गोरमी(नईदुनिया न्यूज)। माता-पिता की आंखों से जीवन मे सिर्फ दो ही बार आंसू निकलते हैं। एक जब बेटी घर छोड़कर जाती है तब और दूसरा जब बेटा मुख मोड़ता है। भगवान राम ने भी कहा है कि वही पुत्र भाग्यवान होता है, जो माता-पिता के वचनों को मानता है। ऐसे व्यक्ति की मुट्ठी में पुण्य के चारों पदार्थ होते हैं अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष। यह बात गोरमी के वार्ड 10 शिवजी मंदिर परिसर में चल रही भागवतकथा के दौरान कथावाचक राहुल कृष्ण शास्त्री ने कही।

कथावाचक राहुल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि माता-पिता की सेवा से बढ़कर जीवन में कोई सेवा नहीं। इसलिए इंसान को समाज में बड़े बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए। इंसान के अच्छे शुद्ध विचार होने चाहिए अच्छे विचारों वाला इंसान समाज में सम्मान पाता है। अगर भक्ति करना चाहते हो तो घर में प्यार, प्रेम, शांति रखो। उन्होंने इंसानी शरीर का वर्णन करते हुए बताया कि ये तो ऐसा उल्टा कुआं है। इसमें एक धुन लगातार चलती है, लेकिन इस धुन वो सुन सकता है, जिसके बड़े भाग्य हों। उन्होंने बताया कि यदि भक्ति में कामयाबी लेनी है तो नित प्रति का अभ्यास करों। वहीं जो इंसान जीवंत माता-पिता की सेवा करता है, उसे जीवन में हमेशा सुख मिलता है। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति में मन लगाना चाहिए तथा दिल से भगवान को याद करना चाहिए। भगवान की पूजा अर्चना करनी चाहिए, लेकिन माता-पिता को नहीं भूलना चाहिए। कथा सुनने से मन को शांति मिलती है तथा सारे पाप धुल जाते हैं। मनुष्य को अपना कर्म करना चाहिए। फल देना भगवान का काम है। प्रभु ने इंसान को अच्छे कार्य करने के लिए बनाया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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