा की धार से कांवर उठाकर भोलेनाथ के मंदिरों में चढ़ाई। नगर के प्रसिद्ध शिव मंदिर इंदुरखी और रौन के शिव मंदिरों में कांवर चढ़ाई गई।

मिहोना : कस्बे में गथाई सरकार मंदिर पर एक दर्जन भक्तों ने कांवर चढ़ाई। नगर के बालाजी सूर्य मंदिर, बैजनाथ धाम और उगाई खेड़ा सरकार पर नगर के श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर जल लेकर भगवान का अभिषेक किया। जिसके बाद भोला गाकर भगवान शंकर की आराधना की।

मछंड : कस्बे के झारखंडेश्वर मंदिर, बूढ़े महादेव मंदिर और बड़ी माता मंदिर में बैंड बाजों के साथ आधा सैकड़ा कांवर चढ़ाई गई। भक्तों ने जल भरकर शिवलिंग पर चढ़ाया। साथ ही भोले के भजनों से मंदिरों में चारों तरफ भक्तों का तांता लगा रहा।

मौ : कस्बे के प्रसिद्ध नर्सिग मंदिर, आमखो बाबा मंदिर, सरकारी बाग मंदिर और संकट मोचन मंदिर में एक सैकड़ा कांवर चढ़ाई गई। भोलेनाथ के भक्तों ने भोला गाकर शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाया।

देवरी :

लहार के देवरी क्षेत्र के सौंसरा शिव मंदिर पर भक्तों की भीड़ सुबह से ही आना शुरू हो गई थी। यहां दिनभर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

Posted By: Nai Dunia News Network