भिंड(नईदुनिया प्रतिनिधि)।

सौभाग्य योजना के नाम पर जिले में 70 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया। मैंने इस संबंध में प्रभारी मंत्री आरिफ अकील से भी शिकायत की है। मैं इसके प्रमाण भी दे रहा हूं। यह बात सेवादल यूथ बिग्रेड प्रदेशाध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया पिंकी ने कलेक्ट्रेट में बिजली कंपनी की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में कही। बैठक में मौजूद एसई अशोक शर्मा ने कहा कि जांच में ऐसे प्रमाण नहीं मिले कि बिना काम के भुगतान किया गया है। इस पर कांग्रेस नेता ने एसई को टोका। कलेक्टर छोटे सिंह से कहा कि एसई बिल्कुल गलत जानकारी दे रहे हैं। यह आंकड़ेबाजी कर रहे हैं। एसई ने कहा इसकी जांच भोपाल स्तर से की जा रही है। कलेक्टर ने कहा रिपोर्ट मंगवाओ और ठेकेदार संलिप्त मिलें तो उन पर कार्रवाई की जाए। सलाहकार समिति की बैठक में कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयश्रीराम बघेल भी शामिल हुए।

बिजली पहुंची नहीं, 429 गांवों में काम पूर्ण बताया

कांग्रेस नेता सलाहकार समिति के सदस्य धर्मेंद्र भदौरिया पिंकी ने कहा वर्ष 2018 में तत्कालीन एसई राजीव गुप्ता ने सौभाग्य योजना में गड़बड़ी कराई। कांग्रेस नेता ने कहा कि जिले में 429 गांवों में सौभाग्य योजना से बिजली पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन बिजली नहीं पहुंची है। कांग्रेस नेता ने बैठक में उन गांवों के नाम गिनाए जहां बिजली नहीं है। साथ ही कहा कि यह बहुत बड़ा घोटाला है। सौभाग्य योजना में काम पूरा बताकर अब इन्हें दीनदयाल योजना से जोड़ दिया गया है। सफाई में एसई अशोक शर्मा ने कहा कि मेरी पोस्टिंग बाद में हुई है। वैसे अब विभाग का साक्ष्य एप काम करता है। किसी भी काम को करने के बाद उसमें सबकुछ अपलोड करना होता है। एसई ने कहा क्वालिटी गड़बड़ी हो सकती है, लेकिन काम नहीं हुआ यह सही नहीं है। इस पर धर्मेंद्र भदौरिया ने एसई को टोका। कलेक्टर से कहा गलत जानकारी दी जा रही है। कलेक्टर ने एसई से कहा आप भोपाल से जांच रिपोर्ट मंगवा लो। उन्हें बताओ कि हमें यहां जवाब देना है।

भाजपा शासन ने मेरा 1.85 लाख बिल माफ किया

कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयश्रीराम बघेल ने कलेक्टर से कहा मैंने 30 साल पहले अपना मकान केशव प्रसाद शर्मा और महेश शर्मा को बेचा था। मीटर हटवाकर बिजली कंपनी में जमा किया। दूसरे गांव में घर बनाकर रहने लगा। हमें बिजली कंपनी की ओर से बिल भेजा गया। जिलाध्यक्ष ने पत्र दिखाते हुए कहा मैंने कई शिकायतें की। उपभोक्ता फोरम में जाने वाला था तभी 1.85 लाख का बिल भाजपा शासन ने माफ कर दिया। जिलाध्यक्ष ने बिल माफी का प्रमाणपत्र भी दिखाया। जिलाध्यक्ष ने कहा, मुझपर तो बकाया था ही नहीं, लेकिन इसके बाद भी बिल माफ कर प्रमाणपत्र दे दिया गया। बिल माफी में ऐसा हुआ है। मीटर नहीं था तो बिल क्यों आ रहा था एसई ने कहा मैं चेक करवा लूंगा। कलेक्टर ने कहा अब आप एक पत्र लिखकर कहिए कि आपको जो तकलीफ हुई उसके लिए क्षमा मांगते हैं। कनेक्शन खत्म कराएं।

हजार कर्मचारी ऐसे, जो तबादला होकर जाते हैं बिल नहीं भरते

कलेक्टर ने एसई से कहा कि आप प्रत्येक घर का सत्यापन करवा लें कि कनेक्शन किसके नाम है और बिजली का उपयोग कौन कर रहा है। कलेक्टर ने कहा कई ऐसे मामले मिलेंगे कि जो जीवित नहीं है या तबादला होकर चले गए उनके नाम से बिल जा रहा है। उन्हें सुधरवाकर जो उपयोग कर रहे हैं, उनके नाम पर करवाएं। कलेक्टर ने कहा हजार कर्मचारी ऐसे मिलेंगे जो तबादला होकर जाते हैं, बिल नहीं भरते। कलेक्टर ने कहा सबसे पहले छतरपुर में एसडीएम था। तबादला हुआ तो कनेक्शन कटवाकर चिट्ठी लिखकर गया। करीब 4 साल बाद वापस आया तो देखा बिल मेरे नाम से ही आ रहा था। इसलिए साल में एक बार सत्यापन जरूरी है। मीटर रीडर से ही यह काम करवा सकते हैं। इसके लिए अलग से अमला लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

केंद्रीय विद्यालय में खेल मैदान में हाइवोल्टेज लाइन

धर्मेंद्र भदौरिया पिंकी ने कलेक्टर से कहा कि केंद्रीय विद्यालय और पॉलीटेक्निक कॉलेज में हाइवोल्टेज लाइन काफी नीची है। केंद्रीय विद्यालय में तो खेल मैदान के बीच से लाइन निकली है। इसे ठीक करवाएं। कलेक्टर ने एसई से कहा बच्चों से जुड़ा मामला है, सबसे पहले केंद्रीय विद्यालय के लिए जेई और नगरपालिका के इंजीनियर को भेजकर विजिट करा लें। इसके बाद लाइन शिफ्ट की जाए या फिर लाइन को ऊंचा किया जाए, ताकि बच्चों को किसी तरह का खतरा नहीं रहे।

उपभोक्ताओं पर बिल के 676.79 करोड़ बकाया

एसई अशोक शर्मा ने कलेक्टर से कहा कि जिले में उपभोक्ताओं पर 676.79 करोड़ रुपए बिजली के बिल के बकाया हैं। यह लोग बिल जमा नहीं कर रहे हैं। एसई ने कहा कि इसके अलावा वर्ष 2019-20 में नवंबर 2019 तक जिले में बिजली के बिल जमा नहीं करने और चोरी से बिजली का उपयोग करने वालों के कारण 283.32 करोड़ की क्षति पहुंची है। एसई ने कहा वसूली करवाने के लिए सभी एसडीएम को पत्र लिखा है। कलेक्टर ने कहा कि आप ऐसे उपभोक्ताओं की सूची बना लें, जिनके पास शस्त्र लाइसेंस हैं। बिल जमा नहीं करने वालों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे।

149 माफिया पर करोड़ों के बिल बकाया

एसई ने बैठक में कलेक्टर छोटे सिंह और सभी सदस्यों को कंपनी की ओर से जिले के 149 ऐसे उपभोक्ताओं की लिस्ट दी, जिन पर बिजली के बिल के करोड़ों रुपए बकाया हैं। बिजली कंपनी ने इन लोगों को माफिया की श्रेणी में रखा है। इन पर एंटी माफिया अभियान में कार्रवाई के लिए सभी एसडीएम को भी पत्र लिखा है। इन 149 उपभोक्ताओं में 5 से 10 लाख रुपए तक के बकायादार शामिल हैं।

फोटो नंबर 11 सहितः-

Posted By: Nai Dunia News Network

fantasy cricket
fantasy cricket