डॉ. अंशु मिश्रा पर जिला अस्पताल से गैर हाजिर रहकर तीन वर्ष से नर्सिंगहोम में सेवाएं देने का आरोप

भिंड(नप्र)। सीएमएचओ डॉ. अजीत मिश्रा और तहसीलदार ममता शाक्य की टीम ने शहर में लश्कर रोड स्थित पूर्णा नर्सिंगहोम सील कर लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया। नर्सिंगहोम में भर्ती मरीजों को इलाज देने के लिए कहा गया है, लेकिन इस दौरान नए मरीजों को यहां भर्ती नहीं किया जाएगा और न ही ओपीडी सुविधा शुरू होगी। दरअसल सीएमचओ डॉ. अजीत मिश्रा को सूचना मिली थी कि जिला अस्पताल से गैर हाजिर रहकर महिला चिकित्सक डॉ. अंशु मिश्रा पिछले तीन वर्ष से पूर्णा नर्सिंगहोम में अपनी सेवाएं दे रही हैं। टीम उनकी तलाश में नर्सिंगहोम पहुंची थीं। यहां डॉ. मिश्रा तो नहीं मिलीं, लेकिन जो मरीज मिले, उनके बयानों से स्पष्ट हुआ डॉ. अंशु मिश्रा नर्सिंगहोम में सेवाएं दे रही थीं। नर्सिंगहोम उनकी सास ऊषा मिश्रा का है। सरकारी डॉक्टर से अनाधिकृत सेवाएं लेने पर नर्सिंगहोम को सील किया गया है।

यह है पूरा मामलाः

जिला अस्पताल में पिछले दिनों डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही से गर्भवती महिला को इलाज नहीं मिल पाया था। इससे अस्पताल के गेट पर प्रसव हुआ था। प्रसव के दौरान नवजात बच्चे की मौत हो गई थी। नईदुनिया अखबार ने जिला अस्पताल में हुए इस अमानवीय घटनाक्रम को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद सिविल सर्जन डॉ. अनिल गोयल ने प्रसूति वार्ड में तैनात सभी स्टाफ को हटा दिया था। साथ ही जांच शुरू करवा दी थी। इस दौरान कलेक्टर सतीश कुमार एस ने महिला चिकित्सकों की जानकारी मांगी तो सामने आया कि डॉ. अंशु मिश्रा लंबे समय से जिला अस्पताल में ड्यूटी पर नहीं आ रही हैं। इसके साथ ही वे अपनी सास डॉ. ऊषा मिश्रा के नर्सिंगहोम पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। रिकार्ड जांचा गया तो पाया कि पिछले तीन वर्ष से डॉ. मिश्रा अपनी सास के पूर्णा नर्सिंगहोम में सेवाएं दे रही हैं। शुक्रवार को कलेक्टर ने सीएमएचओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर सीएमएचओ डॉ. अजीत मिश्रा और तहसीलदार ममता शाक्य अपनी टीम के साथ पूर्णा नर्सिंगहोम में निरीक्षण के लिए पहुंचे।

टीम ने मरीजों के दर्ज किए बयान

पूर्णा नर्सिंगहोम के निरीक्षण के लिए शुक्रवार दोपहर में सीएमएचओ डॉ. मिश्रा के अलावा तहसीलदार मगता शाक्य, नोडल अधिकारी डॉ. आरएन राजौरिया, डॉ. इंदौरिया मौके पर पहुंचे। सीएमएचओ डॉ. अजीत मिश्रा का कहना है कि डॉ. अंशु मिश्रा भी वहीं थीं, लेकिन टीम पहुंचने के दौरान वे वहां से चली गईं। नर्सिंगहाम में बिलाव निवासी रूबी यादव पत्नी अमित यादव, निशा कुशवाह पत्नी लोकेन्द्र सिंह कुशवाह निवासी ग्राम अकोडा के बयान लिए गए तो दोनों ने बताया कि वे डॉ. अंशु मिश्रा से टाके कटवाने और जांच रिपोर्ट दिखाने आईं हैं। टीम आने के साथ डॉ. अंशु मिश्रा उठकर चली गईं हैं। रिसेप्शन के सामने लगे बोर्ड में डॉ. अंशु मिश्रा का ओपीडी में आने की समय-सारिणी है, जिसमें सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उनका दिन बताया गया है।

टीम ने भर्ती मिले मरीजों से की पूछताछ

सीएमएचओ डॉ. अजीत मिश्रा ने बताया कि नर्सिंगहोम के अंतः रोगी विभाग में भर्ती मरीज दीपांजली पत्नी विकास सिंह निवासी ग्राम पांडरी, सुमन पत्नी राधेश्याम ग्राम जनजारीपुरा, सोली पत्नी रत्नेश ग्राम रमा, कंचन पत्नी सुदेश ग्राम कचोंगरा के बयान लिए गए और इनकी केशशीट का अवलोकन किया तो पाया गया कि उनका आपरेशन डा. अंशु मिश्रा ने किया है। डॉ. अंशू मिश्रा द्वारा चिकित्सकीय सेवा देने के प्रमाण की पुष्टि होने और नर्सिंगहोम में पंजीयन में दर्ज चिकित्सकों में सिर्फ डॉ. ऊषा मिश्रा उपस्थित होने नर्सिंगहोम को सील किया गया है।

वर्जनः

जिला अस्पताल में मरीज परेशान हो रहे हैं। डॉ. अंशु मिश्रा नर्सिंगहोम में सेवाएं दे रही हैं। निरीक्षण कर पूर्णा नर्सिंगहोम को सील किया है। नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर सील किया है। आगामी आदेश तक किसी भी प्रकार की ओपीडी, आईपीडी सेवाएं देने के लिये निषेध किया है। भर्ती मरीजों को डॉ. ऊषा मिश्रा इलाज मुहैया कराएंगीं।

डॉ. अजीत मिश्रा, सीएमएचओ, भिंड

Posted By: Nai Dunia News Network

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