गोहद(नईदुनिया न्यूज )।

गोहद में एक दर्जन से ज्यादा गांवों में बिजली नहीं आ रही है। क्षेत्र में करीब 20 दिन पहले तेज आंधी औरा बारिश के कारण कई गांवों में बिजली के खंभे टूट गए थे। तब से कई गांवों में बिजली नहीं आ रही है। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। साथ ही लोगों को अंधेरे में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जबकि ग्रामीण कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

दिन पेड़ों के नीचे बैठकर समय गुजार रहे लोगः

इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। सुबह 9 बजे के बाद ही सूरज तपने लगता है। गर्मी की वजह से लोग घरों में कैद हो जाते हैं और पंखा, कूलर और एसी का सहारा लेकर दिन-रात गुजार रहे हैं। लेकिन गोहद कस्बे में करीब एक दर्जन से ज्यादा गांवों के लोग दिन पेड़ों के नीचे बैठकर समय गुजार रहे हैं। बिजली नहीं आने से घरों में पंखा, कूलर कुछ नहीं चल पा रहे हैं।

20 दिन से गांवों में बिजली नहीं आईः

केदार जाटव, मानसिंह निवासी टुडीला और कल्ली शर्मा, सोनू शर्मा निवासी बरथरा ने बताया कि गोहद में करीब 20 दिन पहले तेज हवाओं के साथ आंधी आई थी। इसी वजह से कई गांवों में बिजली के खंभे तार सहित टूटकर जमीन पर गिर गए थे, इससे गांवों में बिजली नहीं आ रही है। लोग गर्मी की वजह से बीमार हो रहे हैं। स्थानीय लोग कई बार बिजली कंपनी और ऑनलाइन शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं।

पानी के लिए ग्रामीण हो रहे परेशान

गोहद कस्बे के करीब एक दर्जन गांवों में बिजली खंभे टूटने से क्षेत्र में बिजली सप्लाई नहीं हो पा रही है। स्थानीय लोगों को बिजली नहीं होने के कारण पानी के लिए हैंडपंप पर लाइन लगाकर पानी को भरना पड़ रहा है। निजी बोरिंग भी बिजली के अभाव में बंद हैं। लोग पानी भरने के लिए हैंडपंप पर ही निर्भर हैं। कभी तो जल्दी पानी भरने के चक्कर में स्थानीय लोगों में विवाद की स्थिति भी निर्मित हो जाती है।

इन गांवों में बिजली का संकट

कस्बे में आंधी से बिजली की केबल और खंभे टूटने से एक दर्जन गांवों में बिजली संकट बना हुआ हैं। इसमें सर्वा, टुडीले शेरपुर, एंडोरी, ऐंचाया, चंदोखर, शेरपुर, नागौर, बरौना, भौनपुरा, पढ़ाराई, मनोहरपुरा, रते का पुरा, भूरे का पूरा और सुज्जे का पुरा गांव सहित अन्य गांवों के लोग को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। बिजली नहीं होने के कारण स्थानीय रहवासी अपने मोबाइल भी चार्ज नहीं कर पा रहे हैं।

10 हजार लोग अंधेरे में रहने को मजबूरः

क्षेत्र के करीब 10 हजार लोग बिजली कंपनी की लापरवाही के कारण परेशानी को झेलने को मजबूर हो रहे हैं। बिजली कंपनी द्वारा समय पर ही केबल और बिजली के खंभों का मेंटेनेंस हो जाता, तो इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। ग्रामीणों का कहना है कि दिन तो जैसे-तैसे काट लेते हैं, लेकिन रात में परेशानी होती है। रात के समय मच्छरों के कारण ठीक से नींद भी नहीं ले पा रहे हैं। जिसके कारण लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और बच्चों का उठानी पड़ रही है।

वर्जनः

गोहद क्षेत्र में करीब 20 दिन पहले तेज हवाओं के साथ आंधी आई थी, जिसमें हमारे गांव की बिजली के केबल और खंभे टूट गए है। इससे बिजली के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सूरजसिंह, बरथरा निवासी

वर्जनः

गांव में आंधी की वजह से खंभें टूट गए थे। जिसकी ग्रामीणों के द्वारा कई बार अधिकारियों से शिकायत की गइ। लेकिन अधिकारी इस समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं।

रामसहायसिंह, टुड़ीला निवासी

वर्जनः

अगर क्षेत्र में आंधी में बिजली की केबल और खंभे टूट गए हैं, तो हम दिखवाकर उनका मेंटेनेंस कराएंगे। जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

रिहातक अली, डीई बिजली कंपनी गोहद।

फोटो सहित क्रमांक 9,10

Posted By: Nai Dunia News Network

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