स्वजन ने डिलीवरी कराने वाली एएनएम पर पांच हजार रुपए मांगने का आरोप लगाया

भिंड। अटेर अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड में डिलीवरी के बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ी। अटेर से प्रसूता को भिंड जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया, लेकिन जिला अस्पताल में इलाज मिलने से पहले ही प्रसूता की मौत हो गई। आक्रोशित स्वजन ने प्रसूता के शव को स्ट्रैक्चर पर रखकर जिला अस्पताल के बाहर चक्काजाम किया। प्रसूता की चाची ने अटेर अस्पताल की एएनएम ओमवती पर पांच हजार रुपए मांगने का आरोप लगाया है। करीब 20 मिनट चक्काजाम के बाद स्वजन पुलिस की समझाइश से मान गए। सीएमएचओ डॉ. अजीत मिश्रा ने शिकायत मिलने पर जांच कराने की बात कही है।

उत्तरप्रदेश के आगरा जिला बाह तहसील के ग्राम बिट्ठोना गांव निवासी 24 वर्षीय रीना पत्नी अजय वाल्मीकि बीते रोज पिता के निधन पर मायके अटेर के जोशी नगर में आईं थी। मंगलवार रात करीब 10 बजे रीना को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। जेठ विजय वाल्मीकि ने 108 पर एंबुलेंस के लिए काल किया, लेकिन एंबुलेंस काल सेंटर से एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई। ऐसे में जेठ विजय वाल्मीकि बाइक पर बैठाकर रात 11 बजे रीना को अटेर अस्पताल लेकर पहुंचे। अटेर अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड में रीना को भर्ती कर लिया गया था। जेठ विजय का कहना है अटेर में स्टाफ ने चेकअप कर सुबह नार्मल डिलीवरी होने की बात कही थी। सुबह करीब 10 बजे रीना ने बेटी को जन्म दिया। जन्म के बाद रीना की तबीयत बिगड़ी तो वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जेठ का कहना है कि वे स्वजन के साथ बहू रीना को सुबह 11 बजे जिला अस्पताल लेकर आए, लेकिन यहां करीब आधे घंटे तक रीना को इलाज नहीं मिल पाया। इस दौरान रीना ने दम तोड़ दी। इससे स्वजन आक्रोशित हो गए। स्वजन के आक्रोश को भांपकर अस्पताल चौकी के पुलिसकर्मियों ने समझाइश देकर शव डेड हाउस भिजवाने के लिए कहा, लेकिन मृतिका रीना की चाची रामकलां वाल्मीकि स्वजन की मदद से शव को स्ट्रैक्चर सहित जिला अस्पताल के बाहर लेकर गईं। जिला अस्पताल के बाहर चक्काजाम कर दिया। यहां ट्रैफिक टीआइ रंजीत सिंह सिकरवार स्वजन को समझाइश देने पहुंचे। टीआइ सिकरवार की समझाइश से स्वजन ने चक्काजाम खोल दिया।

एएनएम ने पांच हजार मांगे, दो हजार दिएः

मृतका की चाची रामकलां ने चक्काजाम के दौरान रोते हुए मीडिया कर्मियों को बताया कि डिलीवरी कराने के एवज में एएनएम ओमवती ने उनसे पांच हजार रुपयों की मांग की थी। एएनएम को दो हजार रुपए दे दिए थे। जेठ ने आरोप लगाया कि उन्होंने रात में बहू को दर्द शुरू होने पर एंबुलेंस के लिए काल किया था, लेकिन काल सेंटर से एंबुलेंस के लिए मना कर दिया गया। साथ ही सुबह 10 बजे जब अटेर से रीना को भिंड रेफर किया गया तो बताया गया कि हीमोग्लोबिन पांच फीसद है। जेठ का कहना है कि रक्त कम था तो पहले क्यों नहीं बताया। स्वजन ने अटेर बीएमओ जेएस राजपूत और एएनएम ओमवती पर कार्रवाई की मांग की है।

वर्जनः

कलेक्ट्रेट मीटिंग में जाने के दौरान मैंने अपनी गाड़ी रोककर मृतका के स्वजन से बात की है, उन्होंने मुझे रुपए मांगने की शिकायत नहीं की। मेरे पास अगर शिकायत आएगी कि एएनएम ने रुपए मांगे हैं तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. अजीत मिश्रा, सीएमएचओ, भिंड

Posted By: Nai Dunia News Network

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