भिंड, नईदुनिया प्रतिनिधि। हमारे जिला अस्पताल से प्रदेश के नंबर-1 का टैग हट गया है। कायाकल्प अभियान 2018-19 में जिला अस्पताल को तीसरी रैंकिंग मिली है। यानी अब हमारे जिला अस्पताल की पहचान प्रदेश में तीसरे नंबर की होगी। यहां बता दें, कायाकल्प अभियान में जिला अस्पताल को वर्ष 2017-18 में 87.4 अंक मिले थे।

इसके बावजूद नंबर-1 स्थान मिला था। इस बार 92.3 अंक मिले। यानी 4.9 अंक ज्यादा मिले, लेकिन तीसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा। 94 अंक लेकर पहले स्थान पर सतना जिला अस्पताल रहा। 93 अंक हासिल कर जबलपुर जिला अस्पताल दूसरे नंबर पर है। इसको लेकर रविवार दोपहर बाद कलेक्टर छोटे सिंह ने जिला अस्पताल में सीएमएचओ डॉ. जेपीएस कुशवाह के साथ रिव्यू मीटिंग की। यानी नए सिरे से नंबर-1 बनने की तैयारी पर काम शुरू किया गया है।

दिल्ली में मिला टॉप-3 का अवार्ड

कायाकल्प अभियान का अवार्ड समारोह 11 को स्टेन ऑडिटोरियम इंडिया हेवीटेट सेंटर दिल्ली में हुआ। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ.अजीत प्रसाद मिश्रा को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री सुशील चौबे ने तीसरे स्थान का अवार्ड दिया है।

सिविल सर्जन डॉ.मिश्रा का कहना है कि पहले स्थान पर रहे सतना को अस्पताल के कायाकल्प के लिए 50 लाख रुपए मिलेंगे, जबकि तीसरे नंबर पर रहे हमारे जिला अस्पताल को 20 लाख रुपए मिलेंगे। इस रकम को जिला अस्पताल के कायाकल्प पर खर्च किया जाएगा।

यहां बता दें कि इस बार कायाकल्प अभियान में टीकमगढ़ और सतना के जिला अस्पताल की रैंकिंग बहुत खराब हुई है। यह जिला अस्पताल कायाकल्प अभियान में पिछले साल 80 तक अंक लेकर आए थे, जबकि इस बार 50-60 अंक ही मिले हैं। जिला अस्पताल को सबसे पहली बार 72 नंबर पर ही नंबर-1 मिला था। उसके बाद 74 नंबर पर पहला दर्जा मिला। पिछले साल 87.4 नंबर हासिल करने पर प्रदेश में पहले नंबर का अस्पताल होने का गौरव मिला था।

अस्पताल की नई बिल्डिंग ने दिलाया दर्जा

सिविल सर्जन डॉ.अजीत प्रसाद मिश्रा का कहना है कि हमारे जिला अस्पताल की टीम अव्वल दर्जे की है। सभी ने मिलकर कायाकल्प अभियान के लिए जी तोड़ मेहनत की। डॉ. मिश्रा का कहना है कि सतना और जबलपुर में अस्पताल की नई बिल्डिंग बनी है, जिस पर करोड़ों रुपए खर्च हुए हैं। इन दोनों अस्पताल में चमचमाते मार्बल और ग्रेनाइट पत्थर का उपयोग किया गया है। हमारे जिला अस्पताल का भवन वर्ष 1936 में निर्मित हुआ था। इसी भवन को रंग-रोगन करने से पिछले 2 बार से प्रदेश में नंबर-1 का अवार्ड मिल रहा था।

कलेक्टर ने ट्रॉमा सेंटर में की रिव्यू मीटिंग

प्रदेश में नंबर-1 से नंबर-3 मिलने पर कलेक्टर छोटे सिंह, सीएमचओ डॉ. जेपीएस कुशवाह, आरएमओ डॉ. आरएन राजौरिया, डॉ. अनिल गोयल, डॉ. देवेश शर्मा, डॉ. पुलक जैसवानी, डॉ. सतीश शर्मा सहित सभी डॉक्टर और स्टाफ के साथ रिव्यू मीटिंग हुई।

कलेक्टर ने डॉक्टर और स्टाफ से बात कर यह समझा कि जिला अस्पताल को फिर से नंबर-1 बनाने के लिए और क्या प्रयास किए जा सकते हैं। मीटिंग के बाद कलेक्टर ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया, जिसमें 19 काम तय किए गए। इन कामों के होते ही कायाकल्प में रेंकिंग बढ़ेगी।

नंबर-1 बनने के लिए अब यह करेंगे

- नए आईसीयू का निर्माण होगा। पुराने आईसीयू में डायलिसिस यूनिट रहेगी। डायलिसिस के बेड बढ़ाए जाएंगे।

- जिला अस्पताल में नई 2 मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर का निर्माण किया जाएगा।

- जिला अस्पताल अभी 300 पलंग का है। 100 पलंग बढ़ाकर इसे 400 पलंग का किया जाएगा।

- रेडक्रॉस से शव वाहिका वाहन खरीदा जाएगा।

- जिला अस्पताल से निकलने वाले कचरे के लिए गाड़ी खरीदी जाएगी।

- रेडक्रॉस से 2 ऑटोमैटिक रोटी मेकर खरीदे जाएंगे।

- टीबी के मरीजों के लिए नया भवन बनाकर 10 पलंग की सुविधा दी जाएगी।

- जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगाई जाएगी। इसके लिए जगह देखी जा रही है।

- आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन के लिए कार्य बांटे जाएंगे।

- जिला अस्पताल में प्रत्येक वार्ड में मच्छरों को भगाने वाले यंत्र लगाए जाएंगे।

- पानी की समस्या दूर करने के लिए नया बोर खनन कराया जाएगा।

- नालियों को पूरी तरह से कवर्ड किया जाएगा, जिससे मच्छर नहीं पनपें।

- जैविक खाद के लिए काम किया जाएगा। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को सुधारा जाएगा।

कायाकल्प अभियान में हमारे अस्पताल को नंबर तो पहले से ज्यादा मिले हैं, लेकिन सतना और जबलपुर के अस्पताल की नई बिल्डिंग है। वहां के अस्पतालों को इससे ज्यादा नंबर मिले। हमारी टीम प्रदेशभर में अव्वल है। इसीलिए हमारे नंबर ज्यादा आए हैं। डॉ. अजीत प्रसाद मिश्रा, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल भिंड

Posted By: Nai Dunia News Network