भिंड, नईदुनिया प्रतिनिधि। प्रदेश में सबसे जहरीली हवा का टैग हटाने शहर के लोग खुद आगे आए हैं। शहरवासियों ने मिशन स्वच्छ और अन्य संगठनों के माध्यम से मंगलवार सुबह विधायक संजीव सिंह संजू के निवास पर बैठक की। नगरपालिका सीएमओ सुरेंद्र शर्मा की मौजूदगी में बैठक कर जहरीली हवा से लड़ने का प्लान तैयार किया। यहां बता दें, अमेरिका के शिकागो विश्वविद्यालय की शोध संस्था एपिक (एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट एट यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो) ने 31 अक्टूबर को दिल्ली में शोध रिपोर्ट पेश कर बताया कि मध्यप्रदेश में सबसे जहरीली हवा भिंड की है। हवा दूषित होने से यहां के लोगों की उम्र 7.6 वर्ष घट गई है। नईदुनिया ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसी से शहर के लोग आगे आए हैं।

नगरपालिका सफाई पर ध्यान दे, पानी का छिड़काव कराए

विधायक के निवास पर हुई बैठक में शहर के लोगों और समाजसेवियों ने अपने सुझाव दिए। तय किया गया कि पूरे शहर में साफ-सफाई और हवा को शुद्ध करने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत शहर के बस स्टैंड से की जाएगी। शहर के लोग अब वार्ड-वार्ड में लोगों को जागरूक करने के लिए नगर स्वच्छता अभियान चलाएंगे। सप्ताह के प्रत्येक शनिवार और रविवार को यह जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। विधायक ने सीएमओ सुरेंद्र शर्मा से कहा कि नगरपालिका का अमला पूरे शहर की सफाई व्यवस्था पर ध्यान दे।

शहर के मुख्य इलाकों में धूल के गुबार से निजात दिलाने के लिए पानी का छिड़काव कराया जाए। बैठक में नगरपालिका उपाध्यक्ष रामनरेश शर्मा, भिंड नागरिक सहकारी बैंक अध्यक्ष वीरेंद्र जैन, बिहारी स्कूल संचालक राजेश शर्मा, डॉ. शैलेंद्र परिहार, डॉ. डीके शर्मा, भानु प्रताप भदौरिया, दानवीर दीक्षित, गणेश भारद्वाज, राधे गोपाल यादव, सतीश कुशवाह, सुधीर पोरवाल, धीर सिंह कुशवाह, कप्तान सिंह राठौर, अमर सिंह, हरवेंद्र सिंह, आलोक दैपुरिया, राधेगोपाल यादव, संदीप सिंह, सगीर अंसारी, सुधीर पोरवाल बाबा, सतीश सिंह, रामप्रकाश तिवारी, गगन शर्मा मौजूद रहे।

कर्मचारी काम नहीं करें तो उन्हें घर बैठाएं

बैठक में सामने आया कि नगरपालिका में करीब 100 सफाई कर्मचारी ऐसे हैं, जो काम नहीं करते हैं। विधायक ने सीएमओ को इंदौर का उदाहरण देकर कहा कि वहां के नगरनिगम कमिश्नर मेरे मित्र हैं। उन्होंने काम नहीं करने वाले 3 हजार कर्मचारियों को एक दिन में निकाला था। आप 100 कर्मचारी नहीं निकाल पा रहे। विधायक ने कहा कि काम नहीं करने वाले कर्मचारियों को बिल्कुल घर बैठाएं। इनके स्थान पर नए लोगों को मौका दिया जाए, जो शहर को साफ-सुथरा रखने में साथ निभाएंगे।

शिकागो यूनिवर्सिटी ने ऐसे किया शोध

अमेरिका के शिकागो विश्वविद्यालय की शोध संस्था एपिक (एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट एट यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो) की ओर से तैयार की गई वायु गुणवत्ता जीवन सूचकांक (एक्यूएलआई) रिपोर्ट तैयार करने में विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के आधार पर प्रदूषण के दुष्प्रभावों का अध्ययन गया है। संस्था के मुताबिक सूक्ष्म धूलकण पीएम 2.5 की मात्रा 10 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होनी चाहिए। संस्था ने वर्ष 2017 में चीन में शोध किया था। वहां शोध में जो परिणाम आए उसी के आधार पर भारत में सैटेलाइट इमेज से प्रदूषण की स्थिति का आंकलन किया गया। इसी के आधार पर 2 दिन पहले गुरुवार को दिल्ली में यह शोध रिपोर्ट पेश की गई है।

हवा का जहर 25 फीसदी कम तो डेढ़ साल बढ़ेगी उम्र

प्रो. माइकल ग्रीनस्टोन के मुताबिक यदि भारत अपने राष्ट्रीय स्वच्छवायु कार्यक्रम के लक्ष्यों को प्राप्त करने में कामयाब होता है और वायु प्रदूषण में 25 फीसदी की कमी लाने में कामयाब हुआ तो यहां के लोगों की आयु औसतन 1.3 साल तक बढ़ जाएगी। इस तरह हम समझ सकते हैं कि जिले की हवा को शुद्ध करना है तो मिलकर प्रयास करने होंगे। प्रशासन, पुलिस, नगरीय निकाय, पंचायतें और आमजन मिलकर उपाय करें तो आने वाले वर्षों में हम प्रदेश में सबसे खराब हवा के तमगे से निजात पा सकते हैं। इससे औसत आयु भी बढ़ेगी।

शहर के लोगों ने यह सुझाव दिए

- शहर में संचालित महानगरों से खरीदकर लाए गए कंडम वाहनों को चेकिंग कर बाहर किया जाए।

- शहर के मुख्य मार्गों पर रेत के अवैध भंडारों पर नगरपालिका और प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करे।

- शहर का कचरा उचित स्थान पर एकत्रित किया जाए। शहर के वार्डों में नियमित सफाई की जाए।

- शहर के मुख्य मार्गों पर धूल दबाने सुबह 8 बजे और दोपहर में 3 बजे पानी का छिड़काव किया जाए।

- शहर में नियमित और निरंतरता के साथ पौधरोपण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। लोगों को जगरूक करें।

- शहर में सड़कों के कच्चे सोल्डर पर पेवर ब्लॉक लगवाए जाएं।

- शहर के मुख्य मार्गों पर डिवाइडर के बीच में पौधरोपण किया जाए। इनकी नियमित देखभाल की जाए।

- वार्ड की सड़कों को सीसी बनाने के बजाए पेवर ब्लॉक की बनाई जाए।

- शहर में सुबह-शाम सफाई के बाद कचरे में आग लगाने की प्रक्रिया रोकी जाए। नियमित कचरा उठाया जाए।

प्रदेश में भिंड की सबसे जहरीली हवा होना चिंता की बात है। शहर के लोगों के साथ मिलकर नपा को निर्देशित किया है कि नियमित साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाए। साथ ही मुख्य मार्गों पर निर्माण कार्य से धूल उड़ रही है तो वहां नियमित छिड़काव कराया जाए। सभी के साथ मिलकर शहर को स्वच्छ बनाने का काम किया जाएगा।संजीव सिंह संजू, विधायक, भिंड

Posted By: Nai Dunia News Network