नाव चालक मना करता रहा, लेकिन बच्चों ने बात नहीं मानी, काश! मान लेते तो हादसा नहीं होता

भिंड-मछंड(नप्र)। भागवत का भंडारा खाने के लिए मछंड के हिलगवां गांव से शुक्रवार दोपहर में सभी खुशी-खुशी नदी पार कर टेहनगुर आए थे। शाम को नाव पलटने से हुए हादसे से हिलगवां में मातम पसर गया है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो चार लोगों की क्षमता वाली डोंगी नाव में 10 से ज्यादा लोग सवार हो गए। नाव चलाने वाला बुजुर्ग मना करते रहे, लेकिन बच्चे नहीं माने। बुजुर्ग टेहनगुर घाट से बमुश्किल 75 मीटर की दूरी तय कर पाए होंगे कि अचानक संतुलन बिगड़ा और नाव नदी में पलट गई। मौके पर चीख पुकार मच गई।

पिता की आंखों के सामने डूब गया बेटा

टेहनगुर से नाव रवाना हुई तब किनारे पर 10 वर्षीय ओम के पिता सुभाष बघेल और द्रोपदी के पिता सुखदीन बघेल किनारे पर ही खड़े थे। इनके साथ करीब 10 लोग और नाव के वापस आने का इंतजार कर रहे थे। अचानक से नाव बीच नदी में जाकर पलट गई। नाव पलटते देखकर सबसे पहले 30 वर्षीय देवेंद्र कुमार पुत्र राजाराम कुमार निवासी बड़ा हिलगवां नदी में बचाव कार्य के लिए डूबे। उनके साथ किनारे पर खड़े मलखान, देवराज, पवन, कैलाश, सुखदीन भी नदी में बचाव कार्य के लिए कूद गए। सुभाष और सुखदीन भी नदी में उतरे। नाव पलटने से नदी में डूब रही माया देवी पति दशरथ सिंह बघेल निवासी हिलगवां, प्रीति पुत्री छोटेलाल, पायल पुत्री छोटेलाल, खुशबू पुत्र सुलतान सिंह, नाव चला रहे गनपत सिंह कुशवाह और बच्चों को निकाल लिया गया, लेकिन ओम और द्रोपदी नहीं मिले। इससे दोनों के पिता की आंखों से आंसू निकल पड़े। सभी ग्रामीणों ने दोबारा से सर्चिंग की, लेकिन इसके बाद भी दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही नयागांव थाना प्रभारी हरजेंद्र सिंह चौहान, रौन थाना टीआइ नरेंद्र कुशवाह, मछंड चौकी प्रभारी ध्यानेंद्र सिंह यादव मय बल के साथ रवाना हो गए। नदी के दोनों ओर से सर्चिंग कार्य शुरू करवाया गया। इस दौरान भी सफलता नहीं मिलने पर एसडीइआरएफ को बुलाया गया है। मछंड भाजपा मंडल अध्यक्ष मंडल उपाध्यक्ष धीरज गोस्वामी गोलू भी मदद के लिए मौके पर पहुंचे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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