- ग्वालियर मेडिकल कालेज से दिल्ली की लैब में जीनोम स्क्विेंसिंग के लिए भेजे गए थे सैंपल

भिंड(नप्र)। जिले में कोरोना वायरस के ट्रिपल म्यूटेंट वैरिएंट की पुष्टि हो गई है। चार जनवरी से जिले में जो संक्रमित मिले थे, उनकी जीनोम स्क्विेंसिंग के लिए सैंपल मेडिकल कालेज ग्वालियर भिजवाए गए थे। ग्वालियर से रेंडम सिलेक्शन के सात सैंपल दिल्ली लैब में भिजवाए गए थे। दिल्ली की लैब में सात सैंपल में दो में ट्रिपल म्यूटेंट वैरिएंट की पुष्टि हुई है। जिला महामारी अधिकारी नियंत्रण डॉ. अवधेश सोनी के मुताबिक यह वैरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं है। हालांकि पिछले वर्ष अप्रैल माह में इस वैरिएंट को बड़े खतरे के रूप में देखा जा रहा था। शुक्रवार को जिले में 33 नए संक्रमित मिले हैं। 17 संक्रमित स्वस्थ हुए हैं।

590 हुई संक्रमितों की संख्या

जिले में कोरोना महामारी की तीसरी लहर में चार जनवरी से मरीज मिलना शुरू हुए हैं। 24 दिन में संक्रमितों का आंकड़ा 590 पर पहुंच गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि इनमें से 433 संक्रमित रिकवर हो गए हैं। जिले में अब 157 एक्टिव संक्रमित हैं। इनमें 18 से कर्म उम्र के बच्चों की संख्या 45 है। इनमें 13 बच्चे अब भी संक्रमित हैं। शुक्रवार को ही तीन बच्चे संक्रमित मिले हैं। हालांकि राहत की खबर यह है कि किसी को भी अस्पताल में भर्ती नहीं करवाना पड़ा है।

ट्रिपल म्यूटेंट की संक्रामकता कम

जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ. अवधेश सोनी का कहना है कि वायरस के नए स्ट्रेन ओमिक्रोन की अपेक्षा ट्रिपल म्यूटेंट की संक्रामकता कम है। उन्होंने बताया कि ट्रिपल म्यूटेंट एक से दो लोगों को संक्रमित करता है, जबकि ओमिक्रोन छह से ज्यादा लोगों को संक्रमित करता है। वायरस के तीन म्यूटेशन से मिलकर ट्रिपल म्यूटेंट वैरिएंट बनता है। 'ट्रिपल म्यूटेंट वैरिएंट' भारत में पहचाने जाने वाले सार्स काव-दो वायरस का दूसरा वंश है। इसे बी. एक.618 भी कहा जाता है। पिछले वर्ष यह सबसे पहले पश्चिम बंगाल में पाया गया था।

350 की जीनोम स्क्विेंसिंग रिपोर्ट पेंडिंग

जिले के लिए अब तक यह राहत भरी खबर है कि यहां ओमिक्रोन वेरियंट की पुष्टि नहीं हो सकी है। शिवपुरी जिले में पिछले दिनों ओमिक्रोन वेरियंट की पुष्टि हो चुकी है। जिले से अभी 350 सैंपल और जीनोम स्क्विेंसिंग के लिए दिल्ली की लैब भेजे गए हैं। जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ. अवधेश सोनी का कहना है कि उन्होंने ग्वालियर मेडिकल कालेज के माध्यम से सैंपल भिजवाए हैं। इनकी रिपोर्ट दिल्ली में पेंडिंग है। इन सैंपल में रेंडमली सैंपल का चयन कर जीनोम स्क्विेंसिंग की जाएगी।

कोविड प्रोटोकाल का पालन जरूर करें

कोरोना महाकारी से बचने के लिए आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। बाहर जाते समय अच्छी तरह से फिट मास्क का प्रयोग करें। सुरक्षित रहने के लिए दो मास्क भी उपयोग किया जा सकता है। कोविड प्रोटोकाल का पालन करें। अपने हाथों को नियमित रूप से धोएं और साफ करें। यदि आपको कोविड-19 के लक्षण हैं तो तुरंत जांच करा कर अपने चिकित्सक से सलाह लें। टीकाकरण जरूरत कराएं।

वर्जनः

दो सैंपल में ट्रिपल म्यूटेंट वैरिएंट की पुष्टि हुई है। यह ज्यादा संक्रामक नहीं है, लेकिन हमारे यहां के 350 सैंपल की जीनोम स्क्विेंसिंग रिपोर्ट अभी पेंडिंग है। महामारी से बचने के लिए कोविड प्रोटोकाल का पालन जरूर करें।

डॉ. अवधेश सोनी, जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी, भिंड

Posted By: Nai Dunia News Network

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