भिंड, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर सहित अंचल में सोमवार को धनतेरस को लेकर बाजारों में तैयारी पूरी हो गई है। इस बार लगभग 101 वर्षों के बाद धनतेरस पर शुभ संयोग बनेगा। शुक्र प्रदोष और ब्रह्मयोग के मिलन से महासंयोग बन रहा है। यह संयोग घरों में समृद्धि लेकर आएगा।

पंडित के मुताबिक 1 नवंबर 1918 को ऐसा संयोग बना था। धनतेरस पर शाम के समय प्रदोष काल में खरीदी करना सबसे मंगल होगा। धनतेरस का त्योहार देवताओं के वैद्य धनवंतरी और लक्ष्मी के खजांची माने जाने वाले कुबेर का दिन है। दीवाली से पहले कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाए। जाने वाले धनतेरस को धनवंतरी त्रयोदशी भी कहा जाता है।

धनतेरस के दिन खरीदी के साथ ही गृहप्रवेश और ऐसे अन्य मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त होता है। धनतेरस के दिन शाम को माता लक्ष्मी व भगवान गणेश की पूजा की जाती है। पीली धातु, कांसे के बर्तन खरीदना धनतेरस पर शुभ माना जाता है। लोग बड़ी संख्या में बाइक और कार भी खरीदते है।

वहीं धनतेरस पर शहर में कई घरों का गृहप्रवेश भी होगा। धनतेरस के लिए बाजार भी सजने लगे है। धनतेरस पर सराफा, इलेक्ट्रॉनिक, रेडीमेड कपड़ों की दुकान के अलावा ऑटो मोबाइल सेक्टर में रौनक रहेगी। धनतेरस के 1 दिन पहले रविवार को बाजार में भीड़ अधिक रही।

व्यापारियों की मानें तो धनतेरस पर जिले में करीब 5 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है। सदर बाजार में ऑटो, चार पहिया वाहन नहीं जा सकें, इसके लिए पुलिस ने परेड चौराहा और गोल मार्केट पर बेरिकेड्स लगाकर जवानों को तैनात किया।

धनतेरस को लेकर अपनी-अपनी तैयारी

सराफा बाजार :

सोने-चांदी के अभूषण की दुकानों पर खरीदारी की अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना है। सिंघई ज्वैलर्स के संचालक टिंकल जैन का कहना है कि इस बार उन्होंने नई डिजायन के मंगलसूत्र, चूड़ी, कान के बाला, छोटे-छोटे टॉप्स और चांदी की पायल, बिछिया की डिमांड अधिक है। इसलिए उनके अलावा अन्य सराफा व्यापारियों ने बाहर से तैयार जेवर मंगवाए हैं। श्री जैन के मुताबिक धनतेरस पर जिलेभर में 80 लाख से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है।

ऑटो मोबाइल :

ऑटो मोबाइल शोरूम संचालकों ने धनतेरस को लेकर पहले से ही दोपहिया वाहनों का स्टाक मंगा लिया है। बाइक खरीदने के लिए लोगों एडवांस में बुकिंग करा ली थी। बजाज, हीरो, होंडा, टीवीएस सहित अन्य ऑटो मोबाइल के शोरूम पर खरीदारों की भीड़ रहेगी। इसके अलावा ट्रैक्टर व चार पहिया एजेंसी पर भी लोगों ने वाहनों की बुकिंग कराई है।

बर्तन की दुकान :

धनतेरस पर सबसे अधिक मांग बर्तनों की रहेगी। बाजार में स्टील के बर्तन के अलावा ओवन, इंडेक्शन कुकर के अलावा टंकी, गिलास, थाली, चम्मचों का सेट की विशेष मांग है। इसके अलावा इस बार बाजार में फ्रेशर ओवर की विशेष डिमांड है।

इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार

इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम पर एलईडी टीवी, होम थिएटर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, पानी फिल्टर के लिए आरो, प्रेस सहित अन्य उपकरणों की मांग विशेष है। इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार से जुड़े मनीष जैन की मानें तो इस बार शहर में 1 करोड़ रुपए का कारोबार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

सजावटी सामान की बिक्री

घर को सजाने के लिए झालर, माला, चाइनीज लाइट, सजावटी फूलों के गुलस्ता बाजार में जगह-जगह दुकानें लगी हुई हैं। स्थिति यह है कि कई लोग तो सड़क पर ही सामान रखकर बेच रहे हैं। सजावटी सामान के थोक विक्रेता मोहनचंद्र जैन का कहना है कि दीपावली तक जिलेभर में करीब 50 लाख रुपए का कारोबार हो जाएगा।

क्यों मनाते हैं धनतेरस

इसी दिन भगवान धनवंतरी अमृत कलश लेकर समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे। इन्हें आरोग्य का देवता कहा जाता है, तथा धन के देवता कुबेर का प्राकट्य प्रदोष काल शाम के समय हुआ था। इस दिन लक्ष्मी कुबेर की पूजा व यमदीप के साथ खरीदारी करना श्रेष्ठ रहता है। पंडित विपिन कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि धनतेरस पर कुबेर के बिना मां लक्ष्मी की पूजा अधूरी रहती है। धनवंतरी हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक देवताओं के वैद्य हैं। उन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना है। इनकी चार भुजाएं हैं। ऊपर की दोनों भुजाएं शंख और चक्र धारण किए हुए हैं, जबकि दो अन्य भुजाओं में से एक में औषधि तथा दूसरे में अमृत कलश है। इनकी प्रिय धातु पीतल हैं।

धनतेरस पर बर्तन खरीदने से होती है 13 गुनी वृद्धि

पंडित भारद्वाज ने बताया कि धनतेरस पर नई वस्तुओं की खरीदारी ही नहीं की जाती, बल्कि दीप भी जलाए जाते हैं। इसके पीछे कई तरह की किवंदतियां हैं। इस दिन प्रवेश द्वार पर व यमराज के लिए जलाए जाने वाले दीपकों के बारे में मान्यता है कि इनकी वजह से घर में अकाल मौत का भय खत्म हो जाता है। धनतेरस पर नए बर्तन खरीदने की परंपरा के बारे में कहा जाता है कि धनवंतरी जब प्रकट हुए थे तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था। इसी के बाद से ही उनके जन्मदिन पर नए बर्तन खरीदने का चलन शुरु हुआ। इस दिन वस्तु खरीदने से उसमें 13 गुणा वृद्धि होती है। दीपावली की रात मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की पूजा करने के लिए लोग उनकी मूर्तियां भी धनतेरस के दिन ही खरीदते हैं।

दक्षिण की ओर यमराज के निमित्त करना चाहिए दीपदान

धनतेरस यमराज से संबंध रखने वाला व्रत है। इस दिन सायं काल घर के बाहर मुख्य दरवाजे पर एक पात्र में अन्ना रखकर उसके ऊपर यमराज के निमित्त दक्षिणाभिमुख दीपदान करना चाहिए। दीपदान करते समय यह मंत्र से प्रार्थना करना चाहिए, मृत्युना पाश हस्तेन कालेन भार्यया सह। त्रयोदश्यां दीपदानात्सूर्यजः पीयतामिति। कार्तिक त्रयोदशी तिथि को समुद्र मंथन के समय भगवान धनवंतरी संसार के समस्त रोगों की औषधियों को कलश में भरकर प्रगट हुए थे। इस कारण इस दिन भगवान धनवंतरी जयंती महोत्सव भी मनाया जाता है।

शुक्रवार को शुभ मुहूर्तः

- शाम को 5 से 6 प्रदोष काल गोधूलि बेला।

- शाम 7ः01 से रात 9 बजे तक वृषभ स्थिर लग्न अति शुभ है।

खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्तः

- सुबह 6ः26 से 10ः30 तक चर, लाभ, अमृत की चौघड़िया।

- दोपहर में 12 से 1ः30 बजे तक शुभ चौघड़िया।

- शाम को 4 से 6 बजे तक प्रदोष काल चरखी चौघड़िया।

- रात में 9 बजे से 10ः30 बजे तक लाभ का चौघड़िया।

पुलिस ने किए सुरक्षा के इंतजाम

धनतेरस पर सदर बाजार में ऑटो और फोरव्हीलर वाहनों को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने खास इंतजाम किए हैं। परेड चौराहा से सदर बाजार में वाहनों को रोकने के लिए बेरीकेड्स लगाकर जवानों को तैनात किया था।

धनतेरस को लेकर शहर में ट्रैफिक जाम नहीं हो इसके लिए इंतजाम किए हैं। सदर बाजार में किसी भी तरह के वाहन को नहीं जाने दिया जा रहा है। नीरज शर्मा , ट्रैफिक प्रभारी, भिंड

Posted By: Nai Dunia News Network

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