मुरैना। सरायछौला व देवगढ़ थाना क्षेत्र के तहत कैंथरी, कैमरा, बरबासिन सहित आधा दर्जन गांवों के लोग वर्तमान में लॉकडाउन का पालन करते हुए तकरीबन घरों में कैद हैं। ये प्रशासन के लॉकडाउन की वजह से घरों में कैद नहीं हैं, बल्कि रेत माफिया में शामिल राजस्थान के बदमाशों की फायरिंग की वजह से घरों में तकरीबन कैद हैं। लोगों को भय फायरिंग से तो है ही, उनकी रिपोर्ट भी थाने में नहीं लिखी जा रही है। बताया जाता है कि पुलिस इस लिए इन बदमाशों पर कार्रवाई नहीं कर रही है, क्योंकि राजस्थान के इन बदमाशों को जिले के ही राजनीति से जुड़े लोगों ने संरक्षण दे रखा है। इन लोगों का पुलिस पर भी प्रभाव है। इसलिए फायरिंग करने वाले बदमाशों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

उल्लेखनीय है कि चंबल से होने वाले रेत के अवैध उत्खनन पर एकाधिकार रखने के लिए राजस्थान के कुछ ईनामी बदमाशों को स्थानीय रसूखदारों ने बुलाया हुआ है। ये लोग हथियारों की दम पर चंबल के किनारे से रेत का अवैध उत्खनन कर रहे हैं और रेत को बेच रहे हैं। जब चंबल किनारे के कैंथरी, कैमरा, बरबासिन, जनकपुर आदि गांवों के रेत के कारोबारी रेत का उत्खनन करने जाते हैं तो इनसे विवाद होता है और दोनों पक्षों के बीच में रेत उत्खनन को लेकर फायरिंग होती है। पिछले एक सप्ताह में कैंथरी, बरबासिन गांवों में चार बार फायिंरग हो चुकी है। केवल एक बार के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज किया है। कुछ ऐसे लोगों को पकड़ा है जो छोटे बदमाश है। लेकिन राजस्थान के बदमाशों पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहंी की है।

इसलिए है भयः

- बताया जता है कि राजस्थान के करीब आधा दर्जन लोग मय हथियारों के आए हैं। ये बदमाश चंबल पर उत्खनन करने के लिए आने वाले स्थानीय रेत कारोबारियों को मारपीट करते हैं फायरिंग करते हैं।

- इसके अलावा ये बदमाश हथियार लेकर कैंथरी, कैमरा, बरबासिन सहित अन्य आसपास के गांवों में बाइकों से घूमते है। यदि कोई ग्रामीण टोकता है तो उससे मारपीट करते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। हथियारों का प्रदर्शन करते घूमने से क्षेत्र में भय का वातावरण बन रहा है।

पुलिस क्यों नहीं कर रही कार्रवाईः

- पुलिस के कार्रवाई न करने का एक बहाना कोरोना को लेकर लॉकडाउन में पुलिस व्यवस्था करना है। इसलिए बदमाशों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।

- बदमाशों को क्ष्ेत्र के राजनीति में रूसूख रखने वाले वालों ने बुलाया है। इनकी पकड़ पुलिस पर भी है। ऐसे में पुलिस इन बदमाशों पर अंकुश लगाने या जिले से बाहर करने की कार्रवाई नहीं कर रही है। जबकि राजस्थान के बदमाशों में तीन तो ईनामी हैं और कुछ जेल से बेल जंप करने के बाद इसी क्षेत्र में रेत का कारोबार कर रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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