भिंड। अटेर के परा गांव के पास स्थित क्वारी नदी पर डेम का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी डेम निर्माण में सिंध नदी के रेत का उपयोग नहीं करते हुए चंबल के रेत का उपयोग कर रही है। रविवार को चंबल सेंक्चुरी की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेत का सैंपल लिया। टीम का कहना है कि मामले की शिकायत कलेक्टर से की है। हालांकि डेम निर्माण कर रहे ठेकेदार का कहना है कि वह सिंध नदी के रेत का उपयोग कर रहे हैं।

मालूम हो, कि परा गांव के पास अंबाह जलसंसाधन विभाग द्वारा क्वारी नदी पर 5 करोड़ की लागत से स्टाप डेम का निर्माण किया जा रहा है। डेम बनाने का काम ठेकेदार संजय शर्मा द्वारा किया जा रहा है। डेम निर्माण में नियमानुसार एजेंसी को सिंध नदी का उपयोग करना चाहिए, लेकिन एजेंसी ऐसा नहीं करते हुए प्रतिबंधित चंबल नदी के रेत का उपयोग कर रही है।

टीम ने लिया सैंपल :

शनिवार को चंबल सेंक्चुरी की टीम को सूचना मिली कि डेम निर्माण में चंबल के रेत का उपयोग हो रहा है। रविवार को डिप्टी रेंजर देवेन्द्र सिंह भदौरिया, गेम रेंजर सुखदेवबाबू, वनपाल आरएस तोमर वनपाल, वनरक्षक मनीष त्यागी, राजकुमार दादौरिया, रवीन्द्र धाकड़, अंकित जैन के साथ डेम पहुंचे। यहां रेत के काफी मात्रा में रेत डंप मिला। टीम ने यहां रेत का सैंपल लेकर जांच के लिए मुरैना भेजा है।

घाटों से हो रहा है रेत का उत्खनन :

चंबल सेंक्चुरी कुल 435 किलोमीटर में फैली है। इसमें भिंड जिले में करीब 80 किलोमीटर से निकली है। माफिया मघेरा, अटेर और ज्ञानपुरा घाट से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित क्षेत्रों से रेत का उत्खनन कर रहे हैं। जिससे सेंक्चुरी के जलीय जीवों के लिए खतरा पनप रहा है।

दिन में गड्ढे खोदे, माफिया ने रातोंरात बंद किए :

चंबल सेंक्चुरी की टीम ने 2 दिन पहले अटेर, मघेरा और ज्ञानपुरा क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन रोकने के लिए घाट तक जाने वाले रास्तों पर जेसीबी से गड्ढे खुदवा दिए थे। लेकिन अटेर घाट के रास्ते पर रेत मापिᆬया ने रातों-रात रास्ते पर खोदे गए गड्ढे को बंद कर दिए हैं। टीम ने मामले की शिकायत जिला प्रशासन के आलाधिकारियों से की है।

वर्जन :

माफिया चंबल सेंक्चुरी में अटेर, मघेरा और ज्ञानपुरा घाट से बड़ी मात्रा में रेत का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। इसके अलावा परा के पास क्वारी नदी पर बन रहे डेम में भी चंबल का रेत के उपयोग की सूचना आई थी। रविवार को हमने डेम के पास जाकर रेत का सैंपल लिया है।

विमल शर्मा, बरही घाट प्रभारी चंबल सेंक्चुरी

वर्जन :

हम डेम बनाने के लिए सिंध नदी के रेत का उपयोग कर रहे हैं। चंबल के रेत की सूचना गलत है। चंबल सेंक्चुरी की टीम ने गलत कार्रवाई की है।

संजय शर्मा, ठेकेदार डेम निर्माण

वर्जन :

क्वारी नदी पर बन रहे डेम में चंबल नदी के रेत का उपयोग नहीं हो रहा है। अगर ऐसा है तो हम पता करते हैं।

आरएस कुशवाह, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग अंबाह

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