भिंड(नईदुनिया प्रतिनिधि)।

शहर के कई इलाकों में अवैध तलघर का निर्माण नियमों को ताक पर रखकर किया गया है। हालांकि नगर पालिका अधिकारियों को भी इन अवैध तलघर निर्माण की जानकारी है, लेकिन इस मामले में शिकायत के बाद भी अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र में कई जगहों पर अवैध तलघर का निर्माण किया गया है। स्थिति यह है। कि 8 से 10 फीट तक के अवैध तलघर निर्माण किया गया हैं। और इनका व्यवसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग किया जा रहा है। जबकि नियमानुसार इनमें पार्किंग के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

शहर में सदर बाजार, बतासा बाजार, हनुमान बजरिया, महावीर गंज, हाउसिंग कॉलोनी सहित रिहायशी इलाकों में तलघरों का निर्माण कर उनका व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है। नगरीय क्षेत्र में जहां कई तलघर बन चुके हैं। वहीं वतर्मान में भी अलग-अलग क्षेत्रों में तलघरों का निर्माण जारी है। खास बात यह है कि तलघरों के निर्माण के लिए नगर पालिका से लोग परमिशन तक लेना जरूरी नहीं समझते हैं। स्थिति यह है कि अभी तक जितने भी तलघर शहर में बने हुए हैं। उनमें से किसी एक ने भी नगर पालिका से परमिशन नहीं ली है। अवैध रूप से निर्माण कराए गए यह तलघर लोग अपने फायदे के लिए बनाते हैं और बाद में इनका व्यवसायिक उपयोग शुरू कर हो जाता है। जबकि शासन द्वारा तलघरों के निर्माण पर रोक लगाई गई है, सिर्फ पार्किंग व्यवस्था के लिए ही तलघरों की परमिशन दी जाती है। लेकिन नगर पालिका की लापरवाही और उदासीनता का नतीजा है कि लोग व्यवसायिक उपयोग के लिए तलघरों का निर्माण करा रहे हैं।

यह है तलघर बनाने का नियम :

- बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग के लिए किया जा सकता है। बेसमेंट का एरिया कवर्ड एरिया में शामिल नहीं होता है।

- लोअर ग्राउंड फ्लोर का उपयोग भी केवल पार्किंग के लिए हो सकता है। लेकिन कई जगह पर व्यवसायिक दुकानें बनाकर के इसका उपयोग हो रहा है।

- बेसमेंट में बिल्डरों द्वारा एरिया कवर्ड कर दिया जाता है। आगजनी होने पर फायर ब्रिगेड को हालात पर काबू पाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा इसके कारण कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

टीएनसीपी से अनुमति लेना जरूरी

शहर में कहीं भी तलघर निर्माण नहीं किया जा सकता है। नगर पालिका के साथ-साथ इसके लिए टीएनसीपी से भी अनुमति लेना जरूरी हो गया है। लेकिन शहर में बन रहे और बन चुके एक भी तलघर के लिए परमिशन नहीं ली गई है। इन तलघरों को प्रभावशाली लोग बना रहे है। कई तलघरों की शिकायत होने के बाद भी अधिकारी कार्रवाई से कतराते है।

यहां बने हुए हैं तलघर

शहर के बाजार से लेकर कॉलोनियों तक में भी कई जगह लोगों द्वारा अवैध तलघरों का निर्माण कराया गया है। शहर में अभी तक करीब 24 से अधिक तलघर बन चुके है और उनका व्यवसायिक उपयोग हो रहा है। शहर में महावीर गंज, सदर बाजार, पुस्तक बाजार, बतासा बाजार इटावा रोड, लश्कर रोड, गोल मार्केट, पुरानी घास मंडी, हाउसिंग कॉलोनी, लहार रोड, अटेर रोड के अलावा अन्य जगह पर तलघर बने हुए है।

वर्जन :

तलघर के निर्माण को लेकर नगर पालिका से किसी ने परमिशन नहीं ली है तो हम कार्रवाई करेंगे। वहीं जो तलघर पहले से बने हैं उन्हें भी नोटिस जारी कर पार्किंग के बनाने के लिए कहा जाएगा।

सुरेंद्र शर्मा, सीएमओ नगर पालिका भिंड।

फोटो साहित क्रमांक 3,4

Posted By: Nai Dunia News Network