एसडीएम ने मेहगांव जनपद सीइओ को दो दिवस में एफआइआर कराने के लिए कहा, नहीं कराई तो होंग निलंबित

भिंड। मेहगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत गाता और ग्राम पंचायत गुदावली में मनरेगा में भ्रष्टाचार पकड़ में आया है। इसको लेकर मेहगांव एसडीएम विजय राय ने दोनों पंचायतों के सचिव पर एफआइआर कराने के निर्देश जनपद सीइओ को दिए हैं। एसडीएम ने सीइओ को लिखे पत्र में स्पष्ट किया है कि दो दिन में एफआइआर कराने के लिए कहा है। दो दिन में एफआइआर नहीं हुई तो सीईओ को निलंबित करने का प्रस्ताव कलेक्टर के माध्यम से चंबल कमिश्नर कार्यालय को भिजवाया जाएगा। साथ ही माना जाएगा कि सीइओ भी इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं।

यह है पूरा मामलाः

मेहगांव एसडीएम विजय राय ने 20 जुलाई को जनपद पंचायत सीईआ को निर्देशित कर लिखा है कि शिकायतकर्ता संदीप यादव पुत्र साधु यादव निवासी ग्राम गुदावली तहसील मेहगांव हाल निवासी बिरला नगर ग्वालियर की शिकायत पर मेहगांव नायब तहसीलदार से जांच कराई थी। नायब तहसीलदार ने गाता के सरपंच और सचिव भारत भार्गव ने बार-बार अवगत कराने पर भी रिकॉर्ड नहीं दिया। सरपंच ने भी पंचायत का मूल अभिलेख जांच के लिए उपलब्ध नहीं कराया। इससे माना गया कि मनरेगा के कार्यों को मजदूरों से न करवाते हुए मशीनों से कराया गया है। साथ ही मौका स्थल पर शौचालय का निर्माण न कराते हुये राशि निकाली गई है। इससे शासन को राजस्व हानि हुई है। उक्त कार्यों में ग्राम पंचायत सचिव और सरपंच के द्वारा भ्रष्टाचार परिलक्षित होना प्रतीत होता है। एसडीएम ने जनपद सीइओ को लिखा है कि दो दिवस के अन्दर ग्राम पंचायत सचिव भरत भार्गव और सरपंच के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराते हुए प्रतिवेदन इस न्यायालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। समय सीमा में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई तो माना जायेगा कि आपकी भी भ्रष्टाचार में संलिप्तता है। ऐसे में सीइओ के खिलाफ निलम्बन का प्रस्ताव कलेक्टर के माध्यम से आयुक्त चम्बल संभाग मुरैना को भेजा जाएगा।

गुदावली के सचिव ने भी नहीं दिखाया रिकार्डः

20 जुलाई को ही जारी आदेश में मेहगांव एसडीएम ने जनपद सीईओ को लिखा है कि संदीप यादव की शिकायत पर नायब तहसीलदार से ग्राम पंचायत गुदावली में भ्रष्टाचार की जांच कराई गई। जांच के दौरान बार-बार अवगत कराने एवं रिकार्ड चाहे जाने के बावजूद पंचायत सचिव कमलेश शर्मा ने अभिलेख नहीं दिए। इससे मनरेगा में मजदूरों के बजाए मशीनों से काम करवाने की पुष्टि हुई। मौके पर शौचालय निर्माण नहीं कराकर राशि निकाली गई। इससे पूर्व में ग्राम पंचायत गुदावली के तत्कालीन सचिव भरत भार्गव ने ठहराव प्रस्ताव क्रमांक दो दिनांक 20 फरवरी 2002 और ठहराव प्रस्ताव 19 मार्च 2002 से उक्त भूमि की आबादी से भूमिस्वामी स्वत्व पर और इसी प्रकार ग्राम पंचायत सचिव कमलेश शर्मा ने ठहराव प्रस्ताव क्रमांक दो 21 मार्च 2016 से उक्त भूमि आबादी से भूमिस्वामी का प्रस्ताव कूट रचित दस्तावेज तैयार कर दिया गया था। इन ठहराव प्रस्ताव को एसडीएम कोर्ट ने ही सुनवाई के बाद निरस्त करवाया था। सीइओ को सचिव कमलेश शर्मा पर दो दिन में एफआइआर के लिए निर्देशित किया गया है।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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