भिंड। एसपी रूडोल्फ अल्वारेस की विशेष टीम ने देहरा हत्याकांड के मुख्य आरोपित 30 हजार के इनामी करू उर्फ उमेश भदौरिया को दबोच लिया। करू की निशानदेही पर पुलिस ने 315 बोर की बंदूक बरामद की है। यह बंदूक पिछले साल फरवरी माह में न्यायालय के मालखाने से चोरी हुई थी। करू से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके साथी अजय जाटव को पकड़ा है। पूछताछ में करू ने पुलिस को बताया कि 24 घंटे उसे और बाहर रहने दिया जाता तो वह हत्या की वारदात को अंजाम देने वाला था। उसने अपना अगला टारगेट तय कर लिया था। पुलिस के सामने उसने देहरा हत्याकांड का खुलासा कर साथियों के नाम बताए हैं।

महेश की दबंगी से परेशान था करू

सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी अल्वारेस ने बताया करू भदौरिया का देहरा और पूरे इलाके में खौफ था। देहरा गांव निवासी महेश तोमर दबंग व्यक्ति थे, वे गांव में किसी से दबते नहीं थे। सड़क निर्माण कंपनी श्री तोमर के खेत से मिट्टी खोद रही थी। श्री तोमर से करू और फोदल का हत्याकांड से एक दिन पहले ही विवाद हुआ था। 2-3 सितंबर 2019 की रात में करू ने फोदल, अजय जाटव, छिंगे भदौरिया, इमरान खान के साथ मिलकर अंजाम दिया। करू ने श्री तोमर को रात में बुलवाकर पहले बंदूक से गोली मारी। हत्याकर शव को पॉकलेन से कुचलवाकर मिट्टी में दबा दिया था। दूसरे दिन शव मिलने पर श्री तोमर के परिजन सहित ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया था।

दूध कारोबार से अपराध की दुनिया तक

यहां बता दें कि 30 हजार का इनामी बदमाश करू भदौरिया पहले पिता के साथ मिलकर दूध का कारोबार करता था। दूध के कारोबार के दौरान करू की मुलाकात फोदल भदौरिया से हुई थी। फोदल से मिलकर करू शराब सप्लाई का काम करने लगा। यहीं से अपराध की दुनिया में चला गया। पहली वारदात वर्ष 2016 में मुड़ियाखेड़ा में चचेरे भाई के ढाबे को लेकर हुई। इस वारदात के बाद करू कभी गिरफ्तार नहीं हुआ। इसके बाद से करू ने हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और अन्य वारदातों को अंजाम दिया। वर्तमान में करू पर 10 अपराधिक केस हैं।

आगरा के सिकंदरा में परिवार के साथ रहा

पुलिस का कहना है कि करू का पूरा परिवार आगरा जिले के सिकंदारा में रहता है। यहां करू की पत्नी, बच्चे और मां रहते हैं। आगरा जिले के बाह में भी करू की रिश्तेदारी है। वारदात के बाद करू या तो देहरा के बीहड़ में रहता या फिर आगरा के सिकंदरा में परिवार और बाह में रिश्तेदारों के पास जाकर अपना समय काटता था। मुरैना जिले के पोरसा-अंबाह में भी करू ने फरारी काटी। भिंड पुलिस जब करू को बीहड़ में तलाश रही होती, तब वह आगरा जिले में आराम से अपने दिन काटता।

10 हजार किमी दूरी से बना मुखबिर तंत्र

बदमाश करू भदौरिया पहली वर्ष 2016 के बाद पहली बार पुलिस की पकड़ में आया है। करू मोबाइल इस्तेमाल नहीं करता था। जरूरत होने पर राह चलते लोगों से मोबाइल मांगकर कॉल कर लेता। इससे पुलिस का इस तक पहुंचना आसान नहीं था। इसे पकड़ने के लिए पुलिस ने मैनुअल मुखबिर तंत्र खड़ा किया। इसके लिए टीआई शैलेंद्र कुशवाह, एसआई चंद्रप्रकाश चौहान, एसआई शिवप्रताप सिंह ने करीब 10 हजार किमी दूरी तय की। जहां से भी सूचना मिलती, पुलिस वहां पहुंचती। इस तरह महीनों की मेहनत से मुखबिर तंत्र सक्रिय हुआ।

एसपी को कॉल कर पकड़ में आया साथी

महेश तोमर हत्याकांड में पुलिस ने करू के साथी फोदल को भी आरोपित बनाया था। करू की तरह फोदल भी बेहद शातिर था। उसने खुद को निर्दोष बताते हुए करीब डेढ़ दर्जन पुलिस अधिकारियों को कॉल किए। इसी दौरान फोदल ने एसपी रूडोल्फ अल्वारेस को फोन किया। एसपी फोदल की पड़ताल करवा चुके थे। फोदल हत्याकांड में शामिल था। ऐसे में कॉल करते ही एसपी ने फोदल की लोकेशन निकलवाई। एसपी की प्लानिंग से फोदल को पुलिस ने दबोच लिया था।

पहले आरोपित बने लोगों को 7 दिन में राहत

देहरा हत्याकांड में पुलिस ने अटेर रोड निवासी आधा दर्जन के करीब लोगों को आरोपित बनाया था। सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी ने कहा, वारदात में सिर्फ करू भदौरिया और उसके साथी शामिल हैं। पूर्व में जिन लोगों को आरोपित बनाया गया है, उनको अगले 7 दिन में राहत मिलेगी। यहां बता दें, इस हत्याकांड को लेकर अटेर से भाजपा विधायक अरविंद भदौरिया ने पुलिस पर आरोप लगाए थे। वहीं भाजपा के पूर्व विधायक राकेश शुक्ला ने पुलिस पर समाज विशेष के लोगों को गलत फंसाया है।

2 पार्ट में बनी एसपी की विशेष टीम

टारगेट-1 करू भदौरिया को पकड़ने के लिए एसपी ने 2 पार्ट में विशेष टीम बनाई थी। इसमें टीआई शैलेंद्र कुशवाह, एसआई चंद्रप्रकाश चौहान, शिवप्रताप सिंह, सत्येंद्र कुशवाह, एएसआई बीएस तोमर, आरक्षक यतेंद्र सिंह, जुगराज चौहान, सत्येंद्र भदौरिया, सत्येंद्र यादव, अवधेश चौहान, राजवीर कुशवाह, प्रमोद पाराशर, सुनील तोमर, अजय, राहुल तोमर, मृगेंद्र जादौन, गुरुदास, बृजमोहन, आशीष शुक्ला, अनिल जाट, रामवरन, महेश, आनंद, अजय, योगेंद्र, भूपेंद्र शामिल रहे। 30 हजार की इनाम इन्हीं जवानों में बांटी जाएगी।

करू ने इन वारदात को दिया अंजाम

- 21 जनवरी को सतीश कुमार ओझा की दूध की गाड़ी में आग लगाई। टायर में गोली मारीं। ड्राइवर से 10 हजार रुपए लूट लिए।

- 4 जनवरी को रात में करीब 10 बजे सोनू बघेल का अपहरण किया। सोनू किसी तरह से करू के चंगुल से भाग निकला था।

- 8 सितंबर 2019 को रात 8 बजे नेशनल हाइवे पर चौहान ढाबे के पास ट्रक ड्राइवर हरिपाल यादव को गोली मारकर लूटा।

- 2-3 सितंबर 2019 की रात में देहरा निवासी महेश तोमर की गोली मारकर हत्या की। पॉकलेन से शव कुचलकर गड्ढे में दबाया।

- 7 मार्च 2019 को मेवाराम का पुरा निवासी छोटे कुशवाह से टेरर टैक्स मांगा। नहीं मिलने पर फायरिंग कर दहशत फैलाई।

- 23 फरवरी 2019 को न्यायालय के मालखाने से चोरी हुए हथियारों में एक 315 बोर की रायफल करू के पास से बरामद हुई।

- 21 दिसंबर को रात 1110 बजे ढाबे पर खाने के पैसे न देने के विवाद में देशराज सिंह नरवरिया को गोली मारी।

- 26 अप्रैल 2017 को अकोड़ा में रात के समय लगुन के दौरान बृजेंद्र सिंह जादौन की गोली मारकर हत्या की।

- 2016 में देहात थाना पुलिस ने आम्र्‌स एक्ट और जान से मारने की धमकी देने, फायरिंग करने का केस दर्ज किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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