भिंड, नईदुनिया प्रतिनिधि। Bhind News : षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश ने नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म करने के दोषी को दोष साबित होने पर 10 साल कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वारदात 2017 की है। सुनवाई के दौरान दोषी ने खुद को झूठा फंसाया जाना बताया था, लेकिन पीड़ित पक्ष की ओर से पर्याप्त साक्ष्य दिए गए। इससे दोषी पर दोष साबित हुआ। एडीपीओ इंद्रेश प्रधान ने बताया कि सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को जिला जेल भिजवा दिया गया है।

यह है पूरी वारदातः

एडीपीओ इन्द्रेश प्रधान ने बताया 12 दिसंबर 2017 को रात में करीब 8:30 बजे नाबालिग किशोर अपने दोस्त के साथ गल्स स्कूल गली में दूध लेने गया था। घर लौटते में लक्ष्मी चौक बिलवार मोहल्ला पुरानी बस्ती निवासी दोषी प्रशांत उर्फ पप्पू शर्मा पुत्र ओमप्रकाश उर्फ नौरंगी शर्मा मिला। दोषी ने कहा कि सामान लेने चलना है तो किशोर और उसका दोस्त दोषी के साथ चल दिए।

दोषी किशोर और उसके दोस्त को लेकर हाट की तरफ जाने लगा। इस पर किशोर का दोस्त तो भाग गया। किशोर और दोषी हाट की ओर चले गए। रात करीब 9 बजे दोषी ने साधना स्कूल के पीछे किशोर से दुष्कर्म किया। किशोर रोने लगा तो दोषी ने उसे किसी से नहीं कहने के लिए कहा।

करीब 15 मिनट बाद किशोर को जाने दिया। किशोर ने अपने चाचा की दुकान पर पहुंचकर उन्हें वारदात के बारे में बताया। परिजन उसे साथ लेकर शहर कोतवाली पहुंचे। कोतवाली में शिकायत कर दोषी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धारा में केस दर्ज किया गया। कोर्ट ने दोषी को दोषी पाते हुए 10 साल कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि पीड़ित को दिए जाने का आदेश दिया है। साथ ही पीड़ित प्रतिकर योजना से भी राहत देने के लिए कोर्ट ने आदेश दिया है।