भिंड (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के फूफ कस्बे में 2 डेयरियों पर बड़ी मात्रा में सिंथेटिक मिलावटी दूध बनाया जा रहा था। प्रशासन ने छापामार कार्रवाई के बाद यहां से जब्त 6 हजार लीटर मिलावटी दूध नाली में बहाकर नष्ट कराया। एक गोदाम में मिला 70 किलो मिलावटी छैना को भी फिकवाया है। कार्रवाई के दौरान कलेक्टर छोटेसिंह, जिला अभिहित अधिकारी ओमनारायणसिंह, फूड सेफ्टी अधिकारी राजेश गुप्ता आदि मौजूद रहे। जिला अभिहित अधिकारी के मुताबिक सूचना मिली कि फूफ कस्बे से नोवा कंपनी को मिलावटी दूध बनाकर भेजा जा रहा है। बुधवार सुबह 10 बजे सुरपुरा रोड स्थित धीरज डेयरी पर का गेट अंदर से बंद था। टीम की सूचना पर अंदर हड़कंप मच गया। संचालक धीरज भदौरिया के बेटे आशीष भदौरिया ने लगभग आधा घंटे बाद गेट खोला। टीम अंदर का नजारा देखकर अंचभित रह गई। यहां एक टैंकर में करीब 4500 लीटर दूध भरा था।

सिंथेटिक दूध बनाने के लिए 20 बोरी दूध पाउडर, 17 बोरी माल्टोडेक्सट्रिन पाउडर, 18 बोरी दूध पाउडर, हाईड्रोजन के 20 लीटर के 9 केन, 600 लीटर कच्चा पॉम ऑयल, 19 कार्टून रिफाइंड, 20 डिब्बे शैम्पू, 3 बोतल इथनोल सहित अन्य सामान मिला। इसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपए बताई गई है। टीम ने सारा सामान जब्त कर लिया। इसके बाद टीम वार्ड 9 स्थित राजेश डेयरी पर पहुंची। यहां 45 लीटर डालडा, 1500 लीटर दूध मिला। टैंकर में भरे दूध को नाली में बहा दिया।

वार्ड 9 स्थित बघेल छैना भंडार पर 70 किलो नकली छैना तैयार रखे मिले। इसके अलावा 1 टंकी वनस्पति, 15 पैकेट रिफाइंड के मिले। छैना को जब्त कर नष्ट कराया गया। इसी दौरान सूचना मिलने पर भिंड शहर में सिटी कोतवाली के पास दूध लेकर लेकर जा रहे वाहन क्रमांक एमपी 30 जी 1180 को रोककर सैंपल लिया गया। ड्राइवर सोनू पुत्र रामरतन यादव निवासी सपाड ने बताया कि गांवों से दूध एकत्रित कर आईटीआई स्थित गोपाल चिलर पर लेकर जा रहा था।

कलेक्टर ने खुद गर्म होते देखा चरबिग्री पाउडर

सूचना पर कलेक्टर छोटेसिंह भी पहुंच गए थे। कलेक्टर ने डेयरी के अंदर एक भट्टी पर भगौने में दूध में मिलाने के लिए चरबिग्री पाउडर गर्म किया जा रहा था। कलेक्टर बोले घी गर्म हो रहा है क्या? खाद सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यह दूध में फैट बढ़ाने वाला चरबिग्री पाउडर है। कलेक्टर बोले ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

मिलावट के ये हैं नुकसान

हाइड्रोजन परऑक्साइड : आमतौर पर इसका इस्तेमाल घाव साफ करने में होता है। दूध में इस्तेमाल होने से यह कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। अंधापन, आंतरिक घाव होने का खतरा रहता है।

इथनोली कैमीकल : इसका सेवन आमाशय को क्षति पहुंचाता है। एसीडिटी करता है। शरीर में मेलिगनेंसी बढ़ता है, जिससे कैंसर हो जाता है। आंतरिक अंगों में पहुंचकर किडनी, लिवर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।

पॉम ऑइल : इसका इस्तेमाल दूध में झाग बुलबुले बनााने के लिए किया जाताा है। इसके सेवन तंत्रिका तंत्र की संवदनशीलता प्रभावित होती है।

माल्टो डेक्सट्रनि : इसका इस्तेमाल दही बनाने में किया जाता है। दूध में मिठास बढ़ाने में इस्तेमाल किया जाता है। सेवन से छोटी और बढ़ी आंत को नुकसान पहुंचता है। यह छोटी-बड़ी आंत का कैंसर भी बनाता है।

न शैंपू : इसके सेवन से आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंचता है। किडनी को नुकसान पहुंचता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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